भारत का पहला आईआईटी विश्वविद्यालय कौन सा है ?

IIT अथवा  Indian Institute of Technology अथवा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान , जवाहरलाल नेहरु के द्वारा देखे गए सपने  का फल है जिसके अनुसार उन्होंने कहा था कि भविष्य के भारत के मंदिर स्कूल, कॉलेज होंगे, और भविष्य के भारत का देवता विज्ञान होगा। जहां तक भारत के पहले आईआईटी विश्वविद्यालय की बात है तो इसकी स्थापना 1951 में  तत्कालीन भारतीय सरकार द्वारा की गई थी एवं इसे आज हम आईआईटी खड़कपुर के नाम से जानते हैं ।

इसकी स्थापना 1947 में भारतीय स्वतंत्रता के पश्चात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में छात्रों के प्रशिक्षण के लिए की गई थी ताकि वे भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें । आईआईटी खड़कपुर, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है पश्चिम बंगाल के खड़कपुर में है । आईआईटी खड़कपुर का campus  लगभग 2100 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है ।अब जब आपको इस सवाल का जवाब मिल गया कि ,भारत का पहला आईआईटी विश्वविद्यालय कौन सा है। तो आगे बढ़ते हैं और आपको बताते हैं कि इस महान संस्थान की स्थापना कैसे हुई ।

bharat ka pahla iit vishwavidyalaya

आईआईटी खड़कपुर की स्थापना की कहानी :

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि इसकी स्थापना स्वतंत्रता के पश्चात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में छात्रों के प्रशिक्षण के लिए की गई थी । परंतु इसकी स्थापना की कहानी स्वतंत्रता के पहले ही शुरू हो गई थी । 1946 में सर जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई थी।  जिसका उद्देश्य ऐसे संस्थानों के गठन के लिए अनुशंसा करना था जो द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद तकनीक में आए बदलावों  का सामना करने के लिए भारत को तैयार कर सके । जब यह Committee उचित समय में अपना काम नहीं पूरा कर सकी , तो तत्कालीन स्वतंत्र भारत की सरकार ने एक नई कमेटी का गठन किया जिसका नेतृत्व नलिनी रंजन सरकार कर रही थी ।

इस कमेटी ने इस बात की Recommendation की कि भारत को चार अलग-अलग geography में बांटा जाए और इसमें चार प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की जाए । इस कमेटी ने इस बात का भी  उल्लेख किया कि जो भी संस्थान बनेंगे वे Massachusetts Institute of Technology  अथवा एमआईटी को अपना आदर्श मानेगे और इसी के आधार पर इन संस्थानों का गठन किया जाए । इस कमिटी ने इन चार संस्थानों के गठन के Recommendation  के अलावा इस बात की अनुशंसा भी की कि पूर्व एवं पश्चिम में तुरंत इन संस्थानों पर काम शुरू किया जाए एवं इनके पश्चात उत्तर एवं दक्षिण में संस्थानों की स्थापना की जाए ।

इसी कमेटी  की अनुशंसा के आधार पर सरकार ने काम शुरू किया और भारत के पूर्व में पश्चिम बंगाल में स्थित खड़कपुर में भारत का पहला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान अथवा आईआईटी स्थापित किया गया ।

आईआईटी खड़कपुर के कुछ विशेष छात्र :

वैसे तो अगर हम आईआईटी खड़कपुर से निकलने वाले सफल छात्रों की बात करेंगे तो हमें पूरी किताब लिखनी पड़ेगी पर उनमें से कुछ जिन्हें वर्तमान दौर में आप जानते होंगे इस तरह से । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी पढ़ाई आईआईटी खड़कपुर से ही की थी इसके बाद वे  भारतीय राजस्व सेवा में गए थे ।

अगर दुनिया में टेक्नोलॉजी की बात आती है  या फिर इंटरनेट की बात आती है तो आपके दिमाग में जो कंपनी सबसे पहले आती है उसका नाम है गूगल । इसी गूगल के Chief executive officer का नाम है सुंदर पिचाई  जो आईआईटी खड़कपुर के ही छात्र थे । जैसा कि हम पहले ही कह चुके हैं कि आईआईटी खड़कपुर से  हजारों सफल छात्र निकले हैं। Stay with us  for more informative articles like this .

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