मिजोरम में कितने जिले है मिजोरम के सभी जिलों के नाम क्या है।

मिजोरम में कितने जिले है इस article में हम इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे क्योंकि मिज़ोरम भारत के पूर्वोत्तर में बसा एक राज्य है जिसकी राजधानी आइजोल है। मिज़ोरम में लोक सभा और राज्य सभा की एक-एक और विधानसभा की 40 सीटें हैं। 21 जनवरी 1972 को मिज़ोरम को एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में गठित किया गया था। उस वक़्त मिज़ोरम में केवल 3 जिले अइज़ोल, लुंगलेई तथा छिमतुई पुई हुआ करते थे। मिज़ोरम राज्य की सीमा बांग्लादेशा और म्यांमार से मिलती है। वर्तमान 2019 में मिज़ोरम राज्य में 8 जिले हैं। मिज़ोरम के आठ जिलों के नाम ये हैं –

mizoram me kitne jile hai

मिजोरम के जिलों की सूची – mizoram districts list

 क्र. जिलों के नाम क्षेत्रफल वर्ग कि. मी. जनसंख्या 2011
1. आइजोल जिला 1009 4,00,309
2. कोलासिब जिला 1386 83,955
3. चम्फाई जिला 3168 1,25,745
4. ममित जिला 2967 86,364
5. लुंगलेई जिला 4572 1,61,428
6. लॉन्गतलाई जिला 2519 1,17,894
7. सइहा जिला 1414 56,574
8. सेरछिप जिला 1424 64,937

मिज़ोरम के इन 8 जिलों के अलावा मिज़ोरम राज्य में निम्न प्रशासनिक इकाइयां भी हैं-

  • मिज़ोरम में ब्लॉक – 26
  • मिज़ोरम में सब डिविजन – 23
  • मिज़ोरम में स्वायत्त जिला परिषद – 3

मिजोरम के सबसे ज्यादा साक्षरता वाले 5 जिले

क्र. जिलों के नाम साक्षरता दर
1. सेरछिप जिला 97.91
2. आइजोल 97.89 
3. चम्फाई 95.91
4. कोलासिब 93.5
5. सइहा जिला 90.01

मिजोरम के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले 5 जिले

क्र. जिलों के नाम जनसंख्या 2011 के अनुसार
1. आइजोल 4,00,309
2. लुंगलेई 1,61,428
3. चम्फाई  1,25,745
4. लॉन्गतलाई 1,17,894
5. ममित जिला 86,364 

मिज़ोरम राज्य में पहला शहरी स्थानीय निकाय (first Urban Local Body) आइजोल जिले में 2010 में आइजोल नगर परिषद [Aizawl Municipal Council (AMC)] की स्थापना के बाद बना। मिज़ोरम के जिलों के प्रशासन के लिए सभी जिलों में एक डेप्युटी कमिश्नर की नियुक्ति होती है जो उस जिले का जिला मैजिस्ट्रेट और जिला कलेक्टर भी होता है। डेप्युटी कमिश्नर या जिला मैजिस्ट्रेट एक भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होता है। इसके अलावा सभी जिलों में पुलिस विभाग का मुखिया पुलिस अधीक्षक होता है जो भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी होता है। मिज़ोरम के वर्तमान आठ जिलों के अलावा वहाँ की जनता द्वारा कुछ नए जिले भी बनाए जाने की मांग उठती रही है।

मिज़ोरम राज्य के सबसे उत्तर में कोलासिब जिला स्थित है जबकि इसके सबसे दक्षिण में लॉन्गतलाई जिला और सइहा जिला स्थित हैं। मिज़ोरम राज्य की अंतर्देशीय (इंटर स्टेट बॉर्डर) सीमा असम, त्रिपुरा और मणिपुर से मिलती हैं।

2011 की जनगणना के अनुसार मिज़ोरम का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला आइजोल जिला है। आइजोल जिला मिज़ोरम के सभी जिलों में सबसे अधिक साक्षरता वाला जिला भी है। आइजोल मिज़ोरम का सबसे बड़ा शहर भी है। आइए मिज़ोरम के सभी 8 जिलों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं-

मिजोरम के जिलों के बारे में सामान्य जानकारी – General information about mizoram districts

