भारत के कानून मंत्री कौन है 2019 ?

2019 में भारत के वर्तमान कानून मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद हैं। श्री रवि शंकर प्रसाद जी भारत के विधि और न्याय मंत्री के साथ-साथ संचार मंत्री भी हैं। वह इस पद पर 19 जुलाई 2016 से पदस्थ है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का पदभार भी उन्ही को दिया गया है जिसके कारण वे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री भी हैं।

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में दूसरे कार्यकाल में उन्हे राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविन्द ने 30 मई 2019 को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई थी। वे सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।

bharat ka kanun mantri kaun hai

रवि शंकर प्रसाद कब से भारत के कानून मंत्री हैं?

श्री रवि शंकर प्रसाद 5 जुलाई 2016 से भारत के कानून और न्याय मंत्री हैं। 2019 में राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबंधन की सरकार बनने के बाद वे दोबारा से भारत के कानून और न्याय मंत्री बने हैं। रवि शंकर प्रसाद से पहले डी०वी० सदानंद गौड़ा भारत के कानून और न्याय मंत्री थे। भारत के प्रथम कानून मंत्री डॉ० भीमराव अंबेडकर थे।

भारत के कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद का परिचय

  • जन्म : 30 अगस्त 1954, जन्म स्थान पटना (बिहार) 
  • पार्टी : भारतीय जनता पार्टी
  • निवास : बुद्ध कॉलोनी, पटना एवं मदर टेरेसा क्रिसेंट, नई दिल्ली 110011
  • शिक्षा : बीए (ऑनर्स), परास्नातक (राजनीति विज्ञान), LL.B. पटना विश्वविद्यालय
  • सांसद : पटना साहिब
  • माता : श्रीमति बिमला प्रसाद 
  • पिता : स्वर्गीय श्री ठाकुर प्रसाद
  • पत्नी : डॉ० (श्रीमती) माया शंकर (विवाह 3 फरवरी 1982) 
  • पुत्र/पुत्री : 2(एक पुत्र और एक पुत्री)
  • जन्म : 30 अगस्त 1954, जन्म स्थान पटना (बिहार)
  • पार्टी : भारतीय जनता पार्टी
  • निवास : बुद्ध कॉलोनी, पटना एवं मदर टेरेसा क्रिसेंट, नई दिल्ली 110011
  • शिक्षा : बीए (ऑनर्स), परास्नातक (राजनीति विज्ञान), LL.B. पटना विश्वविद्यालय
  • सांसद : पटना साहिब    
  • माता : श्रीमति बिमला प्रसाद
  • पिता : स्वर्गीय श्री ठाकुर प्रसाद
  • पत्नी : डॉ० (श्रीमती) माया शंकर (विवाह 3 फरवरी 1982)
  • पुत्र/पुत्री : 2(एक पुत्र और एक पुत्री)

श्री रविशंकर प्रसाद का जन्म 30 अगस्त 1954 को बिहार के प्रख्यात वकील स्वर्गीय श्री ठाकुर प्रसाद के यहाँ पटना, बिहार में हुआ था। उनके पिता बिहार में जनसंघ के संस्थापक थे और 10 वर्षों तक इसके अध्यक्ष रहे। उन्होंने बिहार के राज्य मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री के रूप में भी काम किया था। इस प्रकार रवि शंकर जी को राजनीति उनके पिता से परिवार में ही मिली थी।

श्री प्रसाद अपने जीवन के दौरान एक समर्पित राजनैतिक कार्यकर्ता रहे हैं। वे सत्तर के दशक में बिहार के प्रसिद्ध जेपी  आंदोलन (J.P. Movement) में शीर्ष छात्र नेताओं में से एक थे और बिहार में आपातकाल के खिलाफ लंबे समय तक विरोध किया। आपातकाल के खिलाफ विरोध के कारण उन्हे जेल भी जाना पड़ा। उन्होने छात्र राजनीति में भी गहरा अनुभव लिया है और लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (A.B.V.P.) से जुड़े रहे और इस संगठन में विभिन्न स्तरों पर कार्य भी किया है।

संसद सदस्य होने के अलावा रवि शंकर प्रसाद जी सीनियर एडवोकेट के रूप में सुप्रीम कोर्ट में भी प्रैक्टिस कर रहे हैं। श्री प्रसाद फरवरी 1980 से पटना उच्च न्यायालय में अपनी वकालत की  प्रैक्टिस कर रहे हैं। वे पटना उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के सचिव भी रह चुके हैं।

कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद : कैरियर Ravi Shankar Prasad: Career

  • 1991-95: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा (B.J.Y.M.), बीजेपी की यूथ विंग
  • 1995 के बाद से सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारी समिति, भारतीय जनता पार्टी
  • अप्रैल 2000: राज्यसभा में चयन
  • 2000-2001: सदस्य, पेट्रोलियम और रसायन पर स्थायी समिति; वित्त मंत्रालय के लिए सलाहकार समिति के सदस्य
  • 2001- 2002: कानूनी सेल, भाजपा के राष्ट्रीय संयोजक
  • 1 सितम्बर 2001-29 जनवरी 2003: कोयला और खान मंत्रालय में राज्य मंत्री
  • 1 जुलाई 2002-29 जनवरी 2003: कानून और न्याय मंत्रालय में राज्य मंत्री (अतिरिक्त प्रभार)
  • 29 जनवरी, 2003-मई 2004: सूचना और प्रसारण मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
  • मई 2000-अगस्त 2001 और जुलाई 2004 – अगस्त 2006: सदस्य, नियमों पर समिति (COMMITTEE ON RULES)
  • अगस्त 2004-2006: सदस्य, मानव संसाधन विकास पर स्थायी समिति
  • 26 मई 2014: कानून और न्याय मंत्री और दूरसंचार और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री
  • 5 जुलाई 2016 से: कानून और न्याय मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
  • 30 मई 2019 से: कानून और न्याय मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री; संचार मंत्री; और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री।

1833 में शुरू हुआ विधि और न्याय मंत्रालय (Ministry of Law and Justice )भारत सरकार का सबसे पुराना अंग है। ब्रिटिश संसद द्वारा चार्टर अधिनियम 1833 (Charter Act 1833 )लागू किए जाने के साथ ही इस मंत्रालय/विभाग की शुरुआत हुई थी। भारत के कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने 2019 के लोकसभा चुनावों में पटना साहब लोकसभा सीट से शत्रुघन सिन्हा को हराकर जीत हासिल की थी। 

भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्रालय में तीन विभाग हैं-न्याय विभाग, विधायी विभाग और कानूनी मामलों का विभाग। कानूनी मामलों का विभाग केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों को सलाह देने का कार्य करता है, जबकि विधायी विभाग केंद्र सरकार के लिए प्रमुख कानून के प्रारूप बनाने या तैयार करने का काम करता है।

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