भारत किस गोलार्द्ध में स्थित है ?

पृथ्वी एक ग्रह है जहां हम सभी रहते हैं। इस पृथ्वी पर 7 महाद्वीप हैं। विश्व के देश इन्हीं 7 विभिन्न महाद्वीपों में बंटे हुए हैं। ये महाद्वीप उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, अंटार्टिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया तथा यूरोप हैं। इन महाद्वीपों में देखें तो ऑस्ट्रेलिया और अंटार्टिका महाद्वीप को छोड़ कर बाकी के सभी द्वीपों में कई अलग अलग देश मौजूद हैं। इन्हीं देशों के बीच कुछ स्थानों पर विश्व के बड़े बड़े समुद्र भी मौजूद है।

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पृथ्वी पर मौजूद इन महाद्वीपों को ठीक से समझने के लिए ग्लोब को समझना होता हैं। इसी के द्वारा पता चलता है कि कौन सा देश कौन से महाद्वीप में मौजूद है। इसे सबसे बेहतर ढंग से गोलार्द्ध की मदद से समझा जा सकता है। गोलार्द्ध से पता चलता है कि कौन सा देश किस स्तिथि पर मौजूद है। इन सभी चीज़ों को समझने के लिए पहले ये जानना ज़रूरी है कि गोलार्द्ध किसे कहते हैं।

गोलार्द्ध क्या है?

गोलार्द्ध का वास्तविक अर्थ समझने से इसके बारे में समझने में आसानी होती है। गोलार्द्ध दो शब्द, गोला तथा अर्द्ध से मिल कर बना है। गोला का अर्थ ग्रह है तथा अर्द्ध का मतलब किसी भी चीज़ का आधा, यानी गोलार्द्ध का मतलब आधा गोला होता है। इसके परिभाषा की बात करें तो गोलार्द्ध यानी Hemisphere वह रेखा है जो कि पृथ्वी को दो भागों में बांटता है।

पृथ्वी के बीच चारों ओर जब कोई रेखा खींची जाती है तो वह इसे दो भाग में बांट देता है। दो बराबर भागो में बंटे भाग को ही गोलार्द्ध कहते हैं। पृथ्वी दो भाग में बंटी हुई है। एक दक्षिण गोलार्द्ध तथा दूसरा उत्तरी गोलार्द्ध कहलाता है। इसके बाद ये पुनः स्तिथि के अनुसार बंटे हुए है। कुल मिला कर चार गोलार्द्ध , उत्तरी गोलार्द्ध, दक्षिणी गोलार्द्ध, पूर्वी गोलार्द्ध तथा पश्चिमी गोलार्द्ध में पृथ्वी बंटती है। इसी आधार पर सातों महाद्वीप तथा उसमें स्थित देशों की स्तिथि का पता चलता है।

  • भारत उत्तरी तथा पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है।

गोलार्द्ध के आधार पर भारत की स्तिथि  की बात करें तो यह एशिया महाद्वीप का हिस्सा है। भारत एशिया महाद्वीप के दक्षिणी भाग का हिस्सा है। इस आधार पर भारत दो गोलार्द्ध के अंर्तगत आता है। भारत मुख्यतः उत्तरी तथा पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है।

  • एशिया के अलावा अन्य महाद्वीप की बात करें तो यह भी विभिन्न गोलार्द्ध में पड़ता है।
  • उत्तरी गोलार्द्ध

उत्तरी गोलार्द्ध की बात करें तो इसमें उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका का उत्तरी हिस्सा, यूरोप, अफ्रीका के उत्तरी भाग का दो तिहाई हिस्सा भी उत्तरी गोलार्द्ध में अंतर्गत ही आता है। इसके अलावा एशिया का अधिकांश भाग उत्तरी गोलार्द्ध में पड़ता है।

  • दक्षिणी गोलार्द्ध

इसके अंतर्गत भी एक बड़ा हिस्सा पड़ता है। इसके महाद्वीपों की बात करें तो इसमें दक्षिण अमेरिका का अधिकांश भाग, अफ्रीका का एक तिहाई हिस्सा, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्टिका का भाग इसके अंतर्गत आता है। इसके अलावा इसके और भाग की बात करें तो एशिया महाद्वीप के कुछ समुद्री द्वीप भी दक्षिणी गोलार्द्ध में पड़ते हैं।

दोनो ही गोलार्द्ध में कभी भी एक समान मौसम नही रहता है। अगर दक्षिण गोलार्द्ध में गर्मी होगी तो इसके मुकाबले उत्तरी गोलार्द्ध में वातावरण ठंडा होगा ठीक इसी तरह अगर उत्तरी गोलार्द्ध में मौसम गर्म होने पर दक्षिणी गोलार्द्ध में ठंडी होगी। ऐसा होने का मुख्य कारण यह है कि पृथ्वी का झुकाव कुछ समय सूर्य की ओर होता है जबकि कुछ समय इससे दूर होता है।

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