छोटा नागपुर किसका नाम है ?

ऐसे कई शब्द होते हैं जो कि सुनने में किसी शहर, स्थान या व्यक्ति से संबंधित लगता है लेकिन वास्तव में उसका सम्बंध कहीं और से होता है। ऐसा ही एक नाम “छोटा नागपुर” भी है। यह सुनने मे किसी शहर का नाम समझ मे आता है। संभव है, आपने भी यह नाम सुना ही होगा। इस लेख में हम इस शब्द का वास्तविक सम्बन्ध किस से है यानी कि छोटा नागपुर किसका नाम है , यह बताएंगे साथ ही इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी भी देंगे।

chota nagpur kiska naam hai

छोटा नागपुर किसका नाम है, इस प्रश्न के सीधे उत्तर की बात करते हैं। तो बता दें कि भारत के पूर्वी हिस्से में फैले विशाल पठार को ही छोटा नागपुर के नाम से जाना जाता है। भारत के पूर्वी हिस्से के इस पठार का पूरा नाम नागपुर का छोटा पठार है।

छोटा नागपुर – भारत के पूर्वी हिस्सों में स्तिथ पठार का नाम

छोटा नागपुर के पठार के नाम से जाना जाने वाला यह पठार कई राज्यों में फैला हुआ है। छोटा नागपुर के पठार का कुल क्षेत्रफल 65,000 वर्ग किलोमीटर है। इस पठार का अधिकतर हिस्सा झारखण्ड राज्य में मौजूद है। झारखण्ड के अलावा ये पठार ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार तथा छत्तीसगढ़ राज्य में मौजूद है। इसी पठार के उत्तर तथा पूर्वी हिस्से में सिंधु तथा गंगा नदी से निकलने वाले मैदान मौजूद हैं। इस पठार के दक्षिण छोर पर महानदी का निकासी क्षेत्र भी मौजूद है।

इस पठार का नाम छोटा नागपुर का पठार क्यों पड़ा ?

दरअसल इसका इतिहास काफी पुराना है। इस पठार के नाम में मौजूद छोटा तथा नागपुर, दोनो ही शब्द से इतिहास जुड़ा हुआ है। “नागपुर” शब्द उड़ीसा, छत्तीसगढ़ तथा झारखंड के समुचित इलाके में शासन करने वाले एक वंश से लिया गया था। जब यह सभी राज्य एक ही हुआ करते थे तब यहां नागवंशी वंश का राज था। चूंकि इस पठार का  भाग उन्ही हिस्सों में मौजूद है जहां नागवंशी वंश का शासन था। इस कारण ही इस पठार का नाम नागवंशी वंश के ही आधार पर कर दिया गया।

इस पठार से जुड़े “छोटा” शब्द का भी इतिहास नागवंशी वंश से ही जुड़ा हुआ है। रांची की सीमा से सटे एक गांव का नाम ही “छोटा गांव” है। इस गाँव में नागवंशी वंश के समय के महल का कुछ अवशेष आज भी बाकी है। अतः कहा जा सकता है कि इस पठार का नाम पूरी तरह नागवंशी वंश से ही जुड़ा हुआ है।

यह पठार समुद्र तल से ऊँचाई के आधार पर तीन भागों में बंटा हुआ है। इस पठार का पश्चिमी भाग सबसे ऊंचाई पर स्तिथ है। समुन्द्र तल से इस पठार की ऊंचाई 910 मीटर से ले कर 1070 मीटर तक है। इसी भाग में एक जगह पठार की ऊंचाई 1164 मीटर है जो कि इस पठार का सबसे ऊंचा भाग है। इसके बाद का पठारी भाग पुराना रांची तथा हजारीबाग ज़िले में मौजूद है। यहां पर इसकी औसत ऊंचाई 610 मीटर है। इसके बाद सबसे तीसरे भाग के पठार की औसत ऊंचाई 300 मीटर है। छोटा नागपुर पठार में मौजूद पहाड़ियों में सबसे ऊंची पहाड़ी की बात करें तो यह पारसनाथ की पहाड़ी है। इसकी ऊंचाई 1370 मीटर है। इसके बाद दलमा की पहाड़ी की ऊंचाई है जो कि 1038 मीटर ऊंचा है।

इस लेख के पढ़ने के बाद आशा है आपको छोटा नागपुर किसका नाम है, इस सवाल का जवाब मिल गया होगा। अगर आप इस लेख के बारे में अपनी कोई राय देना चाहते हैं या कोई सवाल करना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं। इसी तरह की जानकारी पूर्ण लेख पाते रहने के लिए इस Website से जुड़े रहें।

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