किस राज्य को पहले NEFA के नाम से जाना जाता था ?

अंग्रेज़ी शासनकाल तथा उससे पहले भी देखें तो भारत के कई ऐसे राज्य या जगह हैं, जो उस समय किसी अन्य नाम से जाने जाते थे और मौजूदा समय में किसी अन्य नाम से जाने जाते है। मौजूदा समय में भारत के राज्यों के रूप में प्रसिद्ध राज्य अंग्रेज़ी शासनकाल में डिवीजन में बंटे हुए होते थे। अंग्रेज़ो ने ऐसे क्षेत्र को अलग-अलग नाम दिए हुए थे।

kis rajya ko nefa ke naam se jante the

अंग्रेज़ी शासनकाल में ही एक नाम भारत के उत्तर पूर्वी छोड़ पर मौजूद कुछ हिस्सों के लिए दिया गया था। उत्तर पूर्व के उस छोर को अंग्रेज़ो द्वारा अलग-अलग नाम दिए गए थे। उसी आधार पर 1951 में उत्तर पूर्वी के एक स्थान को उत्तर – पूर्व सीमांत क्षेत्र ( North East Frontier Agency ) का नाम दिया गया था। इसे ही Short में नेफा ( NEFA ) के नाम से जाना जाता था। NEFA अंग्रेज़ी हुकूमत ( British India ) के अंतर्गत आने वाला ही एक हिस्सा था। देश से अंग्रेज़ो के जाने के बाद यानी भारत की आज़ादी के कुछ साल बाद  NEFA के रूप में जाना जाने वाला क्षेत्र भारत के केंद्र शासित राज्य के रूप में अरुणाचल प्रदेश के नाम से भारत में जुड़ गया। NEFA, अरुणाचल प्रदेश के रूप में भारत के साथ 1972 में जुड़ा। तब यह केंद्र शासित राज्य के रूप में शामिल हुए था।

अरुणाचल प्रदेश – पहले NEFA के नाम से जाना जाने वाला राज्य

संक्षिप्त विवरण

1914 में British शासनकाल में असम के दरांग तथा लखीमपुर ज़िले से North East Frontier Tract ( NEFT ) बनाने के उद्देश्य से आदिवासी इलाकों को अलग किया गया। शुरुआत में NEFT दो खण्ड में विभाजित था। एक को Central & Eastern Section का नाम दिया गया, जबकि दूसरे भाग को Western Section कहा गया।

1919 में इन दोनों Section का नाम फिर से बदल दिया गया। Central & Eastern Section का नाम Sadiya Frontier Tract कर दिया गया, जबकि Western Section को Balipara Frontier का नाम दिया गया। इसके अलावा एक और Section  Lakhimpur Frontier के नाम से बनाया गया। यह असम का हिस्सा था।

1937 में एक बार फिर इन Sections की स्तिथि बदली तथा इन सभी को एक साथ मिला दिया गया। तीनो को एक साथ असम प्रांत से बाहर का क्षेत्र ( Excluded Areas of Province of Assam ) का नाम दिया गया। इसके बाद 1943 में एक और Frontier, Tirap Frontier Tract बनाया गया। इसके बाद भी इन क्षेत्रों में नए Frontier बनते रहे तथा उनकी स्तिथि में बदलाव होते रहे। भारत की आज़ादी के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। तब तक यह भारत का हिस्सा नही था।

इसके बाद 1951 में Balipara Frontier, Tirap Frontier, Abor Hills District, Mishmi Hills, तथा नागा आदिवासी क्षेत्र, सभी को एक साथ मिला कर North East Frontier Agency ( NEFA , नेफा ) का नाम दे दिया गया। कुछ साल बाद भी NEFA के नाम में कोई बदलाव किए बिना ही नए Division, Frontier बनते रहे। बाद में ये ज़िले में बदल गए। इसके बाद यह 1972 तक असम का हिस्सा रहा तथा इस पर असम के गवर्नर का शासन रहा।

इसके बाद 21 जनवरी 1972 को असम से अलग हो कर, यह भारत के केंद्र शासित राज्य में शामिल हो गया। इसके बाद 20 फरवरी 1987 को इसे भारत के पूर्ण राज्य का दर्जा मिल गया। अरुणाचल प्रदेश की मौजूदा स्तिथि देखें तो, इसकी राजधानी ईटानगर है। इस राज्य के अंतर्गत 25 ज़िले हैं। अरुणाचल का कुल क्षेत्रफल 83,743 वर्ग किलोमीटर  है। 2011 के जनगणना के अनुसार अरुणाचल प्रदेश की  जनसंख्या 13,82,611 थी।

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