सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है ?

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। चलिए आपको इस सवाल का जवाब तो मिल गया कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है? आपको इस पद के बारे में और किसी व्यक्ति की सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति कैसे की जाती  है ,समझाते हैं ।

वर्तमान में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या Chief justice रंजन गोगोई है । आपको यह जानकर अत्यंत आश्चर्य होगा कि भारतीय संविधान में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को किस तरह से चुना जाना है इसकी कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है। आर्टिकल 124-1 केवल यह कहता है कि  सर्वोच्च न्यायालय का एक मुख्य न्यायाधीश होना चाहिए ।

अब आप सोच रहे होंगे कि अगर  इस बात को लेकर कोई कानून नहीं है तो भारत में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का चुनाव किस तरह से होता है, तो इसका जवाब बहुत सरल है इस बात को लेकर कोई कानून नहीं है पर एक परंपरा है जिसका  हमेशा से पालन किया जाता है । जब भी कोई  वर्तमान मुख्य न्यायाधीश सेवानिवृत्त   होने वाला होता है तो उसके  पश्चात  आने वाले सबसे Senior  जज को , मुख्य न्यायाधीश बनाने के लिए अनुशंसा की जाती है  उसी के अनुसार राष्ट्रपति  मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते हैं ।

यह प्रक्रिया कुछ इस तरह से है। सबसे पहले कानून मंत्री वर्तमान मुख्य न्यायाधीश से अगले मुख्य न्यायाधीश का नाम मांगते हैं। मुख्य न्यायाधीश Collegium से सलाह मशवरा करके  अगले मुख्य न्यायाधीश का नाम वापस से कानून मंत्री के पास भेज देते हैं । कानून मंत्री इस नाम को प्रधानमंत्री तक भेज देते हैं और फिर प्रधानमंत्री राष्ट्रपति महोदय से मिलकर उनको इस नाम  की अनुशंसा देते हैं । इसके पश्चात राष्ट्रपति  अगले मुख्य न्यायाधीश को  शपथ दिलाते हैं।

आपको एक मजेदार बात बताते हैं जैसा कि आप समझ ही चुके हैं कि सबसे सीनियर मोस्ट जज को मुख्य न्यायाधीश बनाया जाता है ऐसी ही स्थिति पिछले मुख्य न्यायाधीश के समय भी थी परंतु उस समय एक समस्या आ गई थी । जस्टिस चेलमेश्वर और जस्टिस दीपक मिश्रा ने एक ही दिन सुप्रीम कोर्ट जॉइन किया था इस हिसाब से उन दोनों की नियुक्ति एक ही दिन हुई थी परंतु जस्टिस मिश्रा ने पहले रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे और जस्टिस चेलमेश्वर ने बाद में रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे इसीलिए जस्टिस दीपक मिश्रा को सीनियर माना गया और उन्हें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

सरल शब्दों में कहा जाए तो जस्टिस दीपक मिश्रा जस्टिस चेलामेश्वर से कुछ घंटों के ही सीनियर थे।  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और अन्य जजों में यह फर्क होता है कि चीफ जस्टिस मास्टर ऑफ रोस्टर होता है , अर्थात किस जज के पास कौन सा केस जाना है वह चीफ जस्टिस ही नियुक्त करते हैं और चीफ जस्टिस ही यह तय करते हैं कि  किस बेंच में कितने सदस्य होंगे और वे सदस्य कौन कौन होंगे ।

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