भारत के पहले भारतीय सेना अध्यक्ष कौन थे।

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की सेना भी विश्व के बड़े सेनाओं में गिनी जाती हैं। भारतीय सेना का गठन 1 अप्रैल 1895 को हुआ था। भारतीय सेना के Supreme Commander राष्ट्रपति होते हैं। इसकी कमान सेना अध्यक्ष के पास होती है। भारत की आज़ादी से पहले सेना के अध्यक्ष, अलग अलग हुए करते थे। आज़ादी के बाद शुरुआती कुछ महीने तक भारतीय सेना के प्रमुख ब्रिटिश अधिकारी ही रहे थे।

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भारतीय सेना को पहला भारतीय सेना अध्यक्ष आज़ादी के कुछ ही महीने बाद हुए भारत – पाकिस्तान युद्ध के समय 1947 में मिला। तब सेना अध्यक्ष के रूप में कोडंडेरा मडप्पा करियप्पा (Kodandera Madappa Cariappa) नियुक्त किए गए। सामान्यतः  इन्हें एम करियप्पा या K M Cariappa के नाम से जाना जाता है। करियप्पा अपने समय क्व बहुत ही जांबाज सिपाही थे साथ ही विश्व युद्ध में भी भाग ले चुके थे।

के. एम. करियप्पा – भारतीय सेना के पहले भारतीय सेना अध्यक्ष

  • संक्षिप्त परिचय

करियप्पा का उपनाम कीपर था। इनका जन्म 28 जनवरी 1899 को हुआ था। मृत्य 94 साल की उम्र में 15 मई 1993 को हुआ था। इन्होंने आर्मी 1919 में जॉइन की और 1953  में सेवानिवृत्त हुए। करियप्पा भारतीय सेना की सबसे ऊंची माने जाने वाले Rank तक पहुंचने वाले सैनिक में भी शामिल रहें।

सेना में सबसे ऊंचा Rank Field Marshal का होता है। इसे Five Star Rank भी कहते हैं। करियप्पा को 1986 में ये Rank दिया गया। Five Star Rank भारत में अब तक केवल दो लोगों को ही मिला है। Five Star Rank को पाने वाले सैनिक को आजीवन ड्यूटी पर रहने वाले सैनिक में गिना जाता है। सेना में रहते हुए एम करियप्पा विश्व के कई देशों में जा कर अपनी सेवाएं दी। इंहोने 1941 से 1942 तक इराक़, ईरान तथा सीरिया में अपनी सेवाएं दी। इन देशों में उनकी ये पोस्टिंग दूसरे विश्व युद्ध के ही दौरान की गई थी। 1943 से 1944 तक करियप्पा बर्मा में भी रहे।

इन देशों के अलावा भी करियप्पा अलग अलग देशों का दौरा कर चुके थे। 1925 में यह यूरोप, अमेरिका, जापान और चीन के दौरे पर भी जा चुके थे। उन देशों में जा कर इन्होंने युद्ध संबन्धित कई नए तकनीक की शिक्षा हासिल की।

देश की आज़ादी के बाद करियप्पा को Major General के पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद इन्हें सेना का उप प्रमुख भी बनाया गया। नवंबर 1947 में इन्हें प्रमोशन देते हुए Lieutenant General Rank दिया गया। इसके साथ ही इन्हें पूर्वी सेना का कमांडर भी नियुक्त कर दिया गया।

आज़ादी के कुछ  समय बाद ही  पाकिस्तान के साथ कश्मीर में युद्ध शुरू हो गया। इस युद्ध मे इन्हें बड़ी जिम्मेदारी दो गयी। इन्होंने पाकिस्तानी सेना को इन इलाकों से पूरी तरह बाहर करने के तहत कई हमले किए। इन्होंने Kipper, Easy और Bison नाम से आर्मी ऑपरेशन चलाए और इसके द्वारा हमले करते हुए कश्मीर के कई बड़े इलाके पर कब्ज़ा कर लिया। भारतीय सेना एम करियप्पा के नेतृत्व में Kashmir से पूरी तरह पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने में लगी ही हुई थी। इसी बीच अमेरिका की मध्यस्थता से भारतीय सेना को अपने कदम रोकने पड़े थे।

  • एम. करियप्पा को मिले पुरस्कार

अपने सैनिक जीवन में बहादुरी के बेमिसाल नमूना पेश करने वाले एक करियप्पा को कई बड़े इनाम मिले। इनमें प्रमुख रूप से General Service Medal 1947, Indian Independence Medal, ब्रिटेन सेना को मिलने वाला Order of the British Empire, Indian Service Medal, Burma Star इत्यादि शामिल है।

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