भारत में सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान कौन सा है।

भारत एक ऐसा देश है जहां प्रत्येक साल, समय के साथ मौसम भी बदलता रहता है। साल के कुछ हिस्सों में गर्मी पड़ती है तो कुछ समय तक भीषण गर्मी का भी सामना करना पड़ता है तथा कुछ महीनों में भारत में मानसून के आगमन के साथ ही जम कर वर्षा होती है। भारत में वर्षा सभी जगह एक जैसी नही होती है। प्रकति की बनावट के हिसाब से कुछ जगह काफी बारिश होती रहती है तो कुछ दूसरे हिस्से सुखार की मार झेल रहे होते हैं।

bharat me sabse jayada varsha kaha hoti hai

अधिक्तर राज्यों में बारिश साल के एक नियत समय पर होती है। एक बात यह भी है कि हर साल मॉनसून एक जैसा नही  रहता है। साल दर साल बारिश के आंकड़ो में उतार चढ़ाव होते रहते हैं। इन सब से अलग भारत के ही एक राज्य मेघालय में एक ऐसा स्थान भी है जहां साल के अधिक्तर समय वर्षा ही होती है। मेघालय के मौसिनराम ( Mawsynram )  में अधिक्तर समय वर्षा ही होती है जिस कारण मौजूदा समय में यह भारत समेत विश्व का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान है।  इसके अलावा मेघालय का चेरापूंजी भी सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान में शामिल है।

भारत के सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान “मौसिनराम” के बारे में जानकारी

मेघालय के East Khasi Hills ज़िले में स्थित यह गाँव प्राकृतिक रूप से मेघालय के खूबसूरत जगहों में से एक गिना जाता है। यहा साल के अधिकांश समय बारिश हो होती रहती है। इस कारण यह स्थान भारत का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान होने के साथ साथ विश्व के भी सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान में शामिल है।

इस स्थान पर एक साल में औसतन 11,872 मिली मीटर वर्षा  होती है। इसके अलावा साल 1985 में इतनी वर्षा हुई थी के इस गाँव का नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ( Guinness Book of World Record ) में शामिल कर लिया गया। इस रिकॉर्ड के हिसाब से 1985 में यहां 26000 मिली मीटर वर्षा हुई थी। यहाँ मॉनसून भी अन्य जगहों के मुकाबले अधिक समय तक रहता है। मौसिनराम के तापमान की बात करें तो अधिक्तर समय वर्षा होने के कारण यहां का तापमान सामान्यतः 10 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहता है।

मौसिनराम के अलावा मेघालय में स्थित चेरापूंजी एक समय सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान में गिना जाता था। लेकिन मौसिनराम में हुई अधिक वर्षा ने चेरापूंजी से सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान का Record छीन लिया। इसके बाद भी अब भी माना जाता है कि सबसे अधिक वर्षा के All Time Record की बात करें तो यह Record अब भी चेरापूंजी के ही नाम दर्ज है। यहां साल में सबसे अधिक या कहें कि साल के 12 महीने बारिश हो होती रहती है।

चेरापूंजी का औसत वर्षा 11.777 MM मापा गया है। चेरापूंजी के नाम विश्व भर में किसी एक साल में सबसे अधिक वर्षा होने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। यहां साल में सबसे अधिक वर्षा 1860 – 61 में हुई थी। उस समय यहां 26,461 MM बारिश हुई थी। मेघालय के इन स्थानों पर सबसे अधिक वर्षा होने का मुख्य कारण यहां बड़ी संख्या में पहाड़ों का होना है।

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