भारत की अर्थव्यवस्था कैसी है ? Indian Economy

भारत की अर्थव्यवस्था अथवा Economy ना ही पूंजीवादी है ना ही पूरी तरह समाजवादी अथवा Socialist है। भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित अथवा MIXED Economy है। मिश्रित अर्थव्यवस्था  को समझने से पहले आपको दुनिया में दो सबसे ज्यादा उपयोग में लाई जाने वाली अर्थव्यवस्था  अर्थात  समाजवाद एवं पूंजीवाद के विषय में समझना होगा।

पूंजीवाद अर्थव्यवस्था

पूंजीवाद एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जहां पर सरकार का हस्तक्षेप minimum होता है।  और इसके साथ ही साथ पूंजी पतियों को अन्य अर्थव्यवस्था के मुकाबले ज्यादा आजादी प्राप्त होती है। पूंजीवादी अर्थव्यवस्था में Regulation कम होती है। पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के कई लाभ हैं जैसे कि  आपस में प्रतियोगिता के कारण आम जनता को बेहतर वस्तुएं सस्ते दामों पर उपलब्ध होती हैं।

पूंजीवादी अर्थव्यवस्था में आदमी को उसके सपने पूरे करने के लिए काफी आजादी होती है। परंतु इसके साथ ही साथ पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की कई बुराइयां भी हैं । उदाहरण के लिए पूंजीवादी अर्थव्यवस्था मानवतावाद के सिद्धांत को नहीं समझती केवल लाभ पर ध्यान देती है। 

bhartiya arthvyavastha

इसके कई उदाहरण देखने को मिलते हैं जैसे कि अमेरिका में कुछ ही दिन पहले कैंसर से बचाने वाली दवाई के दाम 25  गुना कर दिए  गए। उसमें इस बात को नहीं देखा गया कि गरीब आदमी  इस दवाई को कैसे खरीद पाएगा क्योंकि कंपनियों का उद्देश्य लाभ कमाना है ना कि परोपकार करना। परंतु आज के दौर में  पूंजीवाद के साथ सबसे ज्यादा बड़ी बुराई Crony capital है।

पूंजीवाद में आज के दौर में अमीर लोगों के पास बहुत ज्यादा ताकत है और सरकार उनकी मदद के लिए बहुत कुछ करती है क्योंकि वह सरकार में आने के लिए राजनीतिज्ञों की पैसे के द्वारा मदद करते हैं। इसका उदाहरण 2008 के आर्थिक मंदी के दौरान मिला जब बैंक दिक्कत में थे तो सरकार ने उन्हें बेलआउट किया।

परंतु सरकार उन गरीब लोगों की मदद के लिए नहीं आयी जिन्होंने अपना घर खो दिया था। वैसे तो पूंजीवाद के सिद्धांत के हिसाब से सरकार को दोनों की मदद के लिए नहीं आना चाहिए था परंतु Crony capitalism  के इस दौर में सरकार अमीर लोगों की मदद के लिए तो आती है परंतु गरीब लोगों को पूंजीवाद के सिद्धांत बताती है।

समाजवाद अर्थव्यवस्था

 समाजवादी अर्थव्यवस्था में सरकार लगभग सारे व्यापार अपने हाथ में रखती है। ऐसा कर कर वह सभी लोगों को एक तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश करती है। और क्योंकि Manufacturing सरकार के हाथ में हैं इसीलिए सरकार  वस्तुओं के दाम पर भी अपना  अधिकार रखती है।

समाजवाद की सबसे अच्छी बात यह है कि वह देश के सभी नागरिकों  के साथ एक जैसा व्यवहार करती है। और समाजवाद की सबसे बड़ी बुराई भी यही है कि वह देश के हर एक नागरिक के साथ एक जैसा व्यवहार करती है। पूंजीवाद जहां काबिल व्यक्ति को आगे बढ़ने का मौका देता है वही समाजवाद सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करने के साथ काबिल व्यक्ति को आगे बढ़ने से भी रोक देता है।

समाजवाद की व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण सोवियत संघ है। इसकी विफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज सोवियत संघ नाम की कोई चीज है ही नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना लोकतंत्र के समाजवाद एक तानाशाही की तरह है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस सवाल का जवाब मिल गया होगा कि ,भारत की अर्थव्यवस्था कैसी है ?

मिश्रित अर्थव्यवस्था

भारत और दुनिया के बहुत सारे देश मिश्रित अर्थव्यवस्था को follow करते हैं। इस तरह की अर्थव्यवस्था में समाजवाद एवं पूंजीवाद दोनों से कई चीजें ली गई हैं। सरकार सारे काम नहीं करती बल्कि वे काम करती है जो जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उदाहरण के लिए सरकार  कार  नहीं बनाती परंतु सरकार रेलवे चलाती है क्योंकि रेलवे का उपयोग आम आदमी भी करते हैं ।

एक समय ऐसा भी था जब भारत सरकार सुई से लेकर कार तक सभी वस्तुएं बनाती थी परंतु धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था में सुधार किए गए और सरकार ने वह काम जो  निजी कंपनियां बेहतर तरीके से कर सकती थी वे निजी उद्योग को सौंप दिये। मिश्रित अर्थव्यवस्था का सबसे गलत उदाहरण एयर इंडिया है ।

मिश्रित अर्थव्यवस्था कहती है कि आम जनता के जीवन से जुड़ी चीजों  का निर्माण सरकार कर सकती है, एवं इस तरह की सेवाएं भी सरकार दे सकती है परंतु एयर इंडिया जैसी कंपनी का आम जनता के जीवन से कोई भी संबंध ना होते हुए भी सरकार इसे चला रही है।  ऐसा करना मिश्रित अर्थव्यवस्था के सिद्धांत के खिलाफ है। वही सरकार को किसी भी ऐसे उद्योग से अपने हाथ नहीं खींचने चाहिए जहां पर आम जनता का हित  देखा जाता है।

उदाहरण के लिए सरकार को रेलवे का कभी  निजीकरण नहीं करना चाहिए क्योंकि अगर ऐसा किया जाता है तो  निजी कंपनी फायदे  देखेगी ना कि यह देखेगी कि गरीब आदमी  सफर कर सकता है या नहीं ? हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस सवाल का जवाब मिल गया होगा कि ,भारत की अर्थव्यवस्था कैसी है ?

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