भारत में कुल कितने राज्य है वर्तमान 2019 में

भारत एशिया महाद्वीप में स्थित जनसंख्या के आधार पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है तथा भारत छेत्रफल के आधार पर दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश है इसीलिए भारत में कितने राज्य है इसके बारे में हमें जानकारी होना चाहिए। इसलिए हम इस article के माध्यम से भारत में राज्यों की संख्या कितनी हैं इसके बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे तो चलिए शुरू करते  है।

भारत की अगर बात करें तो, यह क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है। इसका क्षेत्रफल 3,287,240 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत की जनसंख्या 2011 में 1,210,193,422 आंकी गई है। यह जनसंख्या इस देश की विशालता को दर्शाता है। अगर आंकड़ो पर थोड़ा और विश्लेषण किया जाये, तो हम पाएंगे कि भारत का लैगिंक अनुपात 940 है, अर्थात 1000 पुरुषो पर महिलाओं की संख्या 940 है। 2001 से 2011 तक के दशकीय वृद्धि दर में भारत की वृद्धि 17.64 थी।

bharat me kitne rajya hai

इसके अलावा इसका घनत्व 382 प्रति व्यक्ति वर्ग किलोमीटर था। इसके अलावा अगर भारत की भौगोलिक स्थिति का विवरण जाना जाये तो, भारत दक्षिण एशिया में पूर्ण रूप से उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। इसके पूर्व में बांग्लादेश तथा म्यांमार है जबकि पश्चिम भाग में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान है। इसके उत्तर पूर्व में चीन, नेपाल तथा भूटान है। भारत की भौतिक सीमाओं का आकलन किया जाये तो इसके पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में विस्तृत अरब सागर तथा उत्तर में गगनचुंबी हिमालय पर्वत है, जबकि इसके दक्षिण के हिन्द महासागर अपनी गरिमा बिखेरे हुऐ है।

भारत में कितने राज्य है सभी राज्यों के नाम क्या है –

2019 में भारत में राज्यों की कुल संख्या 28 है जबकि केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 9 है। तेलंगाना के रूप में 2 जून 2014 को भारत का अंतिम राज्य बनाया गया। यह राज्य इससे पहले आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) का हिस्सा हुआ करता था। जिसकी राजधानी का नाम हैदराबाद है।

5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया गया है। जिनके नाम जम्मू – कश्मीर और लद्दाख है। अर्थात वर्तमान में भारत में कुल 28 राज्य तथा 9 केंद्र शासित प्रदेश है जिनके बारे में आगे detail में बात करेंगे।

इन राज्यो को छोटी इकाई में बाटे तो, भारत में कुल 719 जिले है। इस देश की विविधता इसको बाकी दुनिया से पृथक करती है। यहाँ लगभग प्रत्येक 100 किलोमीटर के अंतराल पर भाषा, रहन-सहन, वेश-भूषा तथा खानपान में अन्तर पाया जा सकता है। आठवीं अनुसूची के अनुसार भारत मे 22 भाषाओं को मान्यता प्रदान कर दीं है, जबकि ना जाने भारत में कितनी बोलियां बोली जाती है

इस देश को पूर्ण रूप से जानने के लिए उसके राज्य तथा केन्द्र शासित राज्यो के बारे में बारीकी से जानना पड़ता है। इसके राज्य तथा उनकी राजधानी को निम्न सूची से जाना जा सकता है।

list of 28 states of India and their capitals in Hindi

क्र.राज्यों के नाम राजधानी क्षेत्रफल वर्ग कि.मी.
1.आंध्र प्रदेश हैदराबाद, अमरावती 162,968
2.अरुणाचल प्रदेश इटानगर 83,743
3.असम दिसपुर 78,438
4. बिहार पटना 94,163
5. छत्तीसगढ़ रायपुर 135,191
6. गोवा पणजी 3,702
7. गुजरात गांधीनगर 196,024
8. हरियाणा चंडीगढ़ 44,212
9. हिमाचल प्रदेश शिमला 55,673
10. झारखंड रांची 79,714
11. कर्नाटक बैंगलोर 191,791
12. केरल तिरुवनंतपुरम 38,863
13. मध्यप्रदेश भोपाल 308,245
14. महाराष्ट्र मुंबई 307,713
15. मणिपुर इंफाल 22,327
16. मेघालय शिलांग 22,429
17. मिजोरम आइजॉल 21,081
18. नागालैंड कोहिमा 16,579
19. उड़ीसा भुवनेश्वर 155,707
20. पंजाब चंडीगढ़ 50,362
21. राजस्थान जयपुर 342,239
22. सिक्किम गंगटोक 7,096
23. तमिलनाडु चेन्नई 130,058
24. त्रिपुरा अगरतला 10,486
26. तेलंगाना हैदराबाद 112,077
25. उत्तराखंड   देहरादून 53,483
27. उत्तरप्रदेश लखनऊ 240,928
28. पश्चिम बंगाल कोलकाता 88,752

भारत में कुल 28 राज्यों के अलावा 9 केन्द्र शासित प्रदेश भी है। जिनकी सूची निम्न है।

भारत के केंद्र शासित प्रदेश और उनकी राजधानी के नाम – union territories of India

क्र. केंद्रशासित प्रदेश नाम राजधानी क्षेत्रफल वर्ग कि.मी.
1. चंडीगढ़ चंडीगढ़ 114
2. दमन और दीव दमन 112
3. दिल्ली दिल्ली 1,490 
4. लक्षद्वीप कावरत्ति 32
5. पांडिचेरी पांडिचेरी 492
6 दादर और नगर हवेली सिल्वासा 491
7. अंडमान व निकोबार द्वीप समूह पोर्ट ब्लेयर 8,249
8. जम्मू एंड कश्मीर1,63,040
9. लद्दाख59,196

