बिहार की राजधानी का नाम क्या है। Capital of Bihar in Hindi

बिहार भारत के महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। बिहार की जनसंख्या काफी अधिक है। जनसंख्या के आधार पर बिहार भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। बिहार कुल 38 ज़िलों में बंटा हुआ है। बिहार की राजधानी पटना है। पटना, बिहार के 38 ज़िलों में से एक ज़िला भी है। यह शहर गंगा नदी के दक्षिणी किनारे बसा हुआ है। इसके अलावा यह अलग – अलग ओर से सोन, गंडक तथा पुनपुन नदी से भी लगा हुआ है।

पूर्वी भारत में कोलकाता के बाद सबसे बड़ा शहर पटना ही है। राजधानी होने के कारण पटना बिहार का सबसे महत्वपूर्ण शहर है। पटना में कुल 75 Wards हैं। पटना आबादी के लिहाज़ से बिहार का सबसे बड़ा शहर भी है। इसके अलावा 2011 की जनगणना के अनुसार पटना भारत का 19वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर भी है। 2011 के अनुसार पटना शहर की आबादी 1,695,000 थी।

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बिहार की राजधानी क्या है –

जैसा की हमने जाना की बिहार की राजधानी पटना है । पटना शहर भारत के सबसे पुराने शहरों में से एक है। पटना शहर को 490 BCE में मगध साम्राज्य के सम्राट द्वारा बसाया गया था। पटना के संस्थापक के रुप में अजातशत्रु को जाना जाता है। 300 BCE के आसपास भी इस शहर की आबादी काफी अधिक हुआ करती थी। उस समय यहां की कुल आबादी लगभग 4 लाख हुआ करती थी। उस समय पटना का नाम पाटलीपुत्र हुआ करता था। वर्तमान समय में पटना शहर के अंतर्गत पाटलीपुत्र एक लोकसभा Constituency है। पटना का नाम कभी कुसुमपुर तथा अजीमाबाद भी हुआ करता था।

पटना के साथ राजधानी होने का गौरव लगभग इसकी स्थापना के समय से ही जुड़ा हुआ है। पटना (तत्कालीन पाटलीपुत्र) मगध साम्राज्य के दूसरे शासक हर्यान्का साम्राज्य के समय भी मगध की राजधानी हुआ करता था। इनका शासन मगध क्षेत्र मे 544 BCE से 492 BCE तक रहा था। इसके अलावा यह नंदा, मौर्यकाल, Shunga, Gupta साम्राज्य के समय में भी पाटलीपुत्र मगध साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। गुप्ता साम्राज्य का अंत होने के कारण पटना का महत्व कुछ कम हो गया था। लेकिन 17वीं शताब्दी में अंग्रेजों के भारत में आने से यह फिर महत्वपूर्ण बन गया। अंग्रेजों ने 1912 में बिहार को बंगाल प्रान्त से अलग कर दिया था। इसके बाद  पटना को  Bihar तथा Orissa Province की राजधानी बना दिया।

पटना को ही बिहार की राजधानी क्यों बनाया गया ?

बिहार की राजधानी पटना है, यह हम सभी जानते हैं। लेकिन बिहार की राजधानी के रूप में पटना को ही क्यों चुना गया था, इस बारे में अधिक लोगों को जानकारी नही है। पटना का महत्व वर्तमान समय में ही नही बढ़ा है, बल्कि यह सैकड़ों साल पहले भी काफी महत्वपूर्ण हुआ करता था। मौर्यकाल में पटना लगभग 600BCE से 600CE यानी लगभग 1 हज़ार साल तक मगध साम्राज्य की राजधानी रहा था। इस कारण यह विश्व के पुराने राजधानी शहरों में से एक है। इसे उस समय राजधानी बनाने की बड़ी वजह ये थी कि इससे बाकी हिस्सों में पहुंच काफी आसान थी। इसके अलावा गंगा नदी समेत कुल 4 नदियों के किनारे बसे होने के कारण इसे खासा महत्व दिया गया था।

जब बंगाल में ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने कदम जमाने शुरू किए और प्लासी के युद्ध में बंगाल के शासक को हरा कर बंगाल पर कब्ज़ा किया, तो इसके बाद इसने अगला निशाना बिहार को ही बनाया था। बिहार को कब्जे में लेने के बाद पटना शहर को उन्होंने नए सिरे से बसाया। इस शहर को Bankipore के नाम से जाना जाता था। 1620 में अंग्रेज़ो ने पटना में पहली factory लगाई। यह फैक्ट्री calico तथा silk की थी। इस फैक्ट्री के माध्यम से यहां इनके खरीद तथा इसे Store करने की व्यवस्था की गई थी। यहीं से सुविधा को देखते हुए भारत के अन्य हिस्सों में इसका व्यापार करने लगें।

