नेपोलियन कौन था ? who was the Napoleon

नेपोलियन बोनापार्ट को कोई यूरोप जीतने के लिए जानता है । तो कोई रशिया में की गई उसकी  भूल के लिए । नेपोलियन को सबसे ज्यादा लोग फ्रांस के सम्राट एवं बेहतरीन युद्ध रणनीतिकार के रूप में  जानते हैं । नेपोलियन का जन्म 5 अगस्त 1769 को Ajaccio में हुआ था । उनके पिता का नाम कार्लो बोनापार्ट था और उनकी मां का नाम रोमालिनो  बोनापार्ट था । नेपोलियन किसी बड़े अमीर परिवार में पैदा नहीं हुए थे इसीलिए उन्होंने सम्राट बनने का सफर अपने भाई के साथ संघर्ष करते हुए  किया ।

अब जब आपको यह पता चल गया कि , नेपोलियन कौन था ?  तो आगे बढ़ते हैं और इस विषय में अन्य जानकारियों से आपको अवगत कराते हैं ।

who was the napoleon

Napoleon का शुरुआती जीवन

नेपोलियन अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए फ्रांस गए । अपनी पढ़ाई पूरी करने के पश्चात वे सेना में भर्ती हो गए और लगातार अपनी काबिलियत के कारण तरक्की पाते गए ।  एक समय ऐसा आया जब उन्हें मेजर जनरल का पद मिल गया । नेपोलियन ने प्रसिद्धि उस समय पाई जब फ्रांस चारों ओर दुश्मनों से घिरा हुआ था और क्योंकि फ्रांस में क्रांति चल रही थी, इसीलिए ऑस्ट्रिया एवं अन्य यूरोपीय ताकत यह मानकर चल रही थी कि फ्रांस को आसानी से हराया जा सकता है । ऐसे समय में नेपोलियन ने बेहतरीन नेतृत्व का प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रिया को हरा दिया एवं फ्रांस के अंदर होने वाले अन्य  विद्रोह को भी कुचल दिया । नेपोलियन की प्रसिद्धि तब और बढ़ गई जब उसने इजिप्ट पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया ।

Napoleon ने  दो बार सत्ता  कैसे हासिल की

यह सब काम करके नेपोलियन  जब  फ्रांस वापस आया तो उसकी काफी प्रसिद्धि बढ़ चुकी थी । तत्कालीन फ्रांस में डायरेक्टरी की सरकार चल रही थी । इस सरकार का तख्तापलट करने की  रणनीति तीन लोगों ने बनाई उनमें से नेपोलियन भी एक था । पहले तो डायरेक्टरी को सत्ता से बेदखल कर इन तीनों ने सत्ता पर कब्जा  कर लिया  और इसके पश्चात कुछ ही दिनों में नेपोलियन ने बाकी दो को हटाकर अपने आपको सत्ता प्रमुख बना लिया । फ्रांस की जनता लगभग दो दशकों से चली आ रही क्रांति के कारण अव्यवस्था से बहुत परेशान थी ।

ऐसे समय में नेपोलियन ने फ्रांस में कानून व्यवस्था कायम  की  जो जनता को पसंद आयी । जनता नेपोलियन के पक्ष में और भी ज्यादा आ गई जब नेपोलियन ने ऑस्ट्रिया का हमला विफल कर दिया । सम्राट बनने के पश्चात नेपोलियन ने कई युद्ध लड़े और जीते । परंतु एक समय ऐसा आया जब इंग्लैंड , प्रशा , रूस और ऑस्ट्रिया की सेना ने मिलकर नेपोलियन की सेना को हरा दिया । नेपोलियन को हराने के पश्चात उन्होंने नेपोलियन को फ्रांस से बेदखल कर दिया और उसे Elba  के Island पर बंदी बनाकर रख दिया गया । परंतु यह नेपोलियन की सत्ता का अंत नहीं था ।

