भारत का सबसे बड़ा चिड़ियाघर कहाँ पर है।

चिड़ियाघर की स्थापना का मुख्य उद्देश्य तेज़ी से घट रहे पशु – पक्षियों को बचाना तथा उन्हें संरक्षण देना था। साथ ही चिड़ियाघर के माध्यम से विलुप्त हो रहे प्रजाति की रक्षा और इनकी वृद्धि के लिए इसके अंदर ही समुचित व्यवस्था करना था। इन्हीं सब उद्देश्य के तहत चिड़ियाघर अस्तित्व में आया। इसके साथ ही चिड़ियाघर को इस तरह व्यवस्थित किया गया ही इससे बड़ी संख्या में पर्यटक भी जुड़ने लगे।

bharat ka sabse bada chidiya ghar kaha hai

आज के समय में भारत के अलग अलग हिस्सों में चिड़ियाघर मौजूद हैं। शुरुआती समय में चिड़ियाघर में उचित देखभाल का अभाव था। इस कारण 1992 में Central Zoo Authority की भी स्थापना की गई। इसके बाद स्तिथि बदली और भारत में मौजूद चिड़ियाघर को विश्व स्तरीय बनाने के लिए नियम कानून बनाए गए। मौजूदा समय में भारत में कुल 164 चिड़ियाघर मौजूद हैं। ये सभी World Association of Zoos and Aquariums ( WAZA ) से भी मान्यता प्राप्त है। भारत में मौजूद सभी चिड़ियाघर में से सबसे बड़ा चिड़ियाघर तमिलनाडु के वंडालूर में मौजूद अऋग्णार अन्ना जैविक उद्यान ( Arignar Anna Zoological Park ) है।

अरीगनर अन्ना जूलॉजिकल पार्क – भारत का सबसे बड़ा चिड़ियाघर

  • संक्षिप्त परिचय

अरीगनर अन्ना जूलॉजिकल पार्क भारत का पहला ऐसा Zoo है जिसे की आम जनता के लिए खोला गया था। इस Zoo की शुरुआत तो 1855 में ही हो गयी थी। लेकिन तब इस Zoo को Madras Zoo के नाम से जाना जाता था। 1955 में इसका नाम बदला गया। इसे आम जनता के लिए 24 जुलाई 1985 को खोला गया।

यह चिड़ियाघर 1490 एकड़ मे फैला हुआ है। साथ ही इसके सात 228 एकड़ में फैला एक पशु – पक्षियों के पुनर्वास और बचाव Center भी शामिल है। इस Zoo को आधिकारिक रूप से भारत का सबसे बड़ा चिड़ियाघर घोषित किया गया है। इस Zoo में 2017 के आंकड़े के अनुसार 2302  पशु – पक्षी मौजूद हैं। यहां कुल 169 प्रजातियां हैं। इस Zoo में मुख्य रूप से बाघ, चिता, शेर, जंगली कुत्ता, नील गिरी लंगूर, हिरन, भालू, मगरमच्छ, सांप इत्यादि मौजूद हैं।

पशु – पक्षियों के अलावा Arignar Anna Zoological Park  में बड़ी संख्या में पेड़ पौधे भी मौजूद हैं। यहां लगभग 100 अलग अलग प्रजाति के पेड़ – पौधे मौजूद हैं। इसमें  बड़े बड़े वृक्ष से ले कर अन्य पौधे भी शामिल हैं। इसके साथ ही इस Zoo में विलुप्त होने की कगार पर खड़े विभिन्न 46 प्रजातियां भी मौजूद है।

अरीगनर अन्ना जूलॉजिकल पार्क का इतिहास

पहले भारत के दक्षिण के राज्यों में भी अन्य हिस्सों की ही तरह अलग अलग राजाओं का शासन था। 1854 के समय इस क्षेत्र के नवाब के पास, जिन्हें Nawab of Carnatic कहा जाता था, उनके पास पशु पक्षियों का बड़ा जखीरा था।  1854 में मद्रास के सेंट्रल म्यूज़ियम के डायरेक्टर रहे Edward Green Balfor ने उस नवाब से इन जीवों को दान करने की प्रार्थना की। नवाब ने उनकी बात मानते हुए सब जीव Museum को दान कर दिए।

इतनी बड़ी संख्या में जीवो को रखने के लिए जगह की ज़रूरत पड़ी तो 1855 में मद्रास जू अस्तित्व में आया। Edward Green Balfor ने Museum के साथ ही Zoo की भी शुरुआत कर दी। 1 साल के भीतर ही उनके पास 300 से अधिक जानवर हो गए। फिर इस Zoo को मद्रास कॉर्पोरेशन को दे दिया गया। समय के साथ यह Zoo बढ़ते हुए विशाल होता चला गया और भारत का सबसे बड़ा चिड़ियाघर बन गया।

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