पटना में भारत में रेलवे के आने के शुरुआती दौर में ही 1862 में रेलवे की भी शुरुआत हो गयी थी। इसलिए व्यापार के लिए अनुकूल स्तिथि को देखते हुए उन्होंने पटना को अंतराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र के रूप स्थापित कर दिया। अंग्रेजी हुकूमत अपने व्यापार का बड़ा हिस्सा यहीं से अंजाम देते थे। 1912 में बिहार को बंगाल प्रांत से अलग कर अंग्रेज़ो ने पटना को बिहार तथा ओडिसा प्रान्त की राजधानी बना दिया।

यह पहला मौका था जब बिहार की राजधानी के रूप में पटना को चुना गया था। भारत की आज़ादी के बाद भी बिहार की राजधानी के रूप में बिहार को ही चुना गया। इसके पीछे की बड़ी वजह यह थी कि बिहार में अन्य सभी प्रमुख शहरों से पटना की पहुंच आसान थी तथा पटना शुरुआत से ही बिहार का सबसे विकसित शहर था। यहां शुरू से ही काफी आबादी रहती थी। इस कारण यह शहर सभी दृष्टि से राजधानी के रूप में अन्य के मुकाबले काफी अनुकूल था।

बिहार की उप राजधानी क्या है ?

बिहार क्षेत्रफल के आधार पर भारत का 13वां तथा आबादी के लिहाज से भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। इसकी राजधानी शुरू से ही, यानी राज्य की स्थापना के समय से ही पटना है। हालांकि पटना अलग – अलग साम्राज्य के समय में भी तथा अंग्रेजी हुकूमत के समय भी बिहार क्षेत्र की राजधानी हुआ करता था। बिहार की राजधानी होने के कारण वर्तमान समय में पटना बिहार का सबसे विकसित शहर है। राज्य के शिक्षा, सांस्कृतिक, व्यापारिक तथा राजनीति इत्यादि का केंद्र भी पटना ही है। चूंकि क्षेत्रफल के आधार पर बिहार काफी बड़ा है, तथा राजधानी से कुछ हिस्सों की दूरी कुछ अधिक है। इस कारण समय – समय पर बिहार में एक अन्य शहर को उप राजधानी के रूप में मान्यता देने की मांग की जाती रही है।

लेकिन वास्तव में आधिकारिक रूप से बिहार में किसी भी अन्य शहर को उप राजधानी की मान्यता प्राप्त नही है। हालांकि आमतौर से पटना से लगभग 240 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद भागलपुर को बिहार की उप राजधानी बनाने की मांग होती रही है, लेकिन इसे आज तक उप राजधानी का दर्जा नही दिया जा सका है। हालांकि 2012 में इस बात के लिये कुछ वादे किए गए थे, लेकिन इस पर कभी भी अमल नही हुआ। यानी कि आज तक बिहार में उप राजधानी की घोषणा नही हुई है। लेकिन इसे उप राजधानी के रूप में मान्यता देने की मांग समय – समय पर आज भी की जाती रही है।

इसके अलावा भागलपुर में हाईकोर्ट की अन्य शाखा खोलने की मांग भी की जाती रही है। भागलपुर के अलावा भी बिहार के कई अन्य शहरों को बिहार की उप राजधानी बनाने की मांग की जाती रही है, लेकिन इन सभी मांगो पर आधिकारिक रूप से सरकार की ओर से कोई ध्यान नही दिया गया है। हालांकि 2012 में भागलपुर के तत्कालीन सांसद ने इस मांग को ज़ोर देते हुए कहा था कि भागलपुर को उप राजधानी बनाने की मांग की जाएगी और यह दर्जा दिया जाएगा। लेकिन फिर यह बात भी समय के साथ समाप्त हो गयी। वर्तमान स्थिति में बिहार में किसी शहर को उप राजधानी का दर्जा देने की भी संभावना नज़र नही आती है।

बिहार की राजधानी कहाँ है ?

