कर्नाटक का सबसे बड़ा शहर कौन सा है largest city of Karnataka ?

जनसंख्या के आधार पर कर्नाटक का सबसे बड़ा शहर बैंगलोर है। यही नहीं  क्षेत्रफल के आधार पर भी कर्नाटक का सबसे बड़ा शहर बेंगलुरु ही है। बेंगलुरु  कर्नाटक की राजधानी भी है। 2011 की जनगणना के अनुसार बेंगलुरु की जनसंख्या 84,43,675 थी। जनसंख्या (Population) के आधार पर यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा शहर है।

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि क्षेत्रफल के आधार पर भी कर्नाटक का सबसे बड़ा शहर बेंगलुरु ही है। बैंगलोर का area 709 वर्ग किलोमीटर है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि समुद्र तल से ऊंचाई के मामले में बैंगलोर देहरादून से भी ज्यादा ऊंचाई पर बसा हुआ है। इसीलिए यहां पर गर्मियों का प्रभाव इतना ज्यादा नहीं रहता।

बेंगलुरु को सिटी ऑफ लेक भी कहा जाता है ऐसा माना जाता है कि यहां पर 25 बड़े तालाब उपस्थित हैं। आपने आर के नारायण के मालगुडी डेज के बारे में तो सुना होगा वह उपन्यास इसी शहर पर आधारित है।

karnataka ka sabse bada shahar

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में  सबसे पहले अगर  किसी शहर में इलेक्ट्रिसिटी आई थी, तो वह शहर भारत की राजनीतिक राजधानी दिल्ली नहीं थी, वह शहर भारत की व्यवसायिक राजधानी मुंबई भी नहीं था बल्कि वह शहर बेंगलुरु  था।

जी हां 1905 में बेंगलुरु में बिजली आई।  बेंगलुरु अत्यंत धार्मिक शहर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर, मस्जिद, चर्च के मामले में यह शहर पूरे देश में सबसे ज्यादा घनत्व वाला शहर है। बेंगलुरु बुद्धिजीवियों का शहर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि  भारत में नोबेल prize  में नॉमिनेट किए जाने वाले सबसे ज्यादा व्यक्ति इसी शहर से आए हैं ।

इतिहास के परिदृश्य में बैंगलोर

बैंगलोर शब्द बेंगलुरु शब्द का ही एक अंग्रेजी संस्करण है। बेंगलुरु कन्नड़ भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ होता है उबले हुए दानों का कटोरा। इस शहर के उद्गम के विषय में एक कहानी मशहूर है। ऐसा माना जाता है कि होशियाला साम्राज्य के राजा बालला एक बार जंगल में शिकार के लिए गए थे, शिकार करते करते हुए अपना रास्ता भटक गए, काफी समय बीत गया और उन्हें काफी भूख लगी तब उनके लिए एक आदिवासी महिला ने उबले हुए  दाने बनाकर उन्हें दिये, इस तरह  इस जगह का नाम  बेंगलुरु पड़ा। 

परंतु काफी इतिहासकार इस बात से सहमत नहीं दिखते उनका मानना है कि बैंगलोर की स्थापना कैंपे गौड़ा ने की थी। कैंपे गौड़ा को बेंगलुरु का स्थापक माना जाता है।  केंपेगौड़ा विजयनगर साम्राज्य के अंदर एक जमीदार थे।  ऐसा माना जाता है कि उन्होंने एक बार इस जगह पर  कुत्ते को भगाता हुआ खरगोश देखा। 

इसे देखकर वे आश्चर्यचकित हो गए और उन्होंने इस जगह  का नाम रखा “गांडू भूमि”  यह एक कन्नड़ भाषा का  वाक्य है जिसका हिंदी में अर्थ होता है “ नायकों की भूमि ”।  कैंपे गौड़ा ने विजयनगर साम्राज्य के राजा की मदद से यहां पर एक मिट्टी का  किला बनाया। जिसके आसपास यह शहर बसता गया।  बेंगलुरु शहर काफी सारी  लड़ाई का भी  गवाह  रहा।  इस शहर पर कब्जे के लिए टीपू सुल्तान, मराठों और अंग्रेजों के बीच कई लड़ाइयां हुई है।

ऐसा माना जाता है कि यह शहर जागीर के रूप में हैदर अली को  वोडियार राजा के द्वारा दिया गया था।  यहीं से हैदर अली ने दक्षिण भारत में अपने कदम मजबूत किये, उन्होंने  बेंगलुरु को एक सैनिक छावनी में परिवर्तित कर दिया।  बाद में हैदर अली और हैदर अली के बाद उनके बेटे टीपू सुल्तान का मैसूर  साम्राज्य  पर कब्ज़ा  रहा।

टीपू सुल्तान की मृत्यु के पश्चात अंग्रेजों ने  यह शहर  बाकी के मैसूर साम्राज्य के साथ वोडियार  को लौटा दिया।  परंतु 1831 में अंग्रेजों ने उनसे यह शहर वापस से ले लिया। 1881 में एक बार फिर यह शहर अंग्रेजों ने वोडियार  को दे दिया और तब से लेकर भारत की आजादी तक यह शहर उन्हीं के पास रहा ।

पर्यटन की दृष्टि से बैंगलोर

बेंगलुरु का ऐतिहासिक महत्व तो हम आपको बता ही चुके हैं , इसी महत्व को समझने वाले लोगों के लिए बैंगलोर पैलेस, टीपू सुल्तान के किले एवं महल काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।  बेंगलुरु शहर को तालाबों का शहर कहा जाता है और इस शहर को प्रकृति के काफी करीब माना जाता है।  प्रकृति को चाहने वालों के लिए इस शहर में लालबाग बोटैनिकल गार्डन ,  कबन पार्क , होसुर लेक  जैसी जगह हैं ।

इसके साथ यहां का विधानसभा जिसे विधानसौधा  कहा जाता है बहुत ही खूबसूरत इमारत है। हम उम्मीद करते हैं कि अब आपको इस सवाल का जवाब मिल गया होगा कि ,कर्नाटक का सबसे बड़ा शहर कौन सा है जनसंख्या ( Population ) के आधार पर ? इसके साथ ही आपको इस सवाल का जवाब भी मिल गया होगा कि ,कर्नाटक का सबसे बड़ा शहर कौन सा है क्षेत्रफल के आधार पर ?

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