अकबर की मृत्यु कैसे और कब हुई थी ? How Akbar Was Died

अकबर जैसे Intelligent  तथा powerful राजा भारत के इतिहास में कम ही हुये है। मुगल सल्तनत में जितने भी शूरवीर राजा हुये है अकबर का स्थान इनमे भी अग्रणी रहा है। प्रजा के loving राजा की death कैसे हुई ? इस article मे हम इसी subject पर चर्चा करेंगे।

akbar ki mrityu kaise hui

अकबर की मृत्यु का कारण क्या था

अकबर ने अपने जीवनकाल के आधे से ज्यादा years राजा के तौर पर बिताया थे। इस दौरान उन्होंने दक्खन को छोड़कर लगभग पूर्ण भारत को अपने शौर्य तथा बुद्धिमता का जौहर दिखा दिया था। समय के चक्र बहुत जल्दी चला। राजा के सबसे करीबी तथा चहेते बीरबल दुनिया से विदा ले चुके थे। अबुल फजल एवं पृथ्वीराज जैसे वीर भी परलोक सिधार गए थे। राजा ने उस time अपने राज्य का future सोचा, ओर राजा की नियुक्ति का विचार किया, परन्तु उनको कहा पता था कि उनका बेटा सलीम उनके खिलाफ कुरीतियों का चक्रव्यूह रच रहा है। शासन के लालच में आकर सलीम ने विद्रोह छेड़ दिया। जिससे राजा बहुत sad हुये।

यही चिंता राजा को सताने लगी। सलीम प्रायः कोई न कोई चाल से राजा को मारने की सोचता। अपने दोनों बड़े बेटे मुराद मिर्ज़ा एवं दानियाल मिर्ज़ा की मौत राजा के पास एकलौता option सलीम ही था, जिसको वह राज सिंहासन पर बिठा सकता था। ऐसे गंभीर समय मे भी राजा ने धैर्य ना खोते हुये अपने पोते खुर्रम शारजहां को राजा बनाने का plan किया। इस खबर को सुनते ही सलीम ने अपने बेटे को भी जान से मारने का तरीका ढूढ़ना start कर दिया। राजा के समक्ष अब यह एक बड़ी विकट problem थी। इस दशा में राजा ने अपना विचार बदला। अपने बेटे से अत्याधिक प्रेम के कारण वे इसकी सारी गलतियां माफ करते गये। 62 वर्ष की age मे राजा को पेचिश नाम की बीमारी ने घेर लिया। जिसका सलीम ने जान बूझ कोई इलाज नई करवाया। अपने पुत्र के इस Attitude से राजा मानसिक रूप से बेहद प्रताड़ित रहते। दूसरी ओर पेचिश का बीमारी इलाज ना मिलने के कारण अपन रूप विकराल करते जा रही थी।

27 अक्टूबर 1605 की बात है और जगह थी Fatehpur Sikri जब राजा अकबर परलोक सिधार गए। राजा का मकबरा सिकंदरा, आगरा में आज भी देखा जा सकता है।

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