भारत की सबसे लंबी इलेक्ट्रॉनिक रेलवे लाइन कौन सी है।

भारतीय रेल विश्व की अग्रिम Rail Network में शामिल है। Railway भारत के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक अपनी सेवाएं देती है, तथा एक दिन में औसतन 2 करोड़ लोग रेलवे से सफर करते हैं। इसके अलावा रेलवे देश की अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने में भी अपना योगदान देता है। भारत में मालों की ढुलाई बड़ी मात्रा में रेलवे द्वारा ही कि जाती है। इस कारण माल ढुलाई से होने वाली कमाई ही भारतीय रेल की कमाई का बड़ा जरिया भी है।

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भारत मे रेलवे का आगमन अंग्रेज़ी हुकूमत के समय ही हो गया था। इसके बाद से समय के साथ-साथ रेलवे भी अपने रूप बदलता रहा और आधुनिक होता चला गया। यह सिलसिला आज भी जारी है। भारत में भी अन्य हिस्सों की ही तरह आरंभ में ट्रेन के चलाने के लिए भाप इंजन का उपयोग किया जाता था। फिर इसके स्थान पर कोयले के इस्तेमाल से चलने वाले इंजन आएं। फिर इसका स्थान डीजल इंजन ने लेना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे सभी जगह डीज़ल इंजन का ही उपयोग किया जाने लगा।

डीज़ल इंजन पर होने वाले खर्चे तथा इससे फैलने वाले प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए रेलवे के आधुनिकरण के तहत डीज़ल इंजन की जगह बिजली की मदद से ट्रेन चलाने की योजना शुरू की गई। यह सफल होता गया। धीरे – धीरे अब भारत में डीजल इंजन का स्थान बिजली से चलने वाले ही इंजन लेते जा रहे हैं। मौजूदा समय में भारत में मौजूद रेल लाइन में से 40 प्रतिशत लाइन Electrified हो चुके हैं। जबकि सरकार की घोषणाओं के अनुसार 2021 – 2022 तक भारतीय रेलवे को पूर्णतः Electrified करने की योजना है।

भारत में सबसे पहली बार बिजली की मदद से ट्रेन 3 फरवरी 1925 को चलाई गई थी। यह ट्रेन Bombay VT तथा Kurla Harbour के बीच चलाई गई थी। इसके बाद से देश में बिजली की मदद से ट्रेन चलाने की कोशिश तेज़ होती गयी। हालांकि अब भी लगभग 40 प्रतिशत रेलवे लाइन ही बिजली युक्त हो सकी है। मौजूदा समय में भारत के सबसे लंबे इलेक्ट्रॉनिक रेलवे लाइन की बात करें तो यह हावड़ा – दिल्ली मेन लाइन ( Howrah – Delhi Main Line ) है

हावड़ा – दिल्ली मेन लाइन  – भारत की सबसे लंबी इलेक्ट्रॉनिक रेलवे लाइन

  • संक्षिप्त परिचय

हावड़ा – दिल्ली मेन लाइन को जनता के लिए 1866 में खोला गया था। इस रेलवे लाइन की कुल लंबाई 1532 किलोमीटर है। यह रेलवे लाइन कई राज्यों से हो कर गुज़रती है। इसमें शामिल राज्य पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली हैं। यह रेलवे लाइन इन राज्यों से गुजरते हुए 17 जोन में बंटे भारतीय रेल के तीन ज़ोन, Eastern Railway, Central Railway तथा Northern Railway से हो कर जाती है।

हावड़ा – दिल्ली मेन लाइन का विधुतीकरण

Howrah – Gaya – Delhi रेलवे लाइन देश का पहला Complete इलेक्ट्रॉनिक रेलवे लाइन है। इसके बाद से इस लाइन से जुड़ी अधिकतर लाइन का विधुतीकरण किया जाने लगा। इस लाइन में सबसे पहले 1927 – 28 में हावड़ा – वर्धमान लाइन का विधुतीकरण किया गया, हालांकि उस समय इसे 3 KV DC किया गया था। बाद में इसे 1957 – 58 में अपग्रेड करते हुए 25 KV AC में कर दिया गया। अलग-अलग चरणों में इस रूट के अंतर्गत आने वाले लाइन का विधुतीकरण का काम होता रहा। इसके अंतिम कुछ लाइन का विधुतीकरण 2002 तक किया गया। इसके बाद 2002 में इसे पूरी तरह सबसे लंबी इलेक्ट्रॉनिक लाइन घोषित कर दिया गया।

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