  1. आइजोल जिला– Aizawl District of Mizoram                                   
  2. जनसंख्या के हिसाब से आइज़ोल मिज़ोरम का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला है।
  3. 5,71,771 शहरी आबादी के साथ आइज़ोल जिला सबसे अधिक शहरीकृत जिला भी है। इस जिले में 78.63% जनसंख्या शहरी है। यह मिज़ोरम के सभी आठ जिलों में सर्वाधिक शहरीकृत प्रतिशत है।
  4. साक्षरता के मामले में, 97.9 साक्षरता दर के साथ आइजोल जिला मिज़ोरम के सभी आठों जिलों में सर्वाधिक साक्षर जिला भी है। इस जिले की साक्षरता दर मिज़ोरम की साक्षरता दर 91.3% से भी अधिक है।
  5. 4,00,309 व्यक्तियों की आबादी वाला आइज़ोल मिज़ोरम की राजधानी के साथ-साथ इस राज्य का सबसे अधिक आबादी वाला शहर / कस्बा भी है।
  6. आइज़ोल जिले का जनसंख्या घनत्व 112 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। यह मिज़ोरम राज्य के सभी जिलों में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला है। जबकि मिज़ोरम  राज्य का औसत जनसंख्या घनत्व केवल 52 है।
  • कोलासिब जिला-Kolasib District of Mizoram

मिज़ोरम के उत्तरी भाग में स्थित कोलासिब जिला मिज़ोरम के 8 (आठ) जिलों में से एक है। कोलासिब जिला उत्तर में असम के कछार जिले से लगा हुआ है। इस जिले के पूर्व और दक्षिण में आइज़ॉल जिला है जबकि पश्चिम दिशा में ममित जिला स्थित है। कोलासिब जिले का निर्माण 1998 में आइजोल जिले के विभाजन द्वारा हुआ है।

  • कोलासिब जिला मिज़ोरम राज्य में सभी जिलों में 55.84 प्रतिशत शहरी आबादी के साथ दूसरा सबसे अधिक शहरीकृत जिला है।
  • कोलासिब जिला साक्षरता के संदर्भ में 93.5% साक्षरता के साथ मिज़ोरम राज्य में चौथे स्थान पर है। मिज़ोरम की औसत साक्षरता दर 91.3% है।
  • कोलासिब जिले में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत 87.7 है जबकि मिज़ोरम राज्य में यह प्रतिशत 94.4 है। मिज़ोरम राज्य की अधिकतर जनसंख्या अनुसूचित जनजातियों की है।
  • कोलासिब जिले की जनसंख्या 2011 की जनगणना में 83955 व्यक्तियों की रेकॉर्ड की गयी।
  • चम्फाई जिला-Champhai District of Mizoram

एक जिले के रूप में चम्फाई का निर्माण 11 मार्च 1998 को हुआ था किन्तु चम्फाई का इतिहास काफी पुराना है। स्थानीय भाषा में चम्फाई का अर्थ एक समतल भूमि है। इस जिले का नाम चम्फाई शहर की तलहटी में स्थित विशाल समतल भूमियों पर पड़ा है जिन पर धान के खेत मौजूद हैं। भारत की आजादी से पहले भी प्रशासन के क्षेत्र में चम्फाई का बहुत महत्वपूर्ण स्थान था। 1998 की शुरुआत तक यह जिला अविभाजित आइजोल जिले के तहत प्रशासनिक उप-मंडल (सब डिविजन) था।

  • चम्फाई जिले की साक्षरता 95.9 प्रतिशत थी जो कि मिज़ोरम राज्य की औसत साक्षरता दर 91.3 % से अधिक है। इस हिसाब से चम्फाई जिला मिज़ोरम राज्य में तीसरा सबसे अधिक साक्षर जिला है।
  • चम्फाई जिले का लिंगानुपात 984 है और यह इस श्रेणी में मिज़ोरम में दूसरे स्थान पर है। 2011 में मिज़ोरम राज्य का औसत लिंग अनुपात 976 था।
  • मिज़ोरम राज्य में शहरीकृत जनसंख्या के मामले में चम्फाई जिला 6वें स्थान पर है। इस जिले में शहरी जनसंख्या का प्रतिशत 38.59 था जोकि राज्य के कुल 52.11% शहरी जनसंख्या के प्रतिशत से काफी कम था।
  • 2011 में चम्फाई जिले की कुल आबादी 125745 व्यक्तियों की रेकॉर्ड की गयी थी।
  • ममित जिला -Mamit District of Mizoram