एक नज़र राज्यो पर – information about Indian States

  1. : केरल :-

भारत के सबसे सुन्दर, स्वच्छ और शिक्षित राज्यों में केरल का नाम सबसे ऊपर आता है। इसकी स्थापना 1 नवंबर 1956 में हुई थी। इस राज्य की सीमा तमिलनाडू तथा कर्नाटक से जुड़ी हुई है। यहाँ के वर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन है। केरल का क्षेत्रफ़ल 38,863 वर्ग किलोमीटर है तथा 2011 की जनगणना के अनुसार इसकी जनसंख्या 33,387,677 थी। केरल भारत का सबसे ज्यादा शिक्षित राज्य है, इसकी साक्षरता दर 96% है।

यहाँ मुख्य रूप से मलयालम भाषा बोली जाती है। यहाँ पर मोपला, इरुला, कुरियन तथा कादर जनजातियों का बहुतायत है। पर्यटन के नजरिये से भी यह राज्य प्रसिद्ध है, यहाँ का पेरियार राष्ट्रीय उद्यान देखने लायक जगहों में से एक है। भारतीय अंतरिक्ष के जनक, विक्रम सारा भाई का सम्बंध इस राज्य से मिलता है। इस खूबसूरत राज्य पर अकसर मौसम का कहर बरसता रहता है। यहां पर अति वर्षा के कारण प्रायः बाढ़ की समस्या बनी रहती है।

2. -: तमिलनाडु -:

इस राज्य की स्थापना 1 नवंबर 1956 में हुई। इसको पहले मद्रास के नाम से जाना जाता था। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा केरल की सीमाएं इस राज्य को एक-दूसरे से जोड़ती है। वर्तमान में यहाँ के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी नियुक्ति किये गये है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ की जनसंख्या 72,138,958 थी, जो कि इसके 130,058 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में निवास करती है। यहाँ पर तमिल जैसी मीठी भाषा बोली जाती है। यहाँ पर भरतनाट्यम जैसा मनमोहक नृत्य बड़ी रोचकता से निहारा जाता है। इस राज्य में स्थित महाबलिपुरम का मंदिर पर्यटन की दृष्टि महत्पूर्ण है। पक्षी प्रेमी के नाम से मशहूर सलीम अली भी इसी राज्य की देन है।

3. -: कर्नाटक :

कर्नाटक राज्य की गणना समृद्ध तथा विकासशील राज्यो में होती है। तकनीकी के मामले में भारत देश मे इस राज्य का कोई सानी नहीं है। इसकी स्थापना 1 नवंबर 1956 में हुई थी। मैसूर के नाम से जाने जाना वाला यह राज्य 1973 में कर्नाटक के रूप में परिवर्तित हुआ। H.D. कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाये प्रदान कर रहे है। इस राज्य की सीमाएं केरल, तमिलनाडु तथा आंध्र प्रदेश से जुड़ी हुई है।

191,791 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस राज्य में 61,130,704 लोग रहते है। यहाँ कन्नड़ भाषा का प्रचलन है। कर्नाटक कॉफी उत्पादन के मामले में भारत में प्रथम स्थान पर है। यहाँ पर चंदन का उत्पादन भी बड़ी मात्रा में किया जाता है, जो विश्व में सर्वाधिक है। यक्षगान, पुनीटकर्गा तथा हत्ताई यहां के विशेष नृत्य है। मैसूर में स्तिथ टीपू सुल्तान का महल ऐतिहासिक पर्यटक स्थल है।

4. -: महाराष्ट्र :-

महाराष्ट्र की गिनती भारत के सबसे धनी राज्यों में से होती है। इसलिए इसके मुम्बई शहर को “आर्थिक राजधानी” के रूप में जाना जाता है। इसकी स्थापना 1 मई 1960 को हुई थी। गोवा, कर्नाटक तथा तेलंगाना इसकी सीमा से लगे राज्य है। इसका क्षेत्रफल 307,713 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जिसमे 112,372,972 की आबादी अपना जीवन निर्वाह करती है। वर्तमान में देवेंद्र फडणवीस इस राज्य के मुख्यमंत्री है।

यहाँ पर प्रमुख रूप से मराठी भाषा का उपयोग किया जाता है। नदिया इस राज्य को जल की पूर्ति प्रदान करती है, जिनमे गोदावरी तथा कृष्णा नदी की भूमिका अहम है। मुंबई शहर इस राज्य की शान है। “मायानगरी” के नाम से मशहूर इस शहर की चमक तथा रौनक देखने लायक है। ताज होटल तथा वानखेड़े का क्रिकेट स्टेडियम इस राज्य के इतिहास को समेटे बैठे है। शिर्डी के साई बाबा इस राज्य को अनगिनत लोगों की आस्था से जोड़े रखे है।

5. –: गुजरात :-

गुजरात भारत के उन राज्यों में से एक है जिसकी चर्चा हमेशा सुर्खियों में रहती है। यहाँ के लोग व्यापारिक कला में निपुण माने जाते है। इसकी स्थापना 1 मई 1960 में हुई थी। इस राज्य की सीमाये पाकिस्तान, मध्यप्रदेश तथा राजस्थान से अपना संबंध रखती है। 60,383,628 की जनसंख्या वाले इस राज्य में विजय रुपाणी का वर्चस्व है, अर्थात गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री है। 196,024 वर्ग किलोमीटर में विस्तृत यह राज्य सभी रूप से सम्पन्न नज़र प्रतीत होता है।

यहां की खूबसूरती यहां बोली जानी वाली गुजराती भाषा है। यहाँ के जायकेदार तथा लजीज व्यंजन इस प्रदेश को दूसरों से अलग बनाते है। गरबा जैसा खूबसूरत नृत्य यही की देन है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्मस्थान पोरबंदर इसी राज्य के अंतर्गत आता है।कपास, मूंगफली तथा तम्बाकू यहाँ की मुख्य फसले है।

6. -: मध्यप्रदेश :-

कृषि प्रधान राज्यों में से एक मध्यप्रदेश को उसकी भौगोलिक स्थिति के कारण “भारत का ह्रदय” कहा जाता है। मध्यप्रदेश area की दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। जो कि 308,245 वर्ग किलोमीटर वाले क्षेत्रफल में समाहित है। इस राज्य की जनसंख्या 2011 के अनुसार 72,597,565 थी। दिसम्बर 2018 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस प्रत्याशी कमलनाथ को यहाँ का मुख्यमंत्री चुना गया।

उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र तथा गुजरात इसके समीपवर्ती सीमाओं से जुड़े राज्य है। हिंदी भाषी इस राज्य में कृषि की प्रधानता है। सोयाबीन, गेंहू तथा मूँग इस राज्य की मुख्य उपज है। पन्ना में पाया जाने वाला हीरा (Diamond) भी इसी राज्य की देन है। पर्यटन यहाँ की विशेषता रहा है। खुजराहो के समूह स्मारक, साँची का बौद्ध स्मारक तथा भीमबेटका रॉक शेल्टर यहाँ के मुख्य आकर्षण के केंद्र है। इस राज्य को इसके लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार 2015, 2017, तथा 2018 मिला।

7.: उत्तरप्रदेश :-

भारत का यह सबसे विशाल राज्य है। इसका गठन 24 जनवरी 1950 में हुआ जिसके बाद इसका अस्तित्व दुनिया के समक्ष आया। 2011 की जनगणना के आधार पर, यह जनसंख्या की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य घोषित किया गया। इसकी उस समय 199,581,477 आबादी आंकी गई। जो 240,928 वर्ग किलोमीटर वाले क्षेत्रफल में निवास करती थी। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सीमाएं इस राज्य को अपनाती प्रतीत होती है। योगी आदित्यनाथ को यहाँ मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है।

इस राज्य के तीर्थ स्थल यहाँ की शान है। प्रयागराज में प्रत्येक 6 वर्ष में अर्द्ध कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है, जो इसी राज्य का हिस्सा है। चित्रकूट यहाँ का प्राचीन तीर्थस्थल है। प्रेम की अटूट मिसाल का प्रतीक ताजमहल इसी राज्य के आगरा में स्थित है। हिंदी साहित्य का यहाँ से विशेष संबंध है। मुंशी प्रेमचंद, सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” तथा सुमित्रानंदन पंत का सम्बंध यही से जुड़ा है।

8. -: उत्तराखंड :-

उत्तरांचल नाम से जाने जाना वाला यह राज्य अब उत्तराखंड के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है। यह भारत के नवीन राज्यो में से एक है, जिसकी स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई। तिब्बत, नेपाल जैसे देशों की सीमा से जुड़ा यह प्रदेश हिमाचल तथा उत्तरप्रदेश जैसे राज्यो के समीप स्थित है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत इस राज्य की बागड़ोर संभाले हुये है। हिंदी तथा संस्कृत यहां की भाषा है, परन्तु ब्रजभाषा तथा गढ़वाली भाषा का प्रयोग मुख्य रूप से किया जाता है। 53,483 के वर्ग किलोमीटर में इसका क्षेत्रफल है तथा 10,116,752 की जनसंख्या यहाँ रहती है।

चूना पत्थर, ग्रेफाइट तथा जिप्सम यहाँ पाये जाने वाले बहुमूल्य खनिज है। चिपको आंदोलन का मुद्दा इसी राज्य में आता है। उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से अगर जाना जाता है तो उसी मुख्य वजह यह के तीर्थ स्थल है। यहाँ हिन्दू धर्म के अनुसार चारो धाम स्थित है। जिनमे गंगोत्री, यमनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ शामिल है।

9. -: हिमाचल प्रदेश :-

हिमाचल प्रदेश की स्थापना 25 जनवरी 1971 में हुई। इस राज्य की सीमा जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा तथा उत्तराखंड से जुड़ी है। वर्तमान में यहाँ के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर है। 2011 की जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश की आबादी 6,856,509 थीं। इसका क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इस राज्य में ईमानदार लोगों की बड़ी संख्या मौजूद है। यह भारत का दूसरा सबसे कम भ्रष्ट राज्य है। बागवानी यहाँ की आय का मुख्य स्रोत है। सेव, नाशपाती, आड़ू, लीची तथा अमरूद की इस राज्य में प्रमुख रूप से बागवानी की जाती है। हिमाचल में कांगदी, पंजाबी तथा मंड़ियाली भाषा प्रचुर रूप से उपयोग की जाती है।

10. -: पंजाब :-

पंजाब को भारत का अन्न भंडार कहा जाता है। इसका गठन 1 नवम्बर 1966 में हुआ था। पंजाब का अर्थ होता है “पाँच नदियों का क्षेत्र, जो कि इस राज्य में बहती है। वे झेलम, चेनाब, रावी, व्यास तथा सतलज है। इस राज्य की सीमा हरियाणा, जम्मू कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश से जुड़ी है। 50,362 वर्ग किलोमीटर इस राज्य का क्षेत्रफल है तथा 27,704,236 की जनसंख्या यहाँ पाई जाती है।

अमरिंदर सिंह यहाँ के मुख्यमंत्री वर्तमान रूप में है। पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, यहाँ पर गेंहू, चावल, कपास तथा गन्ना की फसले यहाँ भारी मात्रा में उपज देती है। पंजाब में सिख बहुसंख्यक है, जो 60% के करीब है। राज्य में पंजाबी भाषा का उपयोग होता है। अमृतसर का स्वर्ण मंदिर इस राज्य में मुख्य पर्यटन का केंद्र है।

11. -: राजस्थान :-

राजस्थान क्षेत्रफल के नजरिये से भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी स्थापना 1 नवम्बर 1956 को की गई थी। राजस्थान की सीमा गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा से नजदीकी संबंध रखती है। राजस्थान का विशाल क्षेत्रफल 342,239 वर्ग किलोमीटर में अपनी साख जमाये है। इस राज्य की 68, 621,012 आबादी 2011 की जनगणना में आंकी गई थी। अशोक गहलोत यहाँ के वर्तमान मुख्यमंत्री है।

