Chandrayaan 1 कब लांच किया गया था ?

Chandrayaan-1  अथवा चंद्रयान प्रथम  भारत की सर्वोपरि अंतरिक्ष  संस्था   इसरो  अथवा Indian Space Research Organisation के द्वारा चंद्रमा की तरफ भेजा गया  पहला mission  था । जहां तक यह प्रश्न है कि चंद्रयान प्रथम को कब लांच किया गया था तो उसका जवाब है चंद्रयान प्रथम को 22 अक्टूबर 2008 के दिन लांच किया गया था । चंद्रयान प्रथम एक Lunar orbitor  यान था । चंद्रयान प्रथम अक्टूबर 2008  से लेकर 28 अगस्त 2009 तक काम करता रहा  उसके पश्चात इसका इसरो के साथ संपर्क टूट गया ।

इस अंतरिक्ष यान का वजन लगभग 1380 किलोग्राम था । इस को अंतरिक्ष में भेजने के लिए पीएसएलवी का उपयोग किया गया था जिसे पेलोड सैटेलाइट लॉन्चिंग  व्हीकल  के नाम से भी जाना जाता है । अब जब आपको इस बात का ज्ञान हो गया कि ,chandrayaan-1 कब लांच किया गया था  ? तो आगे बढ़ते हैं और इस अंतरिक्ष यान से जुड़ी अन्य जानकारियों से आपको अवगत कराते हैं ।

chandrayaan 1 kab launch hua tha

Chandrayaan-1 : इसरो का यह पूरा मिशन अक्टूबर 2008 से लेकर अगस्त 2009 तक चला । इस अंतरिक्ष यान को सतीश धवन स्पेस सेंटर से लांच किया गया था । यह अंतरिक्ष यान चंद्रमा की कक्षा में 8 नवंबर 2008 को enter हुआ । विशेषज्ञों के अनुसार इस पूरे मिशन का बजट लगभग 400 करोड रुपए था । वैसे तो इस यान की योजना 2 साल के लिए बनाई गई थी परंतु यह 10 महीने और 6 दिन ही चल सका । 28 अगस्त 2009 को इसका इसरो के साथ संपर्क टूट गया । इसरो के अनुसार इसका कारण कुछ तकनीकी खामियां था ।

इसरो ने इसके साथ ही यह भी बताया कि इसके संपर्क टूटने का कारण Start tracker failure अथवा थर्मल  shielding  का खराब होना हो सकता है । इस मिशन के खत्म होने के लगभग 7 साल बाद 2 जुलाई 2016 को नासा के ग्राउंड आधारित रडार सिस्टम ने चंद्रयान प्रथम का पता लगाया ।  उन्होंने अपने इस दावे की पुष्टि के लिए चंद्रयान प्रथम के कुछ चित्र भी भेजें । चंद्रयान प्रथम भारतीय स्पेस एजेंसी का  तब तक का सबसे बड़ा मिशन था । इसके पश्चात इसी मिशन से प्राप्त जानकारियों के अनुसार इसरो ने अपने संगठन में कुछ परिवर्तन किए और चंद्रयान प्रथम की गलतियों को सुधारते हुए  मंगलयान एवं चंद्रयान द्वितीय अंतरिक्ष में भेजा ।

ऐसा माना जाता है कि इस मिशन की घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने 2003 में की थी और उन्हीं के काम को आगे बढ़ाते हुए इस योजना पर ज्यादातर काम तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की देखरेख में हुआ । अगर आप भारतीय एजेंसी की सफलता का अंदाजा लगाना चाहते हैं तो आपको समझना होगा कि, अगर नासा जो दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी है वह  अगर चंद्रयान जैसा कोई मिशन करती तो उसकी लागत लगभग 500 मिलियन डॉलर होती, जो कि चंद्रयान से 10 गुना ज्यादा है । हमें उम्मीद है कि आप के चंद्रयान प्रथम से जुड़े सभी प्रश्नों के जवाब मिल गए होंगे ऐसी ही अन्य रोचक जानकारियों के लिए हमारे साथ लगातार बने रहे ।

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