भारत का सबसे बड़ा पुल कौन सा एवं किस नदी पर है ?

भारत का सबसे बड़ा पुल ढोला – साढिया (Dhola Sadiya Bridge) पुल है। इस पुल को भूपेन हजारिका सेतु (Bhupen Hazarika Setu) के नाम से भी जाना जाता है। यह पुल ब्रह्मपुत्र नदी की बड़ी सहायक नदियों में   गिनी जाने वाली नदी लोहित नदी (Lohit River) पर बना है। यह पुल भारत के Northeast के 2 राज्यों को आपस में जोड़ती है। यह पुल असम तथा अरुणाचल प्रदेश को आपस में जोड़ता है। भौगोलिक आधार पर देखें तो यह भूपेन हजारिका सेतु उत्तरी असम को पूर्वी अरुणाचल प्रदेश से जोड़ता है।

इस पुल का निर्माण कार्य नवंबर 2011 में शुरू हुआ था। लगातार निर्माण होने के बाद इसका काम 10 मार्च 2017 को पूरा हुआ। इसके बाद 26 मई 2017 को इस पुल को आधिकारिक रूप से आम जनता के लिए खोल दिया गया। इस पुल का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

इस पुल की कुल लंबाई 9.15 किलोमीटर है। इस कारण फिलहाल यह पानी के ऊपर बना भारत का सबसे लंबा पुल है। हालांकि बिहार में बन रहे ऐसे ही एक पुल के निर्माण पूरे होने के बाद इस पुल के नाम से यह रिकॉर्ड हट जाएगा। हालांकि उसके निर्माण पूरा होने में कुछ वर्ष बाकी हैं।

इस पुल की बनावट की बात करें तो इस पुल में कुल 183 पाया है। एक पाया की अधिकतम लंबाई 50 मीटर है। इस पुल की चौड़ाई 12.9 मीटर यानी 42 फिट है। यह पुल असम तथा अरूणाचल प्रदेश को तो जोड़ता ही है, लेकिन इसका महत्व देश के लिए भी काफी अधिक है। इस पुल को ऐसे बनाया गया है जिससे कि इस पुल से हो कर भारी भरकम तोप और टैंकर भी आसानी से गुज़र सकते हैं।

यह पुल 60 टन तक का वजन बड़ी आसानी से उठा सकता है। इसे सेना के अनुकूल बनाने की बड़ी वजह यह है कि बगल में ही चीन है। जहां तनाव बना रहता है। ऐसे में विपरीत परिस्थितियों में इस पुल का उपयोग किया जा सकता है।

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