भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश कौन हैं।

विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में न्याय के लिए जिला स्तर से ले कर राज्य स्तर तक व्यवस्था है। इन सब के बाद नंबर आता है देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट का। सुप्रीम 4 Court of India यानी सर्वोच्च न्यायालय देश की सबसे बड़ी और अंतिम अदालत हैं।

bharat ke mukhya nyayadhish koun hai

अंतिम अदालत से तात्पर्य यह है ज़िला कोर्ट के फैसले को राज्य के हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती हैं। इसी तरह हाई कोर्ट के फैसले को भी देश के सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को कहीं भी चुनौती नही दी जा सकती है। हालांकि कुछ मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राष्ट्रपति के सामने दया याचिका के रूप में चुनौती दी जा सकती है। आपको बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति करते हैं।

देश के सबसे बड़े न्यायालय में अब तक आज़ादी के बाद से 46 जज बतौर मुख्य न्यायाधीश अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस समय देश सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश रंजन गोगोई ( Ranjan Gogoi ) हैं। रंजन गोगोई की नियुक्ति देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में 3 अक्टूबर 2018 को किया गया था। मुख्य न्यायाधीश के तौर पर रंजन गोगोई का कार्यकाल 17 नवंबर 2019 को समाप्त होगा। पूर्वोत्तर भारत ( Northeast India ) से इस पद पर पँहुचने वाले रंजन गोगोई पहले व्यक्ति हैं। रंजन गोगोई की नियुक्ति देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के सेवानिवृत्त होने के बाद हुई थी।

रंजन गोगोई – भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश

  • एक परिचय

पूर्वोत्तर भारत से पहली बार सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पँहुचने वाले रंजन गोगोई का संबन्ध भारत के राज्य असम है। रंजन गोगोई का जन्म 18 नवंबर 1954 को आसाम के डिब्रूगढ़ में हुआ था। रंजन गोगोई के पिता भी एक जाने माने राजनेता थे। इनके पिता का नाम केसब चन्द्र गोगोई था। केसब चन्द्र गोगोई असम के 9वें मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि बतौर मुख्यमंत्री इनका कार्यकाल सिर्फ 2 महीने का ही रह था।

रंजन गोगोई की आंरभिक शिक्षा डिब्रूगढ़ के ही डॉन बॉस्को स्कूल से ही हुई थी। इसके बाद वह दिल्ली आ गए जहां से उन्होंने St. Stephen’s College दिल्ली से ही इतिहास विषय में Graduation पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की।

रंजन गोगोई का सफर

इन्होंने 1978 से गुवाहाटी हाई कोर्ट में वकालत शुरू की। इसके बाद वह 28 फरवरी 2001 को गुवाहाटी हाई कोर्ट के ही जज बनाए गए। इसके बाद गोगोई का तबादला  9 सितंबर 2010 को पंजाब और हरयाणा हाई कोर्ट में कर दिया गया जहां 12 फरवरी 2011 को को इसी न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए। इसके बाद इनका प्रोमोशन हुआ और इनकी नियुक्ति बतौर सर्वोच्च न्यायालय के जज के रूप में हो गई। इसके बाद वह 3 अक्टूबर 2018 को सर्वोच्च न्यायालय  के 46वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।

बता दें कि रंजन गोगोई इससे पहले तब चर्चा में आए थे, जब भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों ने विभिन्न समस्याओं को ले कर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था। रंजन गोगोई इस 5 जजों में से एक थे। इसके कुछ समय बाद ही रंजन गोगोई की नियुक्ति बतौर मुख्य न्यायाधीश हुई थी।

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