अकबर की कितनी पत्नी थी ? How Many Wives Of Akbar

एक सामाजिक Creature होने के नाते मानव अपने रिश्ते- नातो को एक विशेष महत्व देता है। राजा अकबर के जीवन मे भी इस बात का गहरा प्रभाव था। History में हमने अकसर पाया है कि, राजा अपने नाते रिश्तेदारों के प्रति छली तथा कपटी होते थे, परन्तु अकबर उन सब शासकों के लिए अपवाद थे। इस article मे हम उनकी कितनी Wives थी और उनके प्रति उनका आचरण  कैसा था इसके बारे में जानेंगे।

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अकबर की पत्नियां

मुगल साम्राज्य में ऐसा देखा गया है कि प्रत्येक राजा की अपनी कई रानियाँ होती थी। अकबर भी इस कड़ी में कुछ अलग नही थे। अकबर की कुल सात पत्नियां थी।

  1. Rukaiya sultan begum ( रुकय्या सुल्तान)
  2. Salima sultan begum (सलीमा सुल्तान)
  3. Mariam-uz-zamani (jodha) (जोधा)
  4. Bibi Daulat shad (बीबी दौलत शाद)
  5. Qasima banu begum(क़सीमा बानु)
  6. Bhakkari begum (भक्करी बेगम)
  7. Gauhar un Nissa begum (गौहर उन निस्सा)

राजा की यह सातों रानियाँ अपने आप मे खास तो थी ही, साथ ही अकबर के जीवन मे इनका special महत्व था। अब उनको हम विस्तारपूर्वक जानते है।

  1. रुकैक्या सुल्तान बेगम

अकबर की सात पत्नियों मे रुकैक्या सुल्तान बेगम राजा की पहली पत्नी थी। इनका जन्म 1542 के करीब बताता जाता है। रुकैकया, अकबर के पिता हुमायूँ के सबसे छोटे भाई हिन्दाल मिर्ज़ा की सुपुत्री थी।  इनकी माता बेगम सुलतानम थी। एक इस्लामिक पैगम्बर मुहम्मद की बेटी “Rukkyya bin mohammad” के नाम पर इनका नामकरण किया गया था। रुकैकया बेगम की अकबर के साथ मात्र 9 साल की उम्र में मगनी कर दी गई थी, जो खेलने कूदने की उम्र होती है। महज़ 14 वर्ष की आयु में 1556 मे पंजाब के जालंधर में इन दोनों का विवाह संपन्न करवा दिया गया। चूँकि 14 साल की होने के कारण रानी मे शादी के बाद भी चंचलता रही। 1557 से लेकर 1605 तक 48 साल बेगम मुगल साम्राज्य की महारानी बनके रही। इतिहास मे यह मुकाम rare लोगो को मिलता है। रानी जीवन भर निःसंतान रही, परन्तु इनने अपने पोते, राजकुमार खुर्रम में लालन पोषण में कोई कमी नही आने दी। अकबर से बेगम के संबंध बेहद उच्च दर्ज़े के रहे। 19 जनवरी 1626 को 82 वर्ष की आयु में आगरा मे उनकी मृत्यु हुई थी। काबुल के  Garden Of Babar में इनकी कब्र बनी है।

  1. सलीमा सुल्तान बेगम

अकबर की सात पत्नियों मे दूसरा स्थान बेगम सलीमा सुल्तान का है। जिनका जन्म 23 फरबरी 1539 को हुआ था। सलीमा बेगम की जड़े  तैमूरी राजवंश से जुड़ी थी। इनके पिता Nur-ud-din मिर्ज़ा थे। बेगम के सबके प्रभावित करने वाले गुणों के कारण उनके पिता ने उनकी शादी बैरम खां के साथ रचा दी थी। लेकिन शायद खुदा को यह मंजूर ना था। 1561 मे बैरम खां की हत्या हो गई, जिसके बाद बेगम सलीमा विधवा हो गई। इसके बाद अकबर को क्यो इतिहास में सबसे दरियादिल राजा माना जाता है,  उसका Example सामने आया। सलीमा के विधवा होने के बाद राजा ने उससे विवाह कर लिया और उनको अपनी दूसरी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। अपने राजसी जीवन मे यह रानी भी कभी माँ नही बन सकी। जब रानी 73 साल की थी, तब 15 दिसम्बर 1612 मे परलोक सिधार गई। मन्दरकार बाग़ आगरा में इनकी कब्र है,

  1. जोधा

अगर इतिहास के कुछ पेचीदा मुद्दो को देखा जाए तो जोधा अकबर का स्थान उसमे अग्रणी होगा। फिर बात चाहे जोधा से अकबर के संबंध की हो या फिर दोनों के विवाह की। कुछ लोग दोनों के विवाह को एक राजनैतिक समझौता बताते है। ऐसा कहा जाता है कि जब अकबर भारत के सभी रियासतों पर अपना कब्जा करना चाहते थे। उसी दौरान जब उनने अपना हमला आमेर रियासत पर करने की सोची तब वहाँ के राजा भारमल ने युद्ध मे हिंसा ना करके अपने आप को उनके आधीन कर दिया। इस बात मे कितनी सच्चाई है, इसका ज्ञान वर्तमान में किसी को नही है।

जोधा जयपुर के Rajpoot की देन है। आमेर रियासत के राजा भारमल की वो सबसे बड़ी सुपुत्री थी। इनकी माता का नाम रानी चंपावती था। जोधा का जन्म सन 1542 मे हुआ था। जोधा को हरका बाई, हीर कुंवर नाम से भी जाना जाता था। अकबर से शादी के बाद मुगल साम्राज्य मे  इनको “Mariyam-uz-Zamani के नाम से जानी गई। राजा की जिस बेगम को यह honour मिलता था, इसकी संतान भविष्य में राजा का उत्तराधिकारी बनता था। अपनी पहली दो पत्नियों के निःसंतान रहने के बाद अकबर ने 6 फरबरी 1562 को राजस्थान के सांभर मे जोधा से विवाह रचाया। जोधा की पहली दो संताने हसन एवं हुसैन जन्म के कुछ महीनों बाद ही मर गये। जिसके कारण राजा को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी। परंतु 31 अगस्त 1569 में जोधा ने एक लड़के को जन्म दिया, जिसका नाम सलीम था। सलीम अकबर का प्रियतम पुत्र था। जो बाद में मुगल सल्तनत का राजा जहाँगीर के रूप में जाना गया। एक हिंदू से विवाह रचा के अकबर ने अपनी महानता की यह Example यहाँ भी set किया। जोधा अकबर की प्रेम कहानी को history मे कई मायनों में याद किया जाता है। जोधा की मौत 19 मई 1623 को बताई जाती है।

  1. बीबी दौलत शाद

अकबर की यह बेगम उनकी पहली नज़र के प्यार का परिणाम थी। बात 1562 की थी, अकबर की एक शिकार के दौरान बेगम पर नज़र पड़ी। बेगम की खूबसूरती पर राजा फिदा हो गये। अबुल वासी से पहले से विवाह रचा चुकी बेगम को शाही आदेश का पालन करना पड़ा। अबुल वासी से Divorce दिलाकर अकबर 1562 मे इनसे विवाह रचा लिया। इनके पिता मुबारक शाह थे। राजा को इनसे दो पुत्री प्राप्त हुई। पहली 1572 में जिसका नाम Shakrunissa एवं दूसरी 1582 में जिसको Aram Bano के नाम से जाना गया।

अकबर की अन्य तीन पत्नियों के बारे में इतिहास से जानकारी कम मिलती है। परंतु इनका राजा के जीवन मे विशेष योगदान रहा है।

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