भारत की राजधानी का नाम क्या है । Bharat ki Rajdhani Kaha hai

अक्सर india gk में ये प्रश्न पूछा जाता है कि Bharat ki rajdhani क्या है। दोस्तों, भारत की राजधानी का नाम नई दिल्ली है। नई दिल्ली के बारे में तो आप अच्छे से जानते होंगे। एक जानने की बात ये है कि दिल्ली भारत के केंद्र के रूप में है। दिल्ली, भारत के केंद्र शासित प्रदेशों में से एक है। दिल्ली के बारे में और भी कई ऐसी जानकारियां हैं, जिन्हें आपको जान लेना चाहिए। आगे हम बताने वाले हैं, दिल्ली से जुड़ी कुछ खास बातें। इसीलिए इस पोस्ट को जरूर पूरा पढ़िए।

bharat ki rajdhani ka naam kya hai

भारत की राजधानी के बारे में सामान्य जानकारी

दिल्ली जहां की राजधानी है, उस भारत के बारे में आपको सामान्य जानकारी देने जा रहे हैं। भारत एशिया महाद्वीप का एक हिस्सा है यानी देश है। ये एशिया महाद्वीप के दक्षिण में स्थित है। भारत जनसंख्या के आधार पर दूसरे नम्बर पर सबसे बड़ा देश है। भौगोलिक स्वरूप के अनुसार भारत उत्तरी गोलार्द्ध में है। इसकी सबसे बड़ी city मुंबई है। यहां की राजभाषाएं हिंदी और अंग्रेजी है। लेकिन अधिकतर हिंदी ही बोली जाती है। यहां पर सभी धर्मों के लोग निवास करते हैं। भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य माना जाता है। यहां का संविधान world का सबसे लंबा लिखित संविधान माना जाता है। भारत के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी है। इस देश में कुल 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश है। यहां की कुल जनसंख्या 1 अरब 21 करोड़ के लगभग है। भारत में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। जन गण मन यहां का राष्ट्रगान और वंदेमातरम् राष्ट्रगीत है। 32,87,263 वर्ग कि.मी. इसका क्षेत्रफल है। यहां का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, राष्ट्रीय पक्षी मोर और राष्ट्रीय खेल हॉकी है।

दिल्ली को भारत की राजधानी क्यों चुना गया ?

दिल्ली को भारत की राजधानी चुने जाने के पीछे कई कारण है। जिनमें से इसके कुछ मुख्य कारण आपको बताना चाहेंगे। अंग्रेजों के शासन के समय मे, भारत की राजधानी कलकत्ता हुआ करती थी। हाल में कलकत्ता को कोलकाता नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी सरकार ने सोचा कि कोलकाता से अच्छा दिल्ली से शासन और अच्छे तरीके से चलाया जा सकता है। कहने का अर्थ है कि कई कार्य शासन से जुड़े हुए दिल्ली से बेहतर तरीके से संचालित हो सकते थे। तब दिल्ली को राजधानी बनाने के लिए जॉर्ज पंचम ने आदेश दिए। तब अंग्रेजी सरकार का शासन जॉर्ज पंचम के हाथ में था। जॉर्ज पंचम ने दिल्ली को राजधानी बनाने का आदेश 12 दिसम्बर 1911 को दिया और 1 अप्रैल 1912 को दिल्ली भारत की राजधानी बन पाई। यही मुख्य कारण है जिसकी वजह से दिल्ली को भारत की राजधानी बनाया गया।

