ब्लैक होल की खोज किसने और किस वर्ष में की थी।

हमारा सौरमंडल अगिनत रहस्यों से घिरा हुआ है। यहाँ ना जाने कितने रहस्यों का नित पर्दाफाश होता है। इस आश्चर्यजनक दुनिया मे प्रत्येक कार्य के होने का एक सार्थक कारण होता है , जिसके कारण वह कार्य होता है। वर्तमान समय मे मानव अपने स्वार्थ के लिऐ रोज़ाना Nature को चुनौती दे रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वातावरण में कुछ असामान्य घटनाएं घट रही है। जिससे सभी को बेहद नुकसान हो रहा है। हमारे सौरमंडल में एक ऐसी ही रहस्यमयी बात ब्लैक होल को लेकर चर्चा में बनी हुई है। ब्लैक होल होता क्या है ? इसको किसने सबसे पहले जाना ? यह सभी प्रश्न सकभी लोगो के मन मे बने हुए है। आज के इस article मे हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे कि यह ब्लैक होल की वास्तविकता क्या है। इसको सबसे पहले जाना किसने ? और वर्तमान में इसकी क्या दशा है।

black hole ki khoj kisne ki thi

ब्लैक होल ( कृष्ण विवर ) की खोज कब हुई

ब्लैक होल यानी कृष्ण विवर की खोज का श्रेय अगर किसी एक व्यक्ति को दिया जाये तो वह गलत होगा। इसकी खोज से लेकर इस को अध्ययन करने लायक बनाने का कार्य मुख्य रूप से 3 वैज्ञानिको ने किया।

सर्वप्रथम 1783 मे John Michell नाम के एक वैज्ञानिक ने इसके आस्तित्व को लेकर अपने विचार को प्रकट किए थे। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी मे एक अध्यापक के रूप में कार्य करने वाले John ने माना कि हमारे सौरमंडल मे black hole की उपस्थिति है।

इसके बाद 1796 में फ्रांस के एक वैज्ञानिक Pierre- Simon Laplace ने अपनी पुस्तक ” The System of the World”  में ब्लैक होल के बारे में एक theory प्रकट करी , जिसको लेकर बाकी लोगो मे इस विषय को लेकर उत्सुकता तो बढ़ी, परन्तु इसमे पूर्णता न होने के कारण इस पर ज्यादा गौर नही किया गया।

सन 1916 में Karl Schwarzschild नाम के वैज्ञानिक ने ब्लैक होल को लेकर अपनी theory प्रकट की, जिसमे उन्होंने इसके गुरुत्वाकर्षण बल( Gravitational force)  तथा घनत्व(Density)  की पूर्ण रूप से विवेचना की, जिसके चलते आगे जाकर ब्लैक होल पर और गहराई से study की गई और इसको बीरीकी से जाना गया।

Black hole क्या है ?

इस सबके जानने के बाद भी लोगो के मन मे एक सवाल यह होता है कि आखिर ! यह ब्लैक होल की बला क्या है?  इसका जबाब आसान एवं सरल भाषा में समझा जाये तो, ब्लैक होल एक अत्यंत घनत्व तथा गुरुत्वाकर्षण वाला पिंड है। इसका गुरुत्वाकर्षण बल इतना प्रबल होता है कि इससे रोशनी भी पार नही हो सकती। अलग शब्दों में हम यह कह सकते है कि, ब्राह्मण में ब्लैक होल वह स्थान है, जहाँ भौतिक विज्ञान के कोई नियम काम नही करते। वर्तमान समय मे यह विषय बेहद चर्चा में बना हुआ है, क्योकि रोज़ाना इस पर नये नये खुलासे हो रहे है। कुछ दिनों पहले इसकी पहली तस्वीर भी जारी की गई थी, जो इसके अन्य कई राज खोलने में सहायक हुई है।

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