बिहार की राजधानी पटना है। पटना बिहार के 38 ज़िलों में से एक ज़िला है। पटना ज़िला आबादी के लिहाज से बिहार का सबसे बड़ा ज़िला भी है। इसके अलावा पटना के बिहार की राजधानी होने के कारण राज्य की सभी प्रमुख संस्थाएं जैसे हाई कोर्ट, विधानसभा, Secretariat इत्यादि पटना में ही है। पटना शहर राज्य का सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र भी है।  पूरे राज्य के मुकाबले सबसे अधिक व्यापार यहीं से संचालित होता है। इसके अलावा पटना में ही राज्य के अधिकतर बड़े शिक्षण संस्थान भी है। इस कारण राज्य भर से छात्र ऊंची शिक्षा के लिए पटना में ही आते हैं।

पटना ज़िले के अंतर्गत आने वाला मुख्य पटना शहर ही राजधानी क्षेत्र है। इसके अलावा भी पटना के अंतर्गत कई बड़े शहर आते हैं। इसमें दानापुर, बादलपुरा, दानापुर केंट,  खगौल, Nohsa, Pataliputra Housing Colony, फुलवारी शरीफ तथा सैदपुरा शहर आता है। इन सभी में सबसे अधिक आबादी पटना शहर की है। 2011 की जनगणना के अनुसार पटना शहर की कुल आबादी 1,684,222 थी। वहीं पटना के अंतर्गत आने वाले सभी शहरों को मिला कर पटना ज़िले की कुल आबादी 5,838,465 है।

भौगोलिक स्थिति के आधार पर बात करें तो पटना भारत के पूर्वी भाग में स्थित है। यह भारत की बड़ी नदियों में से एक गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर बसा हुआ है। इसके अलावा पटना के आसपास गंगा के अलावा सोन, पुनपुन और गंडक नदी है। यानी कुल 4 बड़ी नदियां पटना के आसपास मौजूद है। इस लिहाज से पटना दुनिया की सबसे बड़ा Riverine City है। पटना का अक्षांशीय विस्तार  25.6°N 85.1°E है।

पटना शहर समुंदर तल से 53 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 136 वर्ग किलोमीटर है। पटना के राजधानी होने के कारण यहां से बिहार के अन्य प्रमुख ज़िलों के लिए आने जाने के लिए सड़क मार्ग की सुविधा उपलब्ध है। बिहार के कुछ अन्य प्रमुख शहर और ज़िले जैसे मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, सिवान, गया इत्यादि  3 से 5 घँटे की दूरी पर मौजूद है। इसके अलावा पटना से हवाई मार्ग से अन्य जगह जाने के लिए पटना में एक हवाई अड्डा भी है।

बिहार की राजधानी पटना कब बनी ?

बिहार पहले Bengal Presidency के अंतर्गत आता था। 17वीं शताब्दी में बक्सर के युद्ध में ईस्ट इंडिया कंपनी ने जीत के बाद धीरे – धीरे बिहार के बड़े हिस्से को अपने नियंत्रण में ले लिया। यह लंबे समय तक इन्ही के नियंत्रण में Bengal Presidency के साथ रहा। लेकिन 1912 में अंग्रेज़ी हुकूमत ने बिहार को Bengal Presidency से अलग कर  Province (प्रांत) के रूप में बनाने का निर्णय किया। Province एक तरह से एक अलग राज्य ही था। 22 मार्च 1912 को आधिकारिक रुप से बिहार को Bengal Presidency से अलग कर नए राज्य के रूप में बना दिया गया।

तब इसे Province कहा जाता था। उस समय ओडिसा बिहार Province के अंतर्गत ही आता था। 22 मार्च को ही बिहार राज्य का स्थापना दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक साल 22 मार्च को बिहार के स्थापना दिवस के रूप में राज्य भर में बिहार दिवस मनाया जाता है।

बिहार को Bengal Presidency से अलग करने के साथ ही अंग्रेज़ो ने Bihar Province की राजधानी पटना को बनाया। यानी आधुनिक बिहार में पटना को पहली बार राजधानी बिहार के Bengal Presidency से अलग हो कर नए राज्य के रुप में बनने के साथ ही, 1912 में ही बनाया गया था। इसके बाद जब अंग्रेज़ी हुकूमत का भारत में अंत हुआ तो, तब 1947 में बिहार समेत भारत में राज्यों की संख्या केवल 12 थी। इसमें बिहार भी एक था। तब भी बिहार की राजधानी पटना ही थी। हालांकि भारतीय लोकतंत्र में आधिकारिक रूप से राज्यों की घोषणा भारत के एक लोकतांत्रिक देश बन जाने के साथ ही हुई थी।