राजस्थान में मुख्य रूप स्व राजस्थानी भाषा का प्रयोग किया जाता है, जो हिंदी, ब्रजभाषा, मेवाती तथा माखडी का मिश्रण है। राजस्थान सीमेंट उद्योग में भारत मे प्रथम स्थान पर काबिज है। बीकानेर के पकवान अपने जायकेदार स्वाद के लिए पूरे देश मे प्रसिद्ध है। पर्यटन के रूप में यहाँ रणथम्भौर तथा सरिस्का बाघ अभ्यारण मौजूद है। गुलाबी शहर के नाम से जयपुर शहर अपनी खूबसूरती तथा किलो के लिए जाना जाता है।

12. झारखंड

झारखंड राज्य की स्थापना नवीन राज्यों के समय की गई थी, जो कि 15 नवम्बर 2000 का समय था। बिहार, उत्तरप्रदेश, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल से यह राज्य अपनी सीमाएं सांझा करता है। 79,714 वर्ग किलोमीटर इसका क्षेत्रफल है एवं 32,966,238 की जनता यहाँ निवास करती है। भारत का पहला एवं दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा इस्पात कारखाना यही मौजूद है। जो कि टाटा स्टील जमशेदपुर में है। यहाँ पर संथाली, खोरठा भाषा बोली जाती है। झुमइर, डमकच, पाइका तथा नाचनी जैसे रोचक तथा आकर्षक यहाँ के लोकनृत्य है। राज्य का बेतला राष्ट्रीय अभयारण्य लंबे अजगर, बाघ तथा भैंसो के लिए प्रसिद्ध है। क्रिकेट जगत के चर्चित खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी का जन्म इसी राज्य में हुआ था।

13. हरियाणा

हरियाणा राज्य को वैदिक सभ्यता का राज्य माना जाता है। जिसकी स्थापना 1 नवम्बर 1966 को हुई थी। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश तथा उत्तराखंड की भौगोलिक सीमाओं से इस राज्य का मेल है। मनोहर लाल खट्टर यहां के वर्तमान मुख्यमंत्री है। राज्य में 25,353,081 की जनसंख्या है, जो 44,212 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में अपना जीवन बसर करती हैं।

वैदिक सभ्यता से लेकर सिंधु घाटी सभ्यता का इस राज्य में मुख्य स्थान रहा है। कुरुक्षेत्र से लेकर पानीपत की लड़ाई इसी राज्य की भूमि पर हुई। राज्य में जाट प्रमुख जाति के रूप में पाये जाते है। हरियाणा दुग्ध उत्पादन में अव्वल राज्यो में आता है। कुश्ती जैसा मजबूत खेल इस राज्य की धरोहर है। इस राज्य के लोग हिंदी के साथ-साथ हरियाणवी तथा बागरी भी बोलते है

14. असम

असम भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है। यह राज्य 26 जनवरी 1960 को अस्तित्व में आया। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर तथा मिजोरम जैसे राज्य इसकी सीमा के इर्द गिर्द स्थित है। 31,169,272 की जनसंख्या लिए यह राज्य 78,438 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में विस्तृत है। सर्वानन्द सोणोवाल इस राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री है।

प्राचीन असम को “कमरूप” नाम से जाना जाता था। राज्य में असमिया तथा बोडो भाषा का प्रचुर मात्रा में उपयोग किया जाता है। ब्रह्मपुत्र इस राज्य की मुख्य नदी है। खेती के रूप में यहाँ गेंहू तथा सरसो फसले पाई जाती है। चाय औऱ जूट की राज्य में औद्योगिक खेती की जाती है। कोयला तथा खनिज भी राज्य की आर्थिक सहायता में सहायक है। कांजीरंगा नेशनल पार्क इस राज्य का मुख्य आकर्षण का केन्द्र बिंदु है।

15. अरुणाचल प्रदेश

20 फरवरी 1987 को स्थापित यह राज्य भारत का महत्वपूर्ण अंग है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा असम तथा नागालैंड राज्यो के अलावा भूटान तथा तिब्बत जैसे देशों से जुड़ी है। 83,743 वर्ग किलोमीटर में फैला यह राज्य 1,382,611 की आबादी समेटे हुये है। पेमा खांडू यहाँ के वर्तमान मुख्यमंत्री है। राज्य में हिंदी और असमिया भाषा की प्रचुरता है। झूम खेती इस राज्य की विशेष प्रकार की खेती है। नकदी फसल के रूप में आलू की मात्रा यहाँ अधिकता है। कृषि तथा बागवानी राज्य में आय का स्त्रोत् है। चावल, मक्का, बाजरा तथा अदरक की फसले मुख्य रूप से यहाँ पाई जाती है। आदि, गालो, निशि तथा मोपा अरुणाचल प्रदेश की मुख्य जनजातियाँ है। ईटानगर का किला तथा गंगा झील राज्य में देखने लायक जगह है।

16. उड़ीसा (Odisha)

उडीसा के नाम से जाने जाना वाला यह राज्य अब ओडिशा के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 को हुई। यह भारत का क्षेत्रफल के हिसाब से नौवा तथा जनसंख्या के हिसाब से ग्यारहवाँ बड़ा राज्य है। जो कि 155,707 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल तथा 41,947,358 जनसंख्या को लिए है। राज्य की सीमाये झारखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ से जुड़ी है।

ओड़िशा में ओड़िया भाषा बोली जाती है। राज्य का हीराकुंड बाँध विश्व का सबसे लंबा मिट्टी का बाँध है। 80% जनसंख्या यहां खेती करती है, परन्तु अधिकांश भूमि अनुपजाऊ है, जिसके कारण उपज कम होती है। तिलहन, दलहन, जूट तथा नारियल यहां की फसले है। राज्य का शास्रीय नृत्य ओड़िशी मनमोहक है। कोणार्क का सूर्य मंदिर तथा पुरी की रथयात्रा विश्व मे प्रसिद्ध है।

