BSNL के मालिक कौन है ? Owner of BSNL

वर्ष 2000 की शुरुआत से जब दूरसंचार (Telecommunication) ने अपने पैर पसारने शुरू किये, तब भारत मे गिनी-चुनी कंपनियां मौजूद थी, जो दूरसंचार को देश मे संचालित कर रही थी। उस समय सबसे अव्वल स्थान जिस कंपनी का था, उसको BSNL के नाम से आज भी जाना जाता है। टेलीग्राफ (Telegraph) के समय से अपनी सेवाएं देने वाली यह कंपनी आज के समय मे मौजूद गलाकाट प्रतिस्पर्धा (Competition) की दौड़ के थोड़े पीछे दिखाई पड़ती है। बाज़ारी प्रतियोगिता में निचले स्थान पर होने के बाबजूद भी इसका महत्व उच्च दर्जे का है, क्योंकि जिस समय देश मे लोग टेलीफोन (Telephone) औऱ दूरसंचार को मुश्किल मानते थे, उस समय इसने उनका विस्तार किया। इस Article में हम इसी विषय पर बात करेंगे।

BSNL के मालिक कौन है –

BSNL के मालिक कोई एक व्यक्ति विशेष नही है। इसका मालिकाना हक भारत सरकार (Government of India) के हाथों में सम्पूर्ण रूप से है। इसका संचालन एवं नियंत्रण (Control) सरकार के ही हिस्से में आता है। BSNL का पूरा नाम “भारत संचार निगम लिमिटेड” (Bharat Sanchar Nigam Limited) है, जिसको उच्चारण की सुविधा के लिए संछिप्त रूप में BSNL कहा जाता है। इसका यह नाम हिंदी (Hindi) भाषा से ही लिया गया है, जिसका अंग्रेज़ी में अनुवाद “Indian Communications Corporation Limited” होता है।

यह एक भारतीय दूरसंचार कंपनी (Indian Telecommunication Company) है, जो देश भर में अपनी मोबाइल वॉइस (Mobile Voice) एवं इंटरनेट सेवा प्रदान करता है। BSNL की स्थापना  1 October 2000 को हुई थी। जिसको भारत सरकार ने किया था। इसका मुख्यालय देश की राजधानी नई दिल्ली (New Dehli) में स्थित है। वर्तमान समय मे प्रवीन कुमार पुरवार (Pravin Kumar Purwar) इसके अंतरिम रूप से अध्यक्ष (Chairman) एवं प्रबंध निदेशक है। इंटरनेट के अलावा यह देश में Internet Protocol Television (IPTV), ब्रॉडबैंड, इंटरनेट टेलीविजन एवं Fixed line Telephone जैसी सेवाएं भी देता है। 2019 के आंकड़ो के अनुसार इससे लगभग 70,216 कर्मचारी जुड़े थे, जो इसको देश का सबसे बड़ा Wireline Telecommunications Network बनाते है। 2019 के आंकड़ो को थोड़े औऱ बारीकी से देखा जाये तो, BSNL का कुल राजस्व (Revenue) ₹19,308 करोड़ था, जबकि इसकी कुल आय (Net Income) बढ़ोतरी के साथ ₹3,879.92 करोड़ थी।

यह भारत देश की सबसे पुरानी Communication कंपनी है। इसका इतिहास ब्रिटिश काल (British Era) से जुड़ा हुआ है, जब टेलीग्राम (Telegram) दूरसंचार का मुख्य साधन हुआ करता था। 1850 से शुरू हुई टेलीग्राफ सुविधा 1980 आते आते बंद हो चुकी थी। जिसके बाद BSNL ने यह कार्य अपने कंधों पर ले लिया। यह सुविधा उसने 15 July 2013 तक चलाई। उसके बाद टेलीग्राम का स्थान  Web-Based Messaging System ने ले लिया। जिसको देशभर व्याप्त लगभग 182 टेलीग्राफ ऑफिसो के जरिये पहुँचाया जाता था।

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