चंद्रगुप्त मौर्य कौन था ? who was the chandra gupta maurya

चंद्रगुप्त मौर्य को मौर्य साम्राज्य का संस्थापक अथवा Founder माना जाता है । इतिहासकारों के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य ने तब तक के भारतवर्ष के सबसे बड़े साम्राज्य की स्थापना की । मौर्य साम्राज्य के जितना विशाल साम्राज्य उससे पहले कभी नहीं आया था और उसके बाद भी केवल मौर्य साम्राज्य के तीसरे राजा सम्राट अशोक का साम्राज्य इस साम्राज्य से बड़ा माना जा सकता है ।

चंद्रगुप्त मौर्य के जन्म की तारीख एवं वर्ष के विषय में इतिहासकार किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए हैं परंतु सभी इस बात पर एकमत हैं कि चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु 297 ईसा पूर्व में हुई । जब कभी आप इतिहास में चंद्रगुप्त की बात सुनते हैं तो चंद्रगुप्त के साथ ही आपको उनके गुरु चाणक्य के विषय में भी जानकारी मिलती है चाणक्य को कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है । ऐसा माना जाता है कि चाणक्य के  मार्गदर्शन में ही चंद्रगुप्त मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य बने । अब जब आपने इस बात को समझ लिया कि ,चंद्रगुप्त मौर्य कौन था ?  तो आगे बढ़ते हैं और आपको  चंद्रगुप्त मौर्य से सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य बनने की कहानी सुनाते हैं ।

chandragupta maurya kon tha

चंद्रगुप्त मौर्य सम्राट कैसे बना

इतिहासकारों के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य ने 321 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की नींव रखी और तब से लेकर अपनी मृत्यु के वर्ष 297 ईसा पूर्व तक इस पर राज किया । परंतु वे इस जगह पर कैसे पहुंचे यह कहानी अत्यंत रोचक है ।

मौर्य साम्राज्य की नींव पड़ने से कुछ साल पहले Alexander the Great भारत आया जिसे कुछ लोग सिकंदर महान के नाम से भी जानते हैं । एलेग्जेंडर एवं उसकी सेनाओं ने उत्तर भारत में काफी सारे राजाओं को हराकर इनके  राज्य को ग्रीक साम्राज्य में मिला लिया ।  ऐसा माना जाता है कि इसी समय कौटिल्य ने एलेग्जेंडर की सेनाओं से लड़ने के लिए कई राजाओं को इकट्ठा करने की कोशिश की परंतु इसमें विफल रहे । Alexander  भारत में लगातार विजय प्राप्त कर रहा था परंतु उसकी विजय का रथ  तब रुक गया जब  उसने तत्कालीन नंद  साम्राज्य पर आक्रमण करने का निर्णय लिया ।

ऐसा माना जाता है कि तत्कालीन भारत में सबसे मजबूत साम्राज्य अगर कोई था तो वह था नंद साम्राज्य और Alexander  के सहयोगी इस बात से पूरी तरह परिचित थे इसीलिए उन्होंने आगे बढ़ने से मना कर दिया और यह स्थिति आ गई कि Alexander  की सेना में उसी के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया ।  इस तरह स्थिति बिगड़ते हुए देख Alexander  ने वापस जाने का निर्णय लिया। ऐसा माना जाता है कि वापस जाते समय बेबीलॉन में उसकी मृत्यु हो गई । जब एलेग्जेंडर अपने सेनापतियों को नियुक्त करके भारत से वापस गया तो उसके जाने से भारत में एक शून्य बन गया  या बोलचाल की भाषा में कहें  तो Vacuum create हो गया इस स्थिति का लाभ उठाते हुए चंद्रगुप्त मौर्य ने कौटिल्य के मार्गदर्शन में एक नई सेना बनाई जो धीरे-धीरे नंद साम्राज्य की ओर बढ़ रही थी ।

नंद साम्राज्य का तत्कालीन राजा था धनानंद जो एक अत्यंत ही  नालायक राजा था वह अपने राज्य की रक्षा चंद्रगुप्त एवं उसकी नई सेना से नहीं कर सका और धनानंद के साथ ही नंद साम्राज्य का भी अंत हो गया ।इसके साथ ही भारत वर्ष में नए साम्राज्य का उदय हुआ जिसे मौर्य साम्राज्य के नाम से जाना जाता है । चलिए यह तो हुई चंद्रगुप्त की बात, ऐसी ही अन्य रोचक जानकारियों के लिए हमारे साथ लगातार बना रहे ।

दोस्तों आपको यह जानकारी चंद्रगुप्त मौर्य कौन था पसंद आई या नहीं हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताये और अगर आपके किसी भी तरह के प्रश्न है तो उसके बारे में भी कमेंट में लिख सकते हैं ।धन्यवाद ।

Leave a Reply