17. गोवा

खूबसूरत समुन्दर के किनारों के लिये यह राज्य दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसका गठन 30 मई 1987 को किया गया। राज्य की सीमा महाराष्ट्र तथा कर्नाटक से जुड़ी प्रतीत होती है। गोवा भारत का क्षेत्रफल के अनुसार सबसे छोटा राज्य है। इसका कुल क्षेत्रफल 3,702 वर्ग किलोमीटर है तथा इसमें 1, 457,723 की जनसंख्या निवास करती है। मनोहर पर्रिकर यहाँ के मुख्यमंत्री पद पर आसीन है। राज्य में केवल दो जिले है।

गोवा पर पुर्तगालियों ने लगभग 450 वर्ष शासन किया था, जिसका प्रभाव अभी भी राज्य के अंदर देखा जा सकता है। पहले राज्य की पहचान “कोंकण काशी” के रूप में होती थी। यहाँ 60% हिन्दू तथा 28% ईसाई पाये जाते है। मत्स्य पालन यहाँ कमाई का मुख्य जरिया है। फुटबाल खेल के लोग यहाँ दीवाने है। प्रदेश में लगभग 40 छोटे-बड़े समुंद्री तट है। जिनमे कलंगुट, बागा, मीरामार तथा दोनापाउला सुंदर और मनमोहक बीच है।

18. छत्तीसगढ़

पहले मध्यप्रदेश के अंतर्गत आने वाला यह प्रदेश अब एक पृथक राज्य के रूप में स्थापित है। इसका गठन 1 नवम्बर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग करके किया। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड तथा महाराष्ट्र से इसकी सीमा मिलाप करती है। ऐसा माना जाता है कि राज्य में 36 गढ़ होने के कारण इसका नाम छत्तीसगढ़ रखा गया। राज्य का क्षेत्रफल 135,191 वर्ग किलोमीटर है तथा 25,540,196 की जनसंख्या अपना जीवन बसर यहाँ करती है।

भूपेश बघेल राज्य के मुख्यमंत्री है। हिंदी के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा यहां सम्प्रेषण का माध्यम है। महानदी को यहां पूजा जाता है। साल, सागौन, बीजा तथा बांस की प्रान्त में अधिकता है। धान की अधिक पैदावार के कारण राज्य को “धान का कटोरा” कहा जाता है। कांगेर तथा इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान एवं कैलाश गुफा राज्य के पर्यटन स्थल है।

19. नागालैंड

भारत के छोटे राज्यो में से एक नागालैंड की स्थापना देश के 16वे राज्य के रूप में 1 दिसम्बर 1963 में हुई। राज्य की सीमा असम, अरूणाचल प्रदेश, तथा मणिपुर राज्य के अलावा वर्मा देश से भी लगी है। वर्तमान में नेफियू रियो राज्य की बागडोर संभाले हुए है। 1,980,602 की जनसंख्या वाले इस राज्य का क्षेत्रफल महज 16,579 वर्ग किलोमीटर है।

यहाँ ईसाई धर्म के अनुयायी की बहुतायत है। अंगामी, आओ, चांग तथा कोनयाक यहाँ की मुख्य जनजातियाँ है। बाजरा, तिलहन तथा तम्बाकू राज्य की उपज तथा आय का जरिया है। चूना, संगमरमर तथा सजावटी पत्थरों के यहां भंडार मौजूद है। हार्नबिल का त्यौहार यहाँ बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

20. त्रिपुरा

21 जनवरी 1972 को गठित यह राज्य देश के असम और मिजोरम राज्य की सीमा के करीब मौजूद है, जो बांग्लादेश की सीमा के नजदीक है। यह राज्य भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से तीसरा सबसे छोटा state है। इसका क्षेत्रफल 10,486 वर्ग किलोमीटर है। इस राज्य की जनसंख्या 2011 के अनुसार 3,671,032 थी। विप्लव कुमार देव यहाँ के वर्तमान मुख्यमंत्री है। हस्तकरघा बुनाई राज्य का मुख्य उद्योग है। बंगाली तथा कोकबोरोक यहां भाषा का रूप लिए है। राज्य में हिन्दू धर्म की प्रचुरता है, जो यहाँ के लोगो का 83% है। दुर्गापूजा राज्य का प्रमुख त्यौहार है। त्रिपुर सुंदरी तथा राजबरी नेशनल पार्क यहां के घूमने लायक क्षेत्र है।

21. पश्चिम बंगाल (West Bengal)

पश्चिम बंगाल का गठन 26 जनवरी 1950 को हुआ। नेपाल, भूटान जैसे देशों के करीब एवं असम औऱ ओडिसा राज्यो से इसकी सीमा जुड़ी है। बांग्ला राज्य की भाषा है। 88,752 वर्ग किलोमीटर विस्तृत इसका क्षेत्रफल है। ममता बेनर्जी राज्य की मुख्यमंत्री है। जो 91, 347,736 की आबादी को संभाले है। राज्य में गंगा नदी के मुहाने पर बना सुंदरवन डेल्टा विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है। दुर्गापूजा पूरे पश्चिम बंगाल में उत्साह तथा जनभागीदारी से मनाया जाता है।

यहाँ की मिठाइयां देश भर में प्रसिद्ध है। रसगुल्ला का अविष्कार भी यही हुआ था। चावल राज्य का मुख्य उत्पाद है। क्रिकेट तथा फुटबॉल को यहाँ के लोग बेहद पसंद करते है। क्रिकेट के महान खिलाड़ी सौरभ गांगुली भी इसी राज्य की देन है। सुंदरवन नेशनल पार्क, विक्टोरिया स्मारक तथा कंचनजुंगा यहाँ के पर्यटन स्थल है।

22. बिहार

बिहार देश का जनसंख्या के आधार पर तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 को हुई। पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश एवं झारखंड राज्यो से इसके सीमा संबंध है। 2011 के अनुसार इसकी जनसंख्या 103,804,637 थी, जो 94,163 वर्ग किलोमीटर के छोटे क्षेत्रफल में निवास करती थी।

