अब्राहिम लिंकन कितने चुनाव हारे उनके संघर्ष ?

अब्राहम लिंकन अपने राजनीतिक जीवन के दौरान  कितने Election हारे इस विषय में इतिहासकारों के मध्य विवाद है । विभिन्न इतिहासकारों ने अलग-अलग संख्या पर अपना विश्वास जताया है  परंतु ज्यादातर इतिहासकार इस बात पर सहमत हैं कि अब्राहम लिंकन अपने जीवन में 8 Election   हारे थे । आज अब्राहम लिंकन को चुनाव हारने के लिए नहीं बल्कि आधुनिक अमेरिका के निर्माता के रूप में याद किया जाता है ।

अब्राहम लिंकन का जीवन उन लोगों के लिए उदाहरण हैं जो जीवन में आने वाली कठिनाइयों  का सामना करने की वजह हार मानने में विश्वास करते हैं । अब्राहम लिंकन ने अपने जीवन में जितने Election   जीते उससे कहीं ज्यादा  बार उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा परंतु , मैदान छोड़कर भागने की जगह भी  वह मैदान पर डटे रहे और तत्कालीन संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे बड़े पद पर विराजमान हुए । अब जब आपको इस सवाल का जवाब मिल गया कि , अब्राहम लिंकन कितने चुनाव हारे ? तो आगे बढ़ते हैं एवं उनके जीवन के  राजनीतिक एवं Personal संघर्ष से आपको अवगत कराने का प्रयास करते हैं ।

abraham lincoln sangharsh

अब्राहम लिंकन के जीवन में संघर्ष अथवा  Abraham Lincoln’s personal and political struggles

अब्राहम लिंकन के जीवन की शुरुआत में ही उनके परिवार  को उनके घर से निकाल दिया गया जिस कारण से अब्राहम लिंकन को अपने जीवन में बहुत जल्दी ही काम करना शुरू करना पड़ा ताकि वे अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें । इससे पहले कि अब्राहम लिंकन अपना परिवार बसाने की सोच पाते उनकी मां चल बसी । मां की मृत्यु के पश्चात उन्होंने नया Business शुरू किया जो बहुत जल्द ही असफल हो गया , और  एक बार फिर उन्हें किसी और के लिए काम करने जाना पड़ा ।

अब्राहम लिंकन के राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1832 में हुई जब उन्होंने राज्य के Legislator के  चुनाव में हिस्सा लिया जहां उन्हें भारी पराजय का मुंह देखना पड़ा ।  चुनाव में हार ही उनकी इस समय इकलौती परेशानी नहीं थी बल्कि चुनाव में हार के कुछ ही समय पश्चात उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया यही नहीं उन्हें law school  मे दाखिला भी नहीं दिया गया । नौकरी जाने के पश्चात उन्होंने नया बिजनेस शुरू करने का सोचा और इसके लिए उन्होंने अपने दोस्त से  बड़ा कर्ज लिया ।

उनका नया  Business पिछली बार की तरह असफल रहा और इस बार उनके सिर पर इतना कर्जा था कि उन्हें अपने जीवन के अगले 17 साल लग गए इस कर्ज को  चुकाने के लिए ।

अब्राहम लिंकन के जीवन की शुरुआत में ही उनके परिवार  को उनके घर से निकाल दिया गया जिस कारण से अब्राहम लिंकन को अपने जीवन में बहुत जल्दी ही काम करना शुरू करना पड़ा ताकि वे अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें । इससे पहले कि अब्राहम लिंकन अपना परिवार बसाने की सोच पाते उनकी मां चल बसी । मां की मृत्यु के पश्चात उन्होंने नया Business शुरू किया जो बहुत जल्द ही असफल हो गया , और  एक बार फिर उन्हें किसी और के लिए काम करने जाना पड़ा ।

अब्राहम लिंकन के राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1832 में हुई जब उन्होंने राज्य के Legislator के  चुनाव में हिस्सा लिया जहां उन्हें भारी पराजय का मुंह देखना पड़ा ।  चुनाव में हार ही उनकी इस समय इकलौती परेशानी नहीं थी बल्कि चुनाव में हार के कुछ ही समय पश्चात उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया यही नहीं उन्हें law school  मे दाखिला भी नहीं दिया गया । नौकरी जाने के पश्चात उन्होंने नया बिजनेस शुरू करने का सोचा और इसके लिए उन्होंने अपने दोस्त से  बड़ा कर्ज लिया । उनका नया  Business पिछली बार की तरह असफल रहा और इस बार उनके सिर पर इतना कर्जा था कि उन्हें अपने जीवन के अगले 17 साल लग गए इस कर्ज को  चुकाने के लिए ।

