भारत का संविधान कब बनकर तैयार हुआ था। Bharat ka Samvidhan in hindi

भारत का संविधान कब बनकर तैयार हुआ था ? हम इस लेख में इस विषय पर information प्राप्त करेंगे पर इससे पहले हम आपको बता दें कि हम अपने पिछले article में भारत का संविधान किसने लिखा था और भारत का संविधान कब लागू हुआ था इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर चुके हैं। चलिए शुरू करते हैं।

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संविधान कैसे तैयार हुआ था इसके पहले हमारे लिए एक बात समझना बेहद जरूरी है कि आखिर संविधान है क्या ? यह कितने प्रकार का होता है? उसके बाद हम समझेंगे कि भारत में संविधान तैयार कैसे हुआ था?

संविधान एक संसाधन है, जिसके जरिए पूरे देश के शासन को कंट्रोल में रखा जाता है। वैसे तो संविधान के दो प्रकार होते हैं लिखित संविधान और अलिखित संविधान। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहला विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में लिखा गया था और दूसरा सबसे बड़ा लिखित संविधान भारत में लिखा गया था। भारत के संविधान के रचयिता डॉ भीमराव अंबेडकर कहलाते हैं।

लेकिन भारत में संविधान कैसे ? आइए जानते हैं –

बात 1947 की है जब भारत आजाद हुआ था। लेकिन इस आजाद भारत को जरूरत थी एक ढांचे की। क्योंकि आजादी मिलने के बाद इस देश का भविष्य क्या है? यह अभी तय नहीं हुआ था। लेकिन जब भारत ने दूसरे देशों की तरफ देखा और उनसे सीखा कि दूसरे देश अपना देश कैसे चलाते हैं, तब भारत ने सबसे पहले दुनिया के सबसे ताकतवर और सबसे बड़े देश अमेरिका की तरफ निहारा । अमेरिका की तरफ देखने के बाद भारत ने अमेरिका के एजेंडे को फॉलो किया। भारत के पहले अमेरिका एकमात्र देश ऐसा था जिसमें संविधान लिखा गया था और भारत दुनिया का दूसरा देश ऐसा है जिसमें अमेरिका के बाद संविधान लिखा गया है।

उसके बाद 1935 में भारत के अंदर गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट बनाया गया। जिसमें भारतीयों को तमाम अधिकार दिए गए थे । लेकिन इस एक्ट के जरिए भी भारतीयों को संपूर्ण स्वतंत्रता नहीं मिल पाई। तब जाकर 1945 में डॉ तेज बहादुर सप्रू ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान सभी पार्टियों को एकत्रित किया और संविधान का प्रारूप बनाना प्रारंभ कर दिया। लेकिन आजादी की लड़ाई के कारण भारत 1945 में भी अपना संविधान नहीं बना पाया। लेकिन भारत ने 1945 में संविधान का पूरी तरह से प्रारूप बना लिया था और कई जद्दोजहद के बाद 16 जून 1946 को आखिर में यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

ध्यान रखिए इस तारीख को संविधान का प्रस्ताव पारित किया गया था । संविधान लागू अभी भी नहीं हुआ था। इसके बाद भारत में पहली बार 19 दिसंबर 1946 को एक सभा बुलाई गई। इस सभा का नाम संविधान सभा था। इससे ठीक पहले जवाहरलाल नेहरू ने जो कि भारत के पहले प्रधानमंत्री थे । उन्होंने 13 दिसंबर 1946 को संविधान की नीव रख दी थी। इसके बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हो गया और 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को पारित कर दिया गया। इसके ठीक 2 साल 11 महीने 18 दिन के कड़े संघर्ष के बाद डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और उनकी कमेटी ने इस काम को अंजाम दे दिया। यानी कि भारत में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू कर दिया गया।

संविधान की एक प्रस्तावना भी है जिसे हर एक भारतीय को मानना चाहिए

हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी , धर्मनिरपेक्ष,लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को :सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथाउन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिएदृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई0 (मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, सम्वत् दो हजार छह विक्रमी) को एतदद्वाराइस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।

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