जो भी राज्य पहले से थे, उनमें कई बदलाव किए गए। कुछ राज्य जैसे थे, वैसे ही रहने दिया गया तथा उनको आधिकारिक तौर पर राज्य के रूप में मान्यता 26 जनवरी 1950 को दी गईं। जबकि पहले से Province के रूप में मौजूद हिस्सों को कई अलग – अलग राज्यों में बांट दिया गया। जब आधिकारिक रूप से बिहार को 26 जनवरी 1950 को भारत के एक राज्य के रूप में मान्यता दी गयी तब भी इसकी राजधानी पटना को ही चुना गया। इसके बाद से ही बिहार की राजधानी पटना  ही है। इसलिए कहा जा सकता है कि पटना को बिहार की राजधानी 1912 में ही बनाया गया था। इससे पीछे जाएं तो जब पटना पाटलीपुत्र हुआ करता था तब 268 से 231 BC तक यहां शासन करने वाले राजा अशोक ने अपने शासनकाल में पहली बार पाटलीपुत्र (वर्तमान पटना) को अपनी राजधानी घोषित किया था।

पटना के बारे में कुछ रोचक तथ्य – Interesting facts about Patana

पटना का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। पटना विश्व के सबसे पुराने शहरों में से एक है। पटना से दर्जनों गौरव जुड़े हुए हैं। इसके अलावा देश की आज़ादी की लड़ाई में भी पटना का इतिहास रहा है। काफी पुराने और ऐतिहासिक स्थान होने के कारण पटना से जुड़े कई रोचक तथ्य है। इससे जुड़े 10 रोचक तथ्य निम्नलिखित हैं।

1. पटना की गिनती विश्व के सबसे पुराने आबाद शहरों में की जाती है। माना जाता है कि पटना लगभग 2500 साल पहले से ही आबाद है। लगभग प्रत्येक काल में यहां अच्छी आबादी रही है।

2. पटना का पुराना नाम पाटलिपुत्र, कुसुमपुर तथा अजीमाबाद था। 399 से 412 ईस्वी के बीच चीनी के बौद्ध यात्री Fa Hien तथा बौद्ध विद्वान Hsuan tsang पाटलीपुत्र आए थे। उन्होंने अपनी किताब में तब पटना का नाम Pa lin fou लिखा था। इसके अलावा 350 BCE से 290 BCE के बीच के एक Greek Historian ने पटना को Palibothra के नाम से दर्ज किया था।

3. 700 BCE से 600 BCE तक मगध क्षेत्र पर शासन करने वाले एक तमिल राजा ने पटना का नाम तब Patalipatnam कर दिया था।

4. पटना 4 बड़ी नदियों गंडक, सोन, पुनपुन तथा गंगा से घिरा हुआ है। इस कारण पटना विश्व का सबसे बड़ा नदियों से घिरा हुआ शहर है। इस आधार पर इसका नाम भी रखा गया था। पटना शब्द Pattan से लिया गया है। इसका अर्थ Port होता है। यानी नदी से घिरे होने के कारण इसे एक द्वीप माना जाता था।

5. सिक्ख धर्म के 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना में ही हुआ था। उन्होंने अपना शुरुआती जीवन पटना में ही बिताया था।

6. पटना में सबसे पवित्र मंदिर पटन देवी का मंदिर है। यह मंदिर पटना सिटी में सिखों के पवित्र तख्त श्री पटना साहिब के पास मौजूद है।

7. पटना में कई ऐतिहासिक चीज़े तथा पर्यटन स्थल हैं, इस कारण बिहार में आने वाले कुल पर्यटकों का लगभग आधा भाग केवल पटना में ही आते हैं।

8. बिहार का सबसे अधिक आबादी वाला तथा सबसे अधिक साक्षरता दर वाला जिला पटना ही है।

9. पूर्वी भारत में कोलकाता के बाद पटना भारत का सबसे बड़ा शहर है।

10. पटना मुख्य रूप से दो भाग में बंटा हुआ है। पटना साहिब, इसे Old Patna भी कहा जाता है। इसका दूसरा भाग मुख्य पटना शहर हैं। पटना में पटना साबित व्यापार का मुख्य केंद्र है।

भारत के सभी 28 राज्यों की राजधानी क्या है ?

अरुणाचल प्रदेश की राजधानीआंध्र प्रदेश की राजधानीअसम की राजधानी
उड़ीसा की राजधानी उत्तर प्रदेश की राजधानी केरल की राजधानी
मध्यप्रदेश की राजधानी मणिपुर की राजधानी कर्नाटक की राजधानी
मेघालय की राजधानी नागालैंड की राजधानी महाराष्ट्र की राजधानी
छत्तीसगढ़ की राजधानीतेलंगाना की राजधानी झारखंड की राजधानी
गुजरात की राजधानी राजस्थान की राजधानी भारत की राजधानी
हिमाचल प्रदेश की राजधानी हरियाणा की राजधानी तमिलनाडु की राजधानी
जम्मू & कश्मीर की राजधानी कनाडा की राजधानी त्रिपुरा की राजधानी
सिक्किम की राजधानी गोवा की राजधानी West Bengal की राजधानी

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Arvind Patel

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