भारत की पहली महिला वैज्ञानिक कौन है। First woman scientist of india

भारत की पहली महिला वैज्ञानिक का नाम असिमा चटर्जी है। Asima Chatterjee का जन्म 23 सितंबर 1917 को कोलकाता में हुआ था। इनका जन्म एक शिक्षित परिवार में हुआ था। इस कारण जब लड़कियों को पढ़ाने का चलन काफी कम था, फिर भी इनके माता – पिता ने इन्हें उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित किया। असिमा चटर्जी के माता का नाम Kamala Devi तथा पिता का नाम Indra Narayan Mukherjee था। ये दोनों ही पेशे से डॉक्टर थे ।

असिमा चटर्जी की शुरुआती शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही हुई। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए  University of Calcutta गईं। यहां से 1938 में इन्होंने Organic chemistry में मास्टर डिग्री हासिल किया। इसके बाद कुछ साल अन्य कार्यों में लगी रहीं। फिर कुछ समय बाद पढ़ाई शुरू की और 1944 में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर ली। असिमा चटर्जी भारतीय इतिहास की पहली महिला हैं, जिन्होंने Doctorate of Science की डिग्री हासिल की थी। इन्होंने यह डिग्री पौधों से प्राप्त होने वाले पदार्थों पर Research कर के प्राप्त किया था।

bharat ki mahila mahila vaigyanik naam

इसी के बाद इन्ही रिसर्च के दम पर चिकित्सा और केमिस्ट्री के क्षेत्र में अपना नाम अमर कर गयीं। इन्होंने पौधों से प्राप्त होने वाले Products पर रिसर्च करते हुए कई तरह की दवाइयों का निर्माण कर चिकित्सा जगत में काफी बड़ा नाम बन गईं। इन्होंने मुख्य रूप से Anti convulsive Drugs, मलेरिया की बीमारी के लिए Anti malarial Drugs तथा Chemotherapy drugs की खोज की। इन्हीं खोज के कारण इन्हें भारत की पहली महिला वैज्ञानिक यानी First Female Scientist of India माना जाता है। इसके अलावा इन्होंने अपने जीवन का लगभग 40 साल पौधों से प्राप्त होने वाले Products पर ही रिसर्च में बिताया।

इस दौरान असिमा चटर्जी ने कई विश्वविद्यालयों में बतौर प्रोफेसर भी पढ़ाया।  यह Chemistry की प्रोफेसर रही थीं। इनकी उपलब्धियों को देखते हुए भारत के राष्ट्रपति ने इन्हें राज्यसभा सांसद के रूप में भी नामित किया था। यह 1982 से 1990 तक राज्य सभा सांसद रही थीं। इनकी मृत्यु 22 नवंबर 2006 को 89 वर्ष की उम्र में हुआ थ।

Read also :-

Leave a Reply