ममित जिले की प्रमुख जनजाति मिज़ो है जिसके बाद चकमा और रींग हैं। इस जिले के लोग क्रिसमस और नए साल के त्योहारों के अलावा, मिज़ो चापचर कुट और मीम कुट के त्योहार भी मानते है। ये स्थानीय त्योहार खेत से चावल और अन्य कृषि वस्तुओं की कटाई के अवसर पर मनाए जाते हैं।

  • ममित जिला मिज़ोरम का सबसे कम शहरीकृत जिला है, जिसकी कुल जनसंख्या का 17.25% भाग ही यानी 86364 में से केवल 14,899 व्यक्ति ही शहरी क्षेत्रों में रहते हैं।
  • मिज़ोरम राज्य के 976 के लिंगानुपात के मुक़ाबले इस जिले का लिंगानुपात केवल 927 रेकॉर्ड किया गया जो इस राज्य का न्यूनतम है।
  • इस जिले की साक्षरता दर भी मिज़ोरम के अन्य जिलों की अपेक्षा कम है। 84.9% साक्षरता के साथ ममित जिला मिज़ोरम का दूसरा सबसे कम साक्षरता दर वाला जिला है।
  • ममित जिला संतरे/नारंगी के प्रचुर मात्रा में उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है जिसके लिए इस जिले को अक्सर “मिजोरम का नारंगी बगीचा” के नाम से पुकारा जाता है।
  • लुंगलेई जिला -Lunglei District of Mizoram

इस जिले के बारे में 1890 से पहले कोई भी ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। ब्रिटिश शासकों द्वारा मिज़ोरम में स्थापित की गईं सबसे पहली दो प्रशासनिक इकाइयों में से एक लुंगलेई तथा दूसरा आइज़ोल था। हालांकि चकमा और अन्य समुदाय इस जिले के एक बड़े हिस्से पर रहते हैं लेकिन इस जिले की प्रमुख भाषा मिज़ो है और यह अधिकांश निवासियों की मातृभाषा भी है। ईसाई धर्म और बौद्ध धर्म लुंगलेई जिले के लोगों के दो प्रमुख धर्म हैं। चावल इस जिले की मुख्य खाद्य फसल है।

  • लुंगलेई जिला मिज़ोरम का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला है।
  •  मिज़ोरम राज्य में शहरीकृत जनसंख्या के मामले में लुंगलेई जिला 5 वें स्थान पर है। इस जिले में शहरी जनसंख्या का प्रतिशत 42.59 था जोकि राज्य के कुल 52.11% शहरी जनसंख्या के प्रतिशत से काफी कम था।
  • मिज़ोरम राज्य के 976 के लिंगानुपात के मुक़ाबले इस जिले का लिंगानुपात केवल 947 रेकॉर्ड किया गया जो इस राज्य में 5वें नंबर पर है।
  • लुंगलेई जिले की साक्षरता 88.9 प्रतिशत थी जो कि मिज़ोरम राज्य की औसत साक्षरता दर 91.3 % से अधिक है। इस हिसाब से चम्फाई जिला मिज़ोरम राज्य में पाँचवाँ सबसे अधिक साक्षर जिला है।
  • यह जिला मिज़ोरम में जनसंख्या घनत्व के मामले में छठवें स्थान पर है।
  • लॉन्गतलाई जिला –Lawngtlai District of Mizoram

लॉन्गतलाई जिला प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। 2157 मीटर ऊंची मिज़ोरम की सबसे ऊंची फावंगपुई पहाड़ी चोटी इसी जिले में स्थित है। इसे राष्ट्रीय उद्यान ( National Park) का दर्जा भी प्राप्त है। यह जिला मिज़ोरम के दक्षिण में स्थित है। लॉन्गतलाई जिले के प्रशासन के लिए एक जिला परिषद ( District Council) की स्थापना की गयी है जो कि मिज़ोरम की दो जिला परिषदों में से एक है। चकमा और पवि समुदाय के लोग यहाँ अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से मिज़ोरम के सभी आठ जिलों में लॉन्गतलाई जिला पाँचवाँ सबसे बड़ा जिला है। इस जिले का क्षेत्रफल 2557 वर्ग किमी है।
  • लॉन्गतलाई जिला सