चीन का राष्ट्रीय पशु क्या है। National Animal of China

चीन का राष्ट्रीय पशु क्या है – वैसे तो चाइना के 2 राष्ट्रीय पशु है  पहला है ड्रैगन एवं दूसरा जाइंट पांडा है , जिसे हम  सभी केवल पांडा के नाम से जानते हैं। ड्रैगन एक काल्पनिक जानवर है  जिसका  चाइना के परिदृश्य में बहुत महत्व है परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांडा ही चाइना के राष्ट्रीय पशु के रूप में जाना जाता है। पांडा भालू की एक प्रजाति है । इसके china के राष्ट्रीय पशु होने  का प्रमुख कारण चाइना मे इस जानवर का ऐतिहासिक महत्व होने के साथ-साथ यह तथ्य भी है कि  यह पशु केवल चाइना में पाया जाता है और कहीं नहीं।

यह जानवर लगभग  विलुप्त होने की कगार पर है, एवं कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठन इसको विलुप्त होने से बचाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख संस्था   डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ  है। डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ अथवा The World Wide Fund for Nature (WWF)के लिए इस पशु को बचाना कितना महत्वपूर्ण है इस बात को इसी तथ्य से समझा जा  सकता है कि इस संस्था का लोगो (logo) 1961 से पांडा का चित्र ही है।

china ka rashtriya pashu

एक वयस्क पांडा का वजन लगभग 45 किलोग्राम के आस पास होता है  (परंतु जंगल के बाहर  पाए गए पांडा का  वजन 150 किलोग्राम तक पहुंच सकता है।) एवं उनकी ऊंचाई 5 फीट तक पहुंच सकती है। वैसे तो पांडा अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा पेड़ों पर बिताते हैं, परंतु  पेड़ों पर ऊंचाई पर चढ़ने के साथ ही साथ यह तैरना भी काफी अच्छी तरह जानते हैं।वैसे तो हम पांडा को उनके काले एवं सफेद रंग से पहचानते हैं परंतु पांडा जब जन्म लेता है तो गुलाबी रंग का होता है उसका काला एवं सफेद रंग  3 हफ्ते बाद आता है ।

दुनिया में कुछ पांडा ऐसे भी है जो  भूरे एवं  सफेद रंग के होते हैं। पांडा प्रतिदिन 14 घंटे का समय केवल खाने में बिताते हैं, ऐसा माना जाता है कि वे प्रतिदिन 12 से 48 किलो तक बांस खा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पांडा के पचाने की क्षमता बहुत कमजोर होती है इसीलिए 12 से 48 किलो बांस खाने के बाद इसका  लगभग 80% मल के साथ निकाल देते हैं। इतनी कम मात्रा में पोषक तत्व ग्रहण करने के कारण ही उन्हें लगातार खाते रहना पड़ता है।

पांडा  के विलुप्त होने की कगार में पहुंचने का सबसे बड़ा कारण इसके प्राकृतिक रहने के स्थानों में लगातार कमी होना है, जैसे-जैसे चीन की आबादी बढ़  रही थी ठीक वैसे वैसे जंगल तेजी से काटे जा रहे थे परंतु अब चीन की सरकार पांडा की जनसंख्या बढ़ाने के लिए तत्पर है एवं किसी भी हालत में इनकी संख्या और कम नहीं होने देना चाहती। इसके लिए चीन की सरकार ने पांडा को नुकसान पहुंचाने पर अपने कानून में कड़ी सजा के प्रावधान किए हैं।

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