नीतीश कुमार राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री है। गंगा नदी राज्य में जल की पूर्ति करती है तथा यहाँ की कृषि में मुख्य भूमिका अदा करती है। हिन्दी, भोजपुरी तथा अंगिका यहाँ की मुख्य बोली जाने वाली भाषा है। धान, गेंहू तथा मक्का राज्य की उपज है। हाजीपुर का केला तथा मुजफ्फरपुर की लीची देश भर में उत्तम मानी जाती है। छठ, होली, दीवाली तथा दशहरा यहाँ के मुख्य त्योहार है। डॉ राजेन्द्र प्रसाद इसी राज्य से संबंध रखते है। जालान म्यूज़ियम, विधानसभा भवन तथा पादरी की हवेली यहां देखने योग्य स्थान है।

23. मणिपुर

इस राज्य को सुंदरता के कारण “भारत का आभूषण” कहा जाता है। इस राज्य की स्थापना 21 जनवरी 1972 को हुई। राज्य का क्षेत्रफल 22,327 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहाँ की आबादी 2,721,756 अंतिम जनगणना के वक़्त थी। नागालैंड, मिजोरम, असम तथा म्यांमार से इसकी सीमा मेल खाती हैं।

एन बीरेन सिंह राज्य के मुख्यमंत्री है। मेइती यहाँ के मूल निवासी है। राज्य में मेइतिलोन भाषा का उपयोग किया किया जाता है, जिसको मणिपुरी भी कहा जाता है। इम्फाल, राज्य की प्रमुख नदी है। हस्तकरघा, दस्तकारी तथा पर्यटन यहाँ की आय का मुख्य स्रोत है। यहाँ के लुभाने वाले प्राकृतिक दृश्य, विलक्षण पेड़-पौधे तथा मनमोहक पहाड़ इसको दूसरे राज्यो से भिन्न करते है। कांग्ला पार्क, लोकतक झील, गोविंद मंदिर के बाजार देखने योग्य स्थान है।

24. मिजोरम

यह भारत का उत्तर पूर्वी राज्य है।  मिजोरम राज्य की स्थापना 20 फरवरी 1987 को हुई थी। इस राज्य की सीमाये म्यामांर तथा बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से जुड़ी है। मिजोरम की साक्षरता दर देश मे करेल के बाद दूसरे स्थान पर है। राज्य की जनसंख्या 1,091,014 पिछली जनगणना में मापी गई थी, जो 2011 में हुई थी।

राज्य का क्षेत्रफल 21,081 वर्ग किलोमीटर मापा गया था। पहले यह राज्य असम के एक जिला हुआ करता था, परन्तु स्वतंत्र रूप से खुद राज्य बनने में सक्षम इस राज्य को 1987 में प्रथक स्थापित किया गया। मिज़ोरम चाय की वैज्ञानिक खेती के लिए देश मे जाना जाता है। झूम खेती यहां खेती की विशेष विधा है। चपचार, मिमकुट तथा  थालफ़वांगकुट यहां के मुख्य त्यौहार है।

25. सिक्किम

सिक्किम, भारत देश के पूर्वोत्तर में स्थित पर्वतीय राज्य है। इसकी स्थापना 10 अप्रैल 1975 में हुई। नेपाल, भूटान तथा पश्चिम बंगाल से इस राज्य की सीमाएं मिलती है। राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री के तौर पर पवन कुमार चामलिंग नियुक्ति है। यह देश की जनसंख्या के आधार पर सबसे छोटा राज्य है। इसकी आबादी 607,688 थी जब अंतिम बार जनगणना हुई थी। इसका क्षेत्रफल 7,096 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। अंग्रेजी, गोर्खा खस भाषा, लेप्चा एवं भूटिया राज्य की आधिकारिक भाषा है।

इस प्रदेश में हिन्दू तथा बज्रयान बौद्ध धर्म के लोग ज्यादातर मात्रा में पाए जाते है। सीढ़ीदार खेती इस राज्य की कृषि विधा है। इलायची, अदरक, संतरा, सेव, चाय तथा पीनशिक यहाँ की मुख्य फसले है। खनिज की बात करे तो यहाँ डोलोमाइट, तांबा, अभ्रक तथा ग्रेफाइट पाया जाता गई। ल्होसार, लूसोंग, दावा एवं उमुचेन इस राज्य में मनाये जाने प्रमुख त्यौहार है।

26. मेघालय

मेघालय राज्य को “पूर्व का स्कॉटलैंड” कहा जाता है। राज्य का गठन 21 जनवरी 1972 को हुआ। बांग्लादेश तथा असम राज्य से उसकी सीमाये मेल खाती है। 22,429 वर्ग किलोमीटर इसका क्षेत्रफल है तथा इसकी जनसंख्या 2,964007 , 2011 के आंकड़ो के अनुसार थी। पहले यह राज्य असम राज्य का हिस्सा हुआ करता था, परंतु 1972 में इसका पृथक आस्तित्व सामने आया। खासी, गारो, बियाट तथा हजोंग इस प्रान्त की मुख्य भाषाऐ है। राज्य में खेती आय का जरिया है।

मेघालय में विभिन्न फसलो की खेती की जाती है, जिनमे आलू, चावल, मक्का, केला, पपीता तथा दालचीनी कुछ खास है। राज्य का चेरापूंजी स्थान एक माह में दुनिया मे सर्वाधिक वर्षा होने का रिकॉर्ड बनाये है, तो वहीं मौसिनराम वर्ष भर में दुनिया में सबसे अधिक वर्षा का रिकॉर्ड अपने नाम हासिल किए हुए है। राज्य में विशेष तौर पर हाथी, लाल पांडा, सिवेट, नवेले तथा जंगली सुअर पाये जाते है। एलिफेंट फाल्स ,बिशप प्रपात तथा स्वीट प्रपात राज्य ने देखने लायक स्थान है।

