भारत का सबसे बड़ा डाकघर कहां पर है और उसका क्या नाम है।

वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी को बढ़ने के साथ-साथ डाक घर का काम सीमित होता जा रहा है। एक वक़्त होता था जब बच्चा-बच्चा डाकघर के नाम से अवगत रहता था। लेकिन मोबाइल इंटरनेट और वाट्सअप जैसी सुविधाएं आने के बाद डाकघर का काम सीमित हो गया है। पहले हर घर में देश विदेश और रिश्तेदारों द्वारा पत्र का आना और भेजना आम बात थी। लेकिन टेक्नोलॉजी को बढ़ने के साथ साथ ये सब भी कम होता चला गया। अब डाकघर का काम ज़्यादतर बड़े शहरों में या आधिकारिक पत्र या सरकारी विभाग इत्यादि के पत्र और कूरियर सेवा के लिए किया जाता है।

bharat ka sabse bada dakghar koun hai

जब दूर संचार की व्यवस्था नही थी, तब लोगों को खबर एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने में भारतीय डाक का काफ़ी योगदान रहा है। भारत देश में डाकघर का प्रचलन बहुत पुराना है। भारत में सर्वप्रथम डाक व्यवस्था अंग्रेज़ के शासनकाल में लार्ड क्लाइव द्वारा सन 1766 में की गई थी। इसके बाद सन 1774 में अंग्रेज के शासनकाल में ही वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा कोलकाता में पहला डाकघर स्थापित किया गया। ये तो हुई पहले डाकघर की बात लेकिन इसके अलावा भी भारत के अलग अलग हिस्सों में डाकघर मौजूद है। 2014 के एक आंकड़े के अनुसार तब देश भर में कुल 1,54,882 डाक घर थें। इनमें से 89.86% गांव में थे। भारत में मौजूद सभी डाकघरों में सबसे बड़ा डाकघर मुंबई का डाक घर है। इसे General Post Office Mumbai ( GPO Mumbai)  के नाम से जाना जाता है।

General Post Office Mumbai –  देश का सबसे बड़ा डाकघर

  • संक्षिप्त परिचय

भारत का सबसे बड़ा डाक घर General Post Office Mumbai ( GPO Mumbai)  है। इसकी स्थापना सन 1794 ईo में हुआ था। यह डाकघर मुंबई के Chhatrapati Shivaji Terminus area में स्थित है। यह डाकघर मुम्बई का central Post Office भी है। GPO Mumbai देश का सबसे बड़ा डाकघर होने के साथ-साथ यह एक बहुत खूबसूरत इमारत भी है। इसलिए ये लोगो के लिए आकर्षण का केंद्र भी बना रहता है। GPO Mumbai ज़्यादातर शहरों के आने और जाने वाले Parcels and Mail को handle करता है।

GPO Mumbai द्वारा लगभग 50,000 Mail तथा Parcels address पर भेजे जाते हैं। इसके अलावा लगभग 13000 parcels तथा Mail दूसरे डाकघर को भेजे जाते हैं।

GPO मुम्बई में लगभग 50000 स्टाफ काम करते है, जिसमें से 5,000 के लगभग महिलाएं कार्यरत है।

  • GPO Mumbai की इमारत

GPO Mumbai का बिल्डिंग बहुत ही सुंदर है। GPO Mumbai Building का डिज़ाइन मशहूर गोल गुम्बद बीजापुर कर्नाटक पर आधारित है और इसे ब्रिटिश शासन काल में Indo Saracenic स्टाइल में ब्रिटिश Architect John Begg द्वारा सन 1902 में बनवाया गया था। यहां पर बताते चले के Indo Saracenic Style वैसे Architecture डिज़ाइन को कहते हैं,जो मुख्य रूप से अंग्रेज़ Architect द्वारा भारत में बनाए जाने वाले Government या Public building के लिए डिज़ाइन किया जाता था।

यह Building 11000 square feet में फैला हुआ है। इस Building की आधार शिला साल 1904 में रखी गई थी,और इसे complete होने में पूरे 9 साल लग गए थे। इस building को तैयार करने में कुल लागत 18.09 million का आया था। इस building की कुल ऊंचाई 120 फिट है।

इस building के अंदर एक बड़ा सा हॉल है , जिसे “बिज़नेस हॉल” के नाम से जाना जाता है। इस बिज़नेस हॉल में कुल 101 Working Counter है, जहां पर 16 घंटे काम होता है। जहां लगभग रोज़ाना 40,000 costumer को सेवा दी जाती है।

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  1. Pradeep Kumar March 12, 2019

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