चीन की दीवार किसने बनवाई थी।

विश्व के अलग अलग हिस्सों में सैकड़ो साल पहले हुए कुछ ऐसे निर्माण हैं जिन्हें देख कर दुनिया हैरान हो जाती हैं। इसके उदाहरण भारत के ताजमहल, मिश्र के पिरामिड समेत कई दूसरे निर्माण हैं। उसी समय की एक और निर्माण भारत के पड़ोसी मुल्क चीन में भी है जिसे देखकर दुनिया आज भी अचंभित हो जाती हैं। चीन के उस मशहूर निर्माण का नाम चीन की दीवार या Great wall of China है। इसके निर्माण के बारे में कहा जाता है कि सबसे पहले, इसके पहले चरण का निर्माण 220 से 260 BC के बीच चीन के पहले शासक Qin Shi Huang ( किन शि हुआंग ) के शासनकाल मे में हुआ था। इसलिए चीन की दीवार बनवाने वाले के रूप में Qin Shi Huang का नाम आता है।

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Qin Shi Huang – चीन की दीवार के बनवाने वाले चीनी शासक

Qin Shi Huang चीन के सबसे पहले शासक थे। किन ने ही चीन में किन साम्राज्य की स्थापना की थी। इनका जन्म चीन के Zhao Zheng में हुआ था। 13 साल की उम्र में ही वह Zheng के राजा बने। इसके बाद धीरे धीरे अपने साम्रज्य को बढ़ाते गए। 38 साल की उम्र तक आते आते टुकड़ो में बंटे चीन के अलग अलग प्रान्त को जीत कर एक अखंड चीन का निर्माण किया और सिर्फ 38 साल की उम्र में ही चीन के राजा बन गए। इसके बाद ही उन्होंने चीन की दीवार का निर्माण करवाया था।

  • चीन के दीवार की बनावट

इसके निर्माण में मुख्यतः पत्थर, ईंट, गीली मिट्टी, लकड़ी समेत कई अलग सामग्री का उपयोग किया गया हैं। यह एक किला नुमा दीवार है। इसके शुरुआती हिस्से का निर्माण Qin Shi Huang ने करवाई। इसके बाद चीन मे सत्ता के बदलाव के बावजूद इसके निर्माण पर खास असर नही पड़ा। चीन की सत्ता जिसके भी हाथ में रही, सभी ने इसके निर्माण को जारी ही रखा। इस तरह टुकड़ो मे बनते बनते यह एक विशाल दीवार बन गया। इसके अधिकांश भाग का निर्माण 1368 से 1644 के बीच चीन की सत्ता में काबिज रही मिंग साम्राज्य के दौर में कई गयी। इस पूरे दीवार की कुल लंबाई 21,196 किलोमीटर है। इसके पहले चरण में यानी Qin Shi Huang के दौर में उत्तरी भाग का निर्माण किया गया था। बाकी के हिस्से मिंग शासनकाल में हुआ।

  • चीन की दीवार के निर्माण का उद्देश्य

चीन की दीवार का मुख्य उद्देश्य चीनी राज्यों की दुश्मनों से रक्षा करना था। चूंकि पहले युद्ध में तीर, बरछे का उपयोग किया जाता था। उस समय चीन पर इसके उत्तर में मौजूद दुश्मनों से ही अधिक खतरा रहता था। इसलिए इस दीवार का निर्माण उत्तर की ओर से हुआ था। मिंग शासनकाल में हुए निर्माण के बाद, कहा जाता है कि इस दीवार पर लाखों की संख्या में सैनिक सुरक्षा के लिए पहरा देते थे।

सुरक्षा के आलवा इस दीवार के निर्माण का एक उद्देश्य अपनी सिमा को नियंत्रित करना भी था। इसके साथ साथ इसके द्वारा उस समय व्यापार पर भी नियंत्रण पाना था।

  • चीन के दीवार की मौजूदा स्तिथि

1987 में इसे UNESCO World Heritage Site में भी शामिल कर लिया गया। हालांकि समय के साथ हुए बदलाव और रखरखाव की कमी के कारण इस दीवार के सबसे पुराने हिस्से अब लगभग नष्ट ही हो चुके हैं। बाकी के हिस्सों को भी स्थानीय लोगों द्वारा नुकसान पहुचाया जाता रहा हैं। इस कारण चीन सरकार ने इसके ईंट या अन्य सामग्री की चोरी पर जुर्माने का भी प्रावधान कर दिया है। यह दीवार अब भी बड़ी संख्या में दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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