भारत की प्रथम महिला IPS कौन थी ?

भारत देश के इतिहास से ही हम कई होनहार, बुद्धिमान तथा ज्ञानी महिलाओ के बारे में पढ़ते आ रहे है। देश मे जब जब महिलाओ को कम आँका गया, उन्होने आगे आकर इन गलत अवधारणाओ को मुँह तोड़ जवाब दिया है। प्रतिस्पर्धा को कोई भी क्षेत्र क्यों ना हो, वर्तमान समय मे महिलाओ की भागीदारी पुरुषों के समान है। वह विभाग चाहे सेना का हो या विज्ञान का, महिलाओ की हिस्सेदारी उसमें समान रूप से मौजूद मिलती है। इसी कड़ी में एक पद पुलिस का होता है, जिसे हम IPS (Indian Police Service) कहते है। इस article मे हम देश की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी के बारे में जानेंगे।

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भारत की प्रथम महिला IPS

121 करोड़ की आबादी वाले इस देश की प्रथम महिला आईपीएस बनने का श्रेय किरन बेदी को मिला। इस नाम से आप कई बार परिचित हो चुके होंगे, परन्तु यह बात बहुत ही काम लोगो को मालूम है कि, किरन बेदी ही देश की प्रथम महिला IPS है। समाज मे कई महत्वपूर्ण कार्य करने वाली किरन एक नेता, टेनिस खिलाड़ी, तथा एक IPS के पद पर काम कर चुकी है। वर्तमान समय मे भी वह अपनी सेवाएं चंडीगढ़ के लेफ्टिनेंट के रूप में देश को प्रदान कर रही है।

किरन बेदी का परिचय

किरण बेदी का जन्म 9 जून 1949 को पंजाब के अमृतसर में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता प्रकाश लाल थे, जिनका कपड़ो का व्यवसाय था, तथा इनकी माता का नाम प्रेमलता था। किरण के पूर्वज पाकिस्तान के पेशावर के रहने वाले थे। पाकिस्तान के हालात देखकर उन्होंने जल्द ही अमृतसर में पलायन कर लिया था। किरण अपने माता पिता की दूसरी संतान थी, जबकि किरण की 3 बहने थी। किरण का बचपन सिख एवं हिन्दू दोनों धर्म को अपनाकर बीता। इनके पिता शिक्षा के प्रति बेहद सचेत थे, इसीलिये आर्थिक तंगी के बाद भी उन्होंने उनकी प्रारंभिक शिक्षा Scared Heart Convent School से करवाई। अपने जीवन के शुरुआती दिनों से किरण को वर्दी के लिए प्रेम था, जिसके चलते उन्होने NCC भी join कर ली। 1968 मे किरण ने B.A. Honores से अंग्रेजी विषय से पूरा किया।

उसके बाद उन्होंने राजनीति विज्ञान से अपनी मास्टर डिग्री 1970 में पूरी करी। अपनी मास्टर डिग्री पूरा कर लेने के बाद उन्होंने 2 साल खालसा कॉलेज में एक लेक्चरर के रूप में अपनी सेवाएं दी। इसी दौरान 1972 को उनकी शादी अपने साथी टेनिस खिलाड़ी ब्रिज बेदी के साथ हो गई। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि किरण एक बेहतरीन टेनिस खिलाड़ी रह चुकी है। अपने पिता के साथ उन्होंने टेनिस की शुरुआत की थी। 1976 के National Sports Festival For Women  में उन्होंने अपनी बहन के साथ स्वर्ण पदक प्राप्त किया था। इस पदक के अलावा भी उन्होंने को सारी प्रतियोगिता भी जीती। किरन का जीवन पुलिस सेवाओं में ASP (Assistant Superintendent of Police) के रूप में हुआ। उनकी पहली posting दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थान पर हुई।

उसके बाद उनको 1993 में दिल्ली जेल के IG (Inspector General) के तौर पर नियुक्त किया गया। किरण ने दिल्ली , गोआ, चंड़ीगढ़ तथा मिज़ोरम मे कई सारे पुलिस प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दी। समाज के लिये उनके कार्य की सूची बेहद लंबी है, जिनमे महिलाओ के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के प्रति विरोध, ड्रग्स जैसे गंभीर नशे को दूर करने की मुहिम आदि उनके प्रमुख कार्य है। उनके द्वारा चलाया गया टेलीविजन कार्यक्रम ” आप की कचहरी ” सामाजिक मुद्दों के प्रति उठाये गए सवालों का एक प्रशंसनीय कार्य है। अपने इन्ही सामाजिक कार्यो के फलस्वरूप उनको 1979 में  President’s Police medal  तथा 1994 मे रमन मैगसेसे अवार्ड से नवाजा गया। 1972 से लेकर 2007 तक 35 वर्षों के अथक परिश्रम के बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेनानिवृति ( Voluntary Retirement) 2007 में ले ली। इसके बाद भी वर्तमान समय मे वह अपनी सेवाएं कई माध्यमो से  देश को दे रही है।

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