 1834 में अब्राहम लिंकन ने एक बार फिर State legislator  का चुनाव लड़ा, जी हां वही चुनाव जो वो 2 साल पहले हार चुके थे परंतु इस बार शायद किस्मत उन पर मेहरबान थी अब्राहम लिंकन ने State legislator  का चुनाव जीता यह उनके जीवन की पहली जीत थी । इस जीत के 1 साल के अंदर ही उन्होंने  विवाह कर लिया । 1838 में अब्राहम लिंकन ने state legislature  के सभापति अथवा Speaker  का चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें भारी पराजय का मुंह देखना पड़ा ।1840 में उन्होंने Elector  का चुनाव लड़ा जिसमें एक बार फिर उनकी हार हुई ।

1843 में अब्राहम लिंकन ने अपने जीवन का अब तक का सबसे बड़ा चुनाव लड़ा उन्होंने कांग्रेस के चुनाव के लिए अपना नामांकन किया परंतु दुर्भाग्यवश इस बार फिर उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा । अब्राहम लिंकन उन लोगों में से नहीं थे जो हार कर घर बैठ जाते उन्होंने अगले चुनाव की तैयारी शुरू कर दी और 3 साल बाद जब एक बार फिर कांग्रेस का चुनाव हुआ तो इस बार अब्राहम लिंकन विजय रहे । परंतु हार अब्राहम लिंकन का पीछा छोड़ने वाली नहीं थी 1848 में जब उन्होंने कांग्रेस के Re-election का चुनाव लड़ा तो उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा ।  1849 में उन्होंने स्टेट  के लैंड ऑफिसर की जॉब के लिए आवेदन दिया परंतु उनका आवेदन reject  हो गया । 1854 में उन्होंने सीनेट का चुनाव लड़ा जिसमें एक बार फिर उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा ।

जैसे-जैसे अब्राहम लिंकन के नाम पर हारों की संख्या बढ़ती जा रही थी वैसे ही वैसे उनका निश्चय दृढ़ होता जा रहा था। 1856 में उन्होंने उप राष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन भरा जिसमें उन्हें 100 से भी कम मत मिले परंतु अब्राहम लिंकन हार नहीं माने 1858 में वे एक बार फिर सीनेट के लिए चुनाव लड़े जिनमें उन्हें एक बार फिर हार से संतोष करना पड़ा ।

 संयुक्त राज्य अमेरिका की राजनीति में  19वीं शताब्दी के मध्य का समय अत्यंत Corruption   का समय माना जाता है यहां पर वे राजनीतिज्ञ ही सफल हो रहे थे जो अपने सिद्धांतों से समझौता करने को तैयार थे । परंतु बार बार इलेक्शन में हार का मुंह देखने के बाद भी अब्राहम लिंकन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करते , वे एक चुनाव खत्म होने के बाद अगले चुनाव की तैयारी में लग जाते थे जैसे कि अभी कुछ हुआ ही नहीं ।

1860  में अब्राहम लिंकन ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा और  जीत का सेहरा उनके सिर बंधा। बीते कुछ सालों से जो लोग अब्राहम लिंकन का बार बार चुनाव हारने के लिए मजाक उड़ाते थे  इस दिन उनके सामने सिर झुका कर खड़े थे ।

संयुक्त राज्य अमेरिका के अब तक के सारे राष्ट्रपतियों में अब्राहम लिंकन को सबसे बेहतरीन राष्ट्रपति माना जाता है जबकि यह बात सत्य है कि  उनके पास राष्ट्रपति का केवल एक कार्यकाल था । इससे पहले कि वे दूसरे कार्यकाल के लिए अपना नामांकन भर पाते उनकी हत्या कर दी गई । अगर अब्राहम लिंकन के जीवन से कोई शिक्षा ली जा सकती है तो वह निश्चय और hard work  की है ।  अब्राहम लिंकन हार की चिंता किए बिना अपने लक्ष्य में लगे रहे और अंत में अपने लक्ष्य को प्राप्त किया । ऐसी ही अन्य रोचक जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहे ।

One Response

  1. misterking September 4, 2019

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