 Elba Island  पर नेपोलियन को रहते हुए केवल 1 साल ही हुआ था, कि एक दिन उन्होंने सही मौका देख इस  Island  से भाग निकलने का Plan  बनाया एवं इसे अंजाम दिया । Island  से भागकर जब पहली बार नेपोलियन फ्रांस के तट पर आया तो लोगों ने उसका स्वागत किया । ऐसा इसलिए था क्योंकि वे लुई 17th  के  राज  से बिल्कुल भी खुश नहीं थे । जब नेपोलियन फ्रांस के तट पर आया था तो उसके पास केवल कुछ अंगरक्षक थे और कुछ नहीं । फिर नेपोलियन फ्रांस की राजधानी की ओर आगे बढ़ता गया । और नेपोलियन को रोकने के लिए तत्कालीन राजपरिवार एक के बाद एक सेनाएं भेजता गया । परंतु वे सभी सेनाएं नेपोलियन को मारना नहीं चाहती थी , क्योंकि उन सभी सेनाओं का गठन भी नेपोलियन ने ही किया था और वे सभी इस बात से परिचित थे कि राज परिवार राज करने के लायक नहीं है और नेपोलियन फ्रांस का नेतृत्व करने के लिए कहीं ज्यादा काबिल है ।

ऐसा करते-करते कुछ दिनों के भीतर ही नेपोलियन एक बार फिर फ्रांस का सम्राट बन गया । इस घटना को March of Napoleon   के नाम से भी जाना जाता है । कई इतिहासकार इसकी तुलना भारतीय   शासक हेमू  के March  से भी करते हैं । नेपोलियन वाटरलू की लड़ाई तक फ्रांस का सम्राट बना रहा और इसके पश्चात एक बार फिर उसे हार का सामना करना पड़ा और एक बार फिर उसे फ्रांस से निकाल दिया गया ।

Napoleon की सबसे बड़ी गलतियां

अभी तक हमने  नेपोलियन की  बेहतरीन रणनीति की बात की है परंतु नेपोलियन ने अपने जीवन में कुछ गलतियां भी की जिसका फल उसे भुगतना पड़ा वे कुछ इस तरह से हैं । नेपोलियन ने स्पेन पर कब्जा कर लिया था और जितने दिनों तक यह कब्जा रहा स्पेन के विद्रोहियों ने फ्रांस की सेना को काफी नुकसान पहुंचाया । यह नेपोलियन की सबसे बड़ी गलतियों में से एक थी । कई लोगों का तो यह मानना है कि स्पेन के नासूर  ने ही नेपोलियन का खात्मा कर दिया । परंतु नेपोलियन की सबसे बड़ी गलती थी  रसिया पर हमला ।

सैकड़ों सालों से कोई भी यूरोपीय शासक रूस पर सफल हमला नहीं कर पाया था । नेपोलियन ने विभिन्न  यूरोपीय शक्तियों को इकट्ठा कर एक बहुत बड़ी सेना बनाई और रूस पर चढ़ाई कर दी । रूस का शासक काबिल था या नहीं परंतु उनका सेनापति अत्यंत काबिल था । रूस के सेनापति को यह बात पूरी तरह पता थी कि अगर वह नेपोलियन की सेना से सीधे लड़ेंगे तो उनकी हार निश्चित है। इसीलिए वे नेपोलियन की सेना पर छापा मार युद्ध करते रहे और जैसे-जैसे नेपोलियन आगे बढ़ता वे पीछे हटते जाते । यही नहीं पीछे हटते हुए वे सारे कुएं के पानी में जहर डाल देते और फसल जला देते ताकि नेपोलियन की सेना को कुछ खाने पीने को ना मिले।

इस रणनीति को Scorched Earth policy  भी कहते हैं ।  नेपोलियन लगातार आगे बढ़ता गया और मास्को पर कब्जा कर लिया परंतु युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ था धीरे-धीरे नेपोलियन को होने वाला नुकसान बढ़ता गया और उसे रूस से वापस लौटने का निर्णय लेना पड़ा । ऐसा माना जाता है कि नेपोलियन जितनी बड़ी सेना लेकर गया था उसका 10% भी वापस नहीं आया । रूस  के युद्ध ने उस भ्रम को तोड़ दिया कि नेपोलियन को हराया नहीं जा सकता । चलिए यह तो हुई नेपोलियन की गलतियां । ऐसी ही अन्य रोचक जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहे।

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