दिल्ली का इतिहास

दिल्ली का इतिहास बहुत बड़ा है। लेकिन इसके बारे में संक्षिप्त में कुछ जानकारी देते है, जिसमें दिल्ली के इतिहास के खास बिंदु जानने को मिलेंगे। दिल्ली का सबसे पुराना नाम वहां के गांव के अनुसार इंद्रप्रस्थ हुआ करता था। इसकी जानकारी महाकाव्य महाभारत में भी जानने को मिलती है। पुरातात्विक खोज के अनुसार माना जाता है कि यहां लोग 300 ईसा पूर्व से रह रहे हैं। लौहस्तंभ शिलालेख के अनुसार ये माना जाता है कि तोमर राजा अनंगपाल द्वितीय 10वीं-11वीं शताब्दी में लौहस्तंभ को दिल्ली लेकर आये थे। इसी प्रमाण से माना जाता है कि तब ये दिल्ली के राजा रहे होंगे। इसीलिए अनंगपाल को दिल्ली की स्थापना करने वाला शासक माना जाता है। पृथ्वीराज रासो के अनुसार 1200 ईस्वी तक तोमर वंश का शासन दिल्ली में रहा। दिल्ली को दिल्लिका शब्द के रूप में भी जाना जाता है।

माना जाता है कि 1300 ईस्वी के बाद दिल्ली पर 5 वंश के सुल्तानों का शासन रहा। जिनमें गुलाम वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोधी वंश आदि ने शासन किया। इनमें पहला शासक कुतुबुद्दीन ऐबक और अंतिम शासक इब्राहिम लोधी रहा। अंतिम शासक ने 1526 तक शासन किया। इसके बाद 1526 में बाबर, 1530 से हुमायूं का शासन रहा। 1540 में सूरी वंश ने शासन जमाया और 1658 से औरंगजेब ने अपना शासन किया। इसके बाद 1707 से 1712 तक मुअज्जम बहादुर ने दिल्ली पर शासन किया। 1857 से दिल्ली में ब्रिटिश शासन काल का दौर था। 1947 भारत की स्वतंत्रता के बाद दिल्ली को राजधानी फिर घोषित किया गया था। प्राप्त प्रमाणों के अनुसार दिल्ली के इतिहास के बारे में आपके साथ हमने जानकारी साझा की है।

दिल्ली के बारे में विशेष तथ्य

दिल्ली से जुड़ी ऐसी कई खास बाते हैं जो आपके बहुत काम आएगी और जो अक्सर आपसे exams में पूछी जाती है। दिल्ली के बारे में कुछ विशेष तथ्य इस प्रकार है-

  1. केंद्र सरकार के मुख्यालय नई दिल्ली में ही स्थित है। एक तरह से भारत सरकार की केंद्रीय शक्ति दिल्ली ही है।
  2. इतना ही नहीं नई दिल्ली जनसंख्या की दृष्टि से भारत की दूसरी सबसे बड़ी city है।
  3. दिल्ली भारत का बहुत प्राचीन यानी पुराने नगरों में से एक है। पुरातात्विक विभाग ने इसके प्राचीन होने के कई प्रमाण खोज निकाले हैं।
  4. विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मन्दिर “अक्षरधाम” दिल्ली में ही स्थित है। जो कि हिंदुओं की आस्था का एक मुख्य केंद्र है।
  5. भारत का सबसे बड़ा व्यस्ततम मेट्रो दिल्ली में स्थित मेट्रो ही माना जाता है। कोलकाता के बाद दूसरे नम्बर पर यहीं मेट्रो ट्रेन की शुरुआत हुई।
  6. दिल्ली भारत में पर्यटन का और शिक्षा का एक मुख्य केंद्र माना जाता है।
  7. राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद भवन भी दिल्ली में ही स्थित है।
  8. भारत की विश्व धरोहर में शामिल लाल किला भी दिल्ली में ही है। इतना ही नहीं india gate भी यहीं है।
  9. महात्मा गांधी की समाधि राजघाट भी दिल्ली में ही स्थित है। इतना ही नहीं कई बड़ी-बड़ी शख्सियत के नाम दिल्ली से जुड़े हैं।
  10. दिल्ली को world की पुस्तक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है।

तो दोस्तों, आज हमने भारत की राजधानी दिल्ली के बारे में विस्तार से कई बातें जानी। साथ ही हमने दिल्ली से जुड़ी हर छोटी जानकारी को share करने की कोशिश की है। ये जानकारियां आपके gk को तो बढ़ायेगी ही साथ ही आपके competition exams में भी सहायक सिद्ध होगी।

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