27. आंध्रप्रदेश

आंध्रप्रदेश स्वतंत्र भारत का पहला गठित राज्य था, जिसकी स्थापना 1 अक्टूबर 1953 को हुई। यह देश के दक्षिण- पूर्वी तट पर स्तिथ है। महाराष्ट्र, बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु तथा कर्नाटक इसकी सीमा के समीपवर्ती राज्य है। एन चंद्रबाबू नायडू राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री है। यह क्षेत्रफल में चौथा तथा जनसंख्या में देश का आठवां सबसे बड़ा राज्य है। इसका क्षेत्रफल 160,204 वर्ग किलोमीटर तथा जनसंख्या 49,378,776 है। तेलुगु राज्य की भाषा है। राज्य में गोदावरी और कृष्णा नदी बहती है। काली मिर्च, कपास एवं गन्ना यहाँ की स्थानीय फसले है। कुचिपुड़ी राज्य का शास्त्रीय नृत्य है। गोल्डन बीच, बोरा एवं बेलम गुफायें तथा हार्सली पहाड़ी राज्य के निहारने योग्य स्थान है।

28. तेलंगाना

तेलंगाना देश का नवीनतम राज्य है। इसकी स्थापना 02 जून 2014 को आंध्रप्रदेश राज्य से अलग करके की गई थी। यह राज्य आंध्रप्रदेश, कर्नाटक तथा छत्तीसगढ़ की सीमायों से जुड़ा हुआ है। 114,841 वर्ग किलोमीटर में इसका क्षेत्रफल विस्तृत है। 2011 में इसकी जनसंख्या 35,286,757 आंकी गई थी। वर्तमान में के. चंद्रशेखर राव यहाँ के मुख्यमंत्री पद पर काबिज है। इस राज्य में 84% हिन्दू धर्म के लोग निवास करते है।

76 फीसदी लोग यहाँ पर तेलुगु बोलते है। कृष्णा तथा गोदावरी यहाँ की मुख्य नदिया है। खनिज के रूप में इस राज्य में सीमेंट, बॉक्साइट तथा अभ्रक पाया जाता है। फलों के उत्पादन में राज्य अव्वल है, सेव तथा लीची मुख्य रूप से यहाँ उत्पादित की जाती है। चारमीनार, बालाजी मंदिर, बिरला मंदिर तथा गोलकोंडा किला राज्य के पर्यटक स्थल है।

आज़ादी के बाद भारत – India After Freedom

भारत का इतिहास विश्व के समस्त देशों के इतिहास में सबसे बड़ा तथा सबसे रोचक प्रतीत होता है। 17वी शताब्दी के मध्यकाल में कई यूरोपीय देश व्यापार के उद्देश्य से भारत आये। जिनमे पुर्तगाली, डच, फ्रांस तथा ब्रिटेन शामिल थे। भारत की विशाल संपदा तथा समृद्धि देखकर इन देशों का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ गया। अंग्रेजो ने देश मे शासकों के मध्य फैली अराजकता का फायदा उठाते हुये भारत को अपना गुलाम बना लिया। इसके उपरांत उन्होंने यहाँ लगभग 200 वर्ष राज्य किया। अनगिनत क्रान्तिकारो तथा स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयास तथा बलिदान से भारत को 15 अगस्त 1947 में अंग्रेजों से आजादी प्राप्त हुई।

जैसा कि सर्वविदित है, कि भारत में वर्तमान में 28 राज्य तथा 8 केंद्र शासित प्रदेश है। परन्तु आजादी के उपरांत भारत के इसी गठन की सबसे बड़ी समस्या थी। भारत को आजादी तो मिल गई थी, लेकिन उसके सामने एक विकट समस्या यह थी कि अब इसका पुनः गठन कैसे किया जाये। जब भारत आज़ाद हुआ तब संविधान सभा ने भारत को चार भागों में बांटा। वे चार भाग निम्न थे :-

  1. वे प्रांत जहाँ गवर्नर शासन था :- अर्थात इन राज्यों पर प्रत्यक्ष रूप रूप से गवर्नर का राज्य होता था। तथा मुख्यतः रूप से गवर्नर इन्हीं क्षेत्रों में बैठते थे। इनमे बंबई, मद्रास, असम तथा बिहार जैसे प्रांत शामिल थे।
  2. बड़े आकार की देशी रियासते :- दूसरे जो राज्य थे, वे बडे आकार वाले देशी रियासती क्षेत्र थे, चूँकि अंग्रेजी शासनकाल में देश मे राज्य ना होकर देशी रियासतें हुआ करती थी, जिनमे राजाओं का शासन हुआ करता था। इन रियासतों को भी उनके आकर तथा राज्य की शक्ति के आधार पर एक-दूसरे से पृथक किया जाता था। बड़े आकार वाली देशी रियासतों में जयपुर, हैदराबाद, मैसूर तथा सौराष्ट्र जैसी विस्तृत तथा विशाल रियासतें शामिल थी।
  3. छोटी रियासते तथा चीफकमिश्नर क्षेत्र :- संविधान सभा ने जो तीसरा भाग राज्य के रूप में बांटा था, उसमें छोटी रियासतें तथा चीफ-कमिश्नर क्षेत्र आते थे। इन क्षेत्रों में चीफ-कमिश्नर के द्वारा शासन चलाया जाता था। अर्थात इन क्षेत्रों में किसी भी कार्य की अंतिम पुष्टि चीफ-कमिश्नर के निर्णय से की जाती थी। इन राज्यों के अंतर्गत अजमेर, दिल्ली, भोपाल तथा कूच बिहार आते थे।
  4. आर्जित राजक्षेत्र :- आर्जित राजक्षेत्र, वे क्षेत्र हुआ करते थे, जिन्हें सैन्य बल या कूटनीति से विदेशों से प्राप्त किया जाता था। इसका सबसे बड़ा उदाहरण अंडमान व निकोबार द्वीप थे।

आज़ादी के बाद भारत की स्थिति कुछ उक्त थी। जो की भविष्य को ध्यान में रखते हुये वांछनीय नही थी। इसलिये भारत के पुनर्गठन को लेकर मामला गरमा गया था। चारों ओऱ भारत को एक नये तरीके से रचने की बातों ने हवा पकड़ ली। प्रत्येक व्यक्ति के पास इस मसले को लेकर कोई न कोई सुझाव तथा विचार थे। इसी बीच संविधान सभा मे भाषीय आधार पर राज्यो के पुर्नगठन को लेकर एक मुद्दे ने सबका ध्यान अपनी ओऱ आकर्षित कर लिया। मुद्दा एक तरह से सार्थक तथा सरल भी था, तो दूसरी ओर पेचीदा मालूम पड़ता। इस समस्या के निदान के लिऐ संविधान सभा ने एक आयोग बिठाया, जिसके बारे में हम विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे।

