भारत की सबसे गहरी नदी कौन सी है।

भारत को नदियों का देश कहा जाता है। प्राचीन काल से ही भारत के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में नदियों का विशेष महत्व रहा है। विश्व की समस्त मानव सभ्यताओं का विकास हुआ नदी घाटियों के समीप हुआ है। नदियों को भारत में जीवन दायनी और जीवन का आधार कहा जाता है। भारत में अनेकों नदियां प्रवाहित होती है, जो पेयजल और सिंचाई की स्त्रोत बनी हुई है। इनमें से भागीरथी भी एक है जो भारत की सबसे गहरी नदी के रूप में जानी जाती है।

bharat ki sabse gahri nadi koun si hai

भारत की सबसे गहरी नदी के बारे में जानकारी

भागीरथी, अलकनंदा घाटी भारत की सबसे गहरी नदी घाटी है। यह दोनों ही नदियां गंगा की सहायक नदी है।

भागीरथी, भारत की एक हिमालयी नदी है, जो उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले के “गोमुख” नामक स्थान से 25 K.M. दूर स्थित गंगोत्री ग्लेशियर से प्रकट होती हुई उत्तराखंड में से होकर बहती है। इस नदी की लम्बाई 205 किलोमीटर है। भागीरथी आगे चलकर देवप्रयाग में अलकनंदा नदी से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती है, असल में भागीरथी गंगा का ही रूप है। गंगा नदी को भागीरथी नाम से जाना जाता है।

भागीरथी नदी पर प्रसिद्ध टिहरी डेम बना हुआ है। यह बाँध टेहरी (उत्तराखंड) में स्थित है। 261 मीटर ऊंचाई के कारण विश्व के सबसे ऊंचे बाँधों की श्रेणी में इसे पांचवां स्थान दिया गया है। तथा इस बाँध की विधुत उत्पादन क्षमता 2400 मेगावॉट है।

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भागीरथी एक पवित्र नदी है जिसकी उत्पत्ति के सम्बन्ध में एक पौराणिक कथा विश्वविख्यात है। कहा जाता है कि – प्राचीन समय में एक राजा सगर थे। जिनके 60 हजार पुत्रों को कपिल मुनि ने भस्म कर दिया था। भस्म हुए सगर पुत्रों के उद्धार के लिए सगर के वंशज भागीरथ ने अपनी तपस्या से गंगा जी को प्रसन्न किया और अपने तपोबल से गंगा जी को धरती पर लाए। भगीरथी ने गंगा जी को मार्ग दिखाया और समुद्र – संगम ले जाकर अपने पूर्वजों का उद्धार कराया। इसीलिए गंगा जी को पापियों की उद्धार करने वाली कहा जाता है।

भागीरथ के नाम पर ही गंगा नदी का नाम भागीरथी पड़ा।

Read also :-

Leave a Reply