भारत का सबसे बड़ा चर्च कौन सा और कहां पर है।

भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। इस कारण अलग अलग – धर्मों के लोगों के रहने के बाद भी भारतीय संविधान उन्हें बराबरी का हक़ दिलाता है। देश में बहुसंख्यक को जो भी अधिकार मिले हैं वैसे ही अधिकार अल्पसंख्यकों को भी प्राप्त है। देश का कानून सभी धर्मों को अपने अपने धर्म के अनुसार पूजा – पाठ और अपने धर्म को मानने की इजाजत देता है। इस कारण भारत में बड़ी संख्या में सभी धर्मों के धार्मिक स्थल देखने को मिल जाते हैं।

bharat ka sabse bada church kounsa hai

यहां बड़ी संख्या में जगह – जगह मंदिर, मस्जिद, गुरु द्वारा इत्यादि देखने को मिल जाते हैं। साथ ही देश में क्रिस्चियन धर्म के मानने वाले भी रहते हैं। भारत में क्रिस्चियन धर्म के मानने वाले कि संख्या 19.9 Million है। यह देश की आबादी का 1.55 % है। इसलिए उनके धार्मिक स्थल, चर्च भी देखने को मिलते हैं। भारत के अलग अलग हिस्सों में मौजूद सभी चर्च को मिला कर इनकी कुल संख्या 5152 है। मौजूद इन सभी चर्च में से कुछ चर्च काफी पुराने हैं जबकि कुछ का निर्माण हालिया समय में किया गया है। भारत में मौजूद सभी चर्च में से क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा चर्च गोवा में मौजूद है। इस सबसे बड़े चर्च का नाम सी कैथीड्रल ( Se Cathedral ) है।

सी कैथीड्रल – भारत का सबसे बड़ा चर्च

भारत के गोआ में मौजूद यह चर्च देश के पुराने चर्च में से एक है। इस चर्च की नींव 1562 में रखी गयी थी। इसका Design काफी विशाल और भव्य था। इस कारण इस विशालकाय चर्च के निर्माण में काफी समय लगा। 1562 में बनना शुरू हुए इस चर्च का निर्माण 1619 में जा कर पूरा हुआ। इस तरह इसके बनने में काफी साल का समय लग गया। इसे जनता के लिए 1640 में खोला गया।

क्रिस्चियन धर्म भी कई अलग अलग संप्रदायों में बंटा हुआ है। इस आधार पर यह चर्च Roman Catholic संप्रदाय से सम्बंध रखता है। यह चर्च Catherine of Alexandria को समर्पित है। इसका निर्माण Portuguese Gothic वास्तुकला पर आधारित है।

सी कैथीड्रल चर्च की खासियत क्या है।

इस चर्च की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतरीन निर्माण कला तथा इसका आकार है। यह अपने भारी भरकम आकार के कारण ही भारत के सबसे बड़े चर्च में गिना जाता है। साथ ही यह चर्च एशिया के टॉप के चर्च में गिना जाता है। इसके आकर की बात करें तो इसकी कुल लंबाई 250 फिट यानी 76 मीटर है। इस चर्च की चौड़ाई 181 फिट ( 55 मीटर ) है। इस चर्च के बारे में और खास बात यह है कि यहां आने वाले पर्यटक और Visitors को इस चर्च के नियम के अनुसार ही कपड़े पहनने होते हैं।

इस चर्च का निर्माण पुर्तगाली सेना द्वारा 1510 के एक युद्ध में इस जगह काबिज़ सेना पर विजयी पाने के बाद किया गया था। उस समय के यहां के शासक King Dom Sebastiao थे। इन्ही की नेतृत्व में इस चर्च की नीव 1562 में रखी गयी थी। उस युद्ध में जीत के बाद गोआ पर पुर्तगाल की सेना का कब्ज़ा हो गया था। इस चर्च में दो भवन थे जिसमें से एक 1776 में गिर गया। फिर उस गिरे भवन का पुनर्निर्माण नही किया गया।

Leave a Reply