-: धर आयोग समिति :-

स्वतंत्रता के बाद भारत के पुनर्गठन के लिए बनाया गया, यह पहला आयोग था। इसका निर्माण संविधान सभा द्वारा जून 1948 में किया गया था। इस आयोग के मुख्य व्यक्ति सरोज कुमार धर थे, जिनको डॉ राजेंद्र प्रसाद ने नियुक्ति किया था। SK धर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश थे। SK धर के नाम पर ही इस आयोग का नाम धर आयोग रखा गया। इसका मुख्य उद्देश्य भाषीय आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की विवेचना करना था।

3 महीनों के लंबे समय तक इस पर विश्लेषण किया गया। अंत मे इस आयोग ने यह पाया कि देश मे अनेको प्रकार की भाषाएँ बोली जाती है और प्रत्येक भाषा का असर प्रत्येक क्षेत्रों में आकर के अनुरूप अलग-अलग है। इस आयोग ने एक और निष्कर्ष निकाला कि भाषीय आधार पर राज्यो का पुनर्गठन किया गया, तो देश की गरिमामय राष्ट्रीय एकता तथा अखंडता को खतरा पैदा हो सकता है। जिसके परिणाम भयानक तथा विनाशकारी हो सकते है।

-: JVP समिति :-

धर आयोग के इस मुद्दे का कोई निर्णय न ले पाने के परिणामस्वरूप कांग्रेस पार्टी ने दिसम्बर 1948 में इस समिति का निर्माण किया। इस समिति में मुख्य व्यक्ति पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल तथा पट्टाभि सीतारमैया थे। इन्हीं के नामों पर इस समिति का नामकरण किया गया। समिति ने इस मसले की बारीकी से जांच करते हुए 1949 में एक रिपोर्ट पेश करी। जिसमें देश की सुरक्षा के लिये भाषीय आधार पर पुनर्गठन को उचित नहीं माना तथा इस कारक को आधार बनाने से रोका। समिति ने सुझाव दिया, कि राज्यों का पुनर्गठन भाषा के आधार पर न होकर  प्रशासनिक आधार पर होना चाहिये।

-: पोट्टी श्रीराममुलु :-

यह एक स्वतंत्रता सेनानी एवं कांग्रेस के चर्चित नेता थे। राज्यो के पुनर्गठन के लिए इन्होंने 19 अक्टूम्बर 1952 से आमरण अनशन शुरू कर दिया। 56 दिन तक वे भूखे रहे तथा अनशन पर डटे रहे। उसके बाद उनकी मत्यु हो गई। इनकी मौत से देश मे हिंसा तथा दंगे शुरू हो गये। चारो तरफ लोगो मे आक्रोश फैल गया। जनता ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप केंद्र सरकार को आंध्र स्टेट की मांग स्वीकारनी पड़ी। इस तरह 1 अक्टूम्बर 1953 में आंध्र प्रदेश आस्तित्व में आया। यह स्वतंत्र भारत मे भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य था।

-: फ़ज़ल अली आयोग :-

आंध्र प्रदेश के भाषीय आधार पर गठन होने के बाद अन्य लोगो ने भी दूसरे राज्यों के गठन के लिए आवाज़ उठाई। इन समस्या के निदान के लिए केंद्र सरकार ने 1953 में जस्टिस फ़ज़ल अली की अध्यक्षता में इस आयोग का निर्माण किया। K.M पणिक्कर तथा हृदयनाथ कुंजरु इस आयोग के मुख्य सदस्य थे। आयोग ने 2 साल के बाद एक रिपोर्ट जारी की, जिसमे मुख्य बातें निम्न थी –

  1. केवल भाषा और संस्कृति के आधार पर राज्य का पुनर्गठन नही किया जाना चाहिये, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, वित्तीय तथा प्रशासानिक कुशलता को प्रमुखता मिलनी चाहिये।
  2. सभी राज्यों को एक सूची में शामिल नहीं किया जाये एवं बंबई तथा पंजाब को भाषायी आधार पर ना बांटा जाये।
  3. सभी राज्यों और सम्पूर्ण देशवासियो के कल्याण के लिए नीतियों को बढ़ावा मिले।

यह तथ्य देश के विकास और भविष्य के लिए उचित प्रतीत दिखाई पड़ते थे। फ़ैज़ल अली आयोग की सलाह पर ही सातवे संविधान संशोधन अधिनियम 1956 द्वारा राज्य पुर्नगठन आयोग जुलाई 1956 में स्थापित किया गया। इसके बाद इस आयोग ने 1 नवंबर 1956 को 14 राज्यों तथा 6 केंद्र शासित प्रदेशों के गठन किया। उसके बाद जो नये राज्य बने उनका भी इस अधिनियम के तहत निर्माण होता गया। इस तरह वर्तमान में भारत मे कुल 29 राज्य तथा 7 केंद्र शासित प्रदेश है।

भारत में कितने राज्य हैं (how many states in india) 28 states of india तथा इन सभी राज्यों की राजधानी क्या है इसके बारे में हमें जानकारी प्राप्त कर ली है। अगर आपको इस लेख में bharat me kitne rajya hai को लेकर कोई भी question है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से हो सकते हैं हमारी team आपकी सभी क्वेश्चन के आंसर देने के लिए तत्पर है।

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6 Comments

  1. Pooja Mishra January 4, 2019
  2. MD Mansoor January 8, 2019
    • Arvind Patel January 9, 2019
  3. Mangal parasad nigam April 26, 2019
    • Arvind Patel April 26, 2019
  4. Banshilal Dhayal August 6, 2019

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