भारत का सर्वोच्च पुरस्कार कौन सा है।

भारत में लोगों के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाओं और देश के प्रति योगदान को देखते हुए उन्हें सरकार की ओर से उन्हें सम्मान के रूप में विभिन्न पुरस्कार दिए जाते हैं। भारत में सरकार की ओर से दिए जाने वाले पुरस्कारों में मुख्यतः पद्मभूषण, पद्मश्री, पद्म विभूषण इत्यादि पुरस्कार दिए जाते हैं। इन सब पुरस्कार के अलावा भी एक पुरस्कार भारत रत्न, भारत सरकार की ओर से दिया जाता है जो कि देश का सबसे बड़ा पुरस्कार है। यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को दिया जाता है।

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भारत रत्न – भारत का सर्वोच्च पुरस्कार

  • संक्षिप्त परिचय

देश में भारत रत्न पुरस्कार की शुरुआत 1954 में हुई थी। 2 जनवरी 1954 को भारत के राष्ट्रपति ऑफिस की ओर से दो पुरस्कार की घोषणा की गई। उस समय दो पुरस्कार की घोषणा की गई थी। एक भारत रत्न, जो कि सबसे सर्वोच्च पुरस्कार है और दूसरे पुरस्कार के रूप में पद्म विभूषण की घोषणा की गई थी। पद्म विभूषण को तीन अन्य स्तर में बांटा गया है। इसके अंतर्गत पहला वर्ग, दूसरा वर्ग और तीसरे वर्ग में बांटा गया था। ये पुरस्कार भारत रत्न के बाद देश का द्वितीय स्तर का पुरस्कार है।

पहले भारत रत्न पुरस्कार सिर्फ कला, साहित्य, विज्ञान और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले को देने का प्रावधान था। इसके बाद 2011 में सरकार ने इस नियम में बदलाव करते हुए किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को देने का प्रावधान किया गया। भारत रत्न पुरस्कार के लिए सिफारिश प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति से की जाती है। यह पुरस्कार एक साल में ज़्यादा से ज़्यादा तीन लोगों को दी जा सकती है।

इस पुरस्कार की शुरुआत 1954 में होने के बाद यह पुरस्कार पहले साल यानी 1954 में तीन लोगों को दिया गया था। इनमें C. Rajagopalachari, Sarvepalli Radhakrishnan और C V Raman को दिया गया था। Chakravarti Rajagopalachari एक राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी, वकील और इतिहासकार थे। C Rajagopalachari देश के अंतिम गवर्नर जनरल थे। Sarvepalli Radhakrishnan  एक जाने माने शिक्षाविद तथा राजनेता थे जबकि C V Raman वैज्ञानिक थे। इन तीनो को अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए दिया गया था। इस पुरस्कार के शुरू होने के बाद से अब तक 45 लोगों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है। इनमें से 12 लोगों को यह पुरस्कार उनकी मृत्यु के पश्चात दिया गया था।

भारत का यह सर्वोच्च पुरस्कार अधिक्तर भारतीयों को ही दिया जाता है। लेकिन कुछ मौकों पर दूसरे देश की नागरिकता वाले व्यक्ति को भी यह पुरस्कार दिया गया है।  Mother India को यह पुरस्कार दिया गया था जो कि एक Naturalized Citizen थी। दो बार यह पुरस्कार दूसरे देश की नागरिकता वाले व्यक्ति को दिया गया था। पाकिस्तान की नागरिकता रखने वाले खान अब्दुल गफ्फार खान को यह पुरस्कार दिया गया। खान को आज़ादी की लड़ाई में अहम योगदान के लिए जाना जाता है। आज़ादी से पहले तक यह कॉंग्रेसी पार्टी के बड़े नेता थे। आज़ादी के बाद यह पाकिस्तान चले गए। इसके बाद दक्षिण अफ्रिक के राष्ट्रपति रह चुके नेल्सन मंडेला को भी यह पुरस्कार दिया गया है।

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