ताजमहल कब और किसने बनाया था।

ताज महल के बारे में जितना कहा जाए कम ही है। यदि आपने ताज महल नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा। किसी ने ठीक ही कहा है कि अगर कोई चाँदनी रात में ताज महल की खूबसूरती देख ले तो वो उसे  जिंदगी भर नहीं भूल सकता है। दुनिया में प्रेम और सौन्दर्य की पराकाष्ठा माना जाने वाला ताजमहल विश्व के 7 Wonders में सबसे पहला स्थान रखता है। यमुना नदी के किनारे बना ये ऐतिहासिक स्मारक भारत के पर्यटन का सबसे बड़ा आकर्षण है। लेकिन वो कौन था जिसने इस खूबसूरत ताजमहल को बनवाया और क्यों ताज महल को प्रेम की निशानी कहा जाता है? आइए जानते हैं किसने और क्यों ताजमहल बनवाया था।

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ताजमहल किसने बनाया था

पाँचवें मुग़ल बादशाह शाहजहां  [1592 – 1666] ने अपनी सबसे प्रिय बेगम मुमताज़ महल [April 1593 AD – 17 June 1631 AD] के लिए  ताजमहल का निर्माण करवाया था। ताजमहल का निर्माण उस दौर के सबसे बेशकीमती सफ़ेद संगमरमर पत्थर से किया गया था। ताजमहल को शाहजहाँ ने मुमताज़ महल के मकबरे के रूप में निर्माण करवाया था जहां उसकी लाश को दफनाया जा सके। आज ताजमहल में ही शाहजहाँ और उनकी प्रिय बेगम मुमताज़ महल की कब्रें मौजूद हैं। शाहजहाँ से मुमताज़ महल को 14 संताने हुईं और चौदहवीं संतान के जन्म के समय ही मुमताज़ महल का निधन हुआ था।

 कब और कैसे बना ताजमहल

यमुना नदी के दक्षिणी किनारे पर शाह जहां की देख-रेख में ताजमहल बनाने का कार्य 1632 AD में शुरू किया गया था। 21 वर्षों बाद सन 1653 में ये पूरी तरह बनकर तैयार हो गया था। उस्ताद अहमद लहौरी ताजमहल के प्रमुख Architect थे। वास्तुशिल्प की दृष्टि से देखा जाए तो ताजमहल को Indo-Islamic वास्तुकला की सबसे बड़ी वास्तुशिल्प उपलब्धि माना जाता है। इसकी एक अनूठी खासियत है main platform के चारों ओर मुक्त रूप से खड़ी मीनारें। ये ताजमहल को एक 3 Dimensional प्रभाव प्रदान करती हैं। इसके साथ ही ताजमहल में बगीचे और एक मस्जिद भी मौजूद है। ये एक  perfect symmetrical इमारत है।

1983 से ताजमहल को UNESCO World Heritage Site के रूप में मान्यता प्राप्त है। ताजमहल भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में आगरा जिले में यमुना नदी के किनारे स्थित है। 73 मीटर ऊंचा ताजमहल 17 हेक्टेयर में फैला है। सूर्य की रोशनी के हिसाब से दिन के अलग अलग समय में ताजमहल कई रंगों में नज़र आता है।

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