भारत का शीत मरुस्थल कौन सा है?

भौगोलिक तथा प्राकृतिक आधार पर भारत विविधताओं से भरा हुआ देश हैं। यहां के क्षेत्र अलग अलग हिस्सों में फैले हुए हैं इस आधार पर इनकी जलवायु में भी अंतर देखने को मिलता है। भारत में कई नदी, पहाड़, समुद्र, झरने इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं। इसी तरह भारत में बड़े स्तर पर मरुस्थल भी पाए जाते हैं।

मरुस्थल के बारे में ज़्यादातर लोगों का यह सोचना है कि वीरान तथा रेतीले, गर्म मैदान को मरुस्थल कहते हैं लेकिन ऐसा नही हैं। मरुस्थल गर्म होने के साथ साथ ठंडे भी होते हैं। आगे बढ़ने से पहले आसान शब्दो में मरुस्थल को समझें तो यह वैसा स्थान होता है जहां वर्षा की संभावना बहुत ही कम होती है। इस कारण ये वीरान हो जाते हैं तथा बारिश न होने के कारण रेतीली होने की वजह से सूर्य की किरणों के कारण काफी गर्म हो जाते हैं। राजस्थान में बड़े स्तर पर ऐसे मरुस्थल मौजूद हैं।

भारत में अधिकतर मरुस्थल बहुत ही गर्म हैं। लेकिन इनसे अलग एक ऐसा मरुस्थल भी है जो कि ठंडा है। इसके बारे में कम लोगों को पता है। इस लेख में भारत के उसी ठंडे यानी शीत मरुस्थल पर बात की गई है। हम इस आर्टिकल में बताएंगे की भारत का शीत मरुस्थल कौन सा है तथा भारत का शीत मरुस्थल कहाँ स्तिथ है।

आपने लद्दाख की प्राकृतिक खूबसूरती तथा यहां के खूबसूरत मौसम के बारे में ज़रूर सुना ही होगा। इसी क्षेत्र में भारत का ठंडा यानी शीत मरुस्थल भी मौजूद है। भारत का शीत मरुस्थल लद्दाख है। यह भारत का एकमात्र शीत मरुस्थल है। यह एक संरक्षित Area है। इस तरह के संरक्षित शीत मरुस्थल विश्व भर के 120 देशों में 669 है।

लद्दाख – भारत का शीत मरुस्थल

भारत के शीत मरुस्थल की बात करें तो यह हिमालय के पश्चिमी छोर पर मौजूद हैं। यह उत्तर भारत के हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत पड़ता है। यह जम्मू कश्मीर के पूर्वी छोर की ओर पड़ता है। इसके उत्तर में Karakoram Range पड़ता है जबकि दक्षिण की ओर Zanskar पहाड़ पड़ता है। यह वही पहाड़ है जो कि Zanskar को लद्दाख से अलग करता है। इसके अलावा शीत मरुस्थल के रूप में प्रसिद्ध लद्दाख से हो कर कई महत्वपूर्ण नदियां बहती है जिसमें सबसे महत्वपूर्ण सिंधु नदी है।

लद्दाख से बहने वाली नदियाँ काफी गहरी घाटियों से हो कर बहती है। यह लद्दाख की खूबसूरती में चार चांद लगाती हैं। इसके अलावा यहां से कई ग्लेशियर भी निकलते हैं। यहां से निकलने वाले ग्लेशियर में गंगोत्री ग्लेशियर सबसे प्रसिद्ध है।

लद्दाख से जुड़ी अन्य जानकारी

जम्मू और कश्मीर के अंतर्गत आने वाला यह भारतीय क्षेत्र 86,909 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह जम्मू कश्मीर के सबसे अधिक घनी आबादी  वाले क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है। यहां का घनत्व 3.2 प्रति वर्ग किलोमीटर है। 2011 कि जनगणना के हिसाब से लद्दाख की कुल आबादी 2,74,289 थी।  लद्दाख की संस्कृति तथा इतिहास काफी हद तक तिब्बत से मिलता जुलता है। इस कारण यहां की मुख्य भाषा में तिब्बती भाषा ( Tibetan ) भी शामिल है। इसके अलावा लद्दाख में लद्दाखी, हिंदी, बाल्टी भाषा बोली जाती है। इसके अलावा यहां उर्दू भाषा भी बोली जाती है।

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आशा है कि आपको इस बात की जानकारी मिल गयी होगी कि भारत का शीत मरुस्थल कौन सा है साथ ही भारत के शीत मरुस्थल  से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य भी मालूम हुए। अगर आप इससे जुड़ी कोई सलाह देना चाहते हैं या किसी अन्य तरह का सवाल है तो Comment Box में ज़रूर बताएं साथ ही इसी तरह महत्वपूर्ण जानकारी पाते रहने के लिए इस Website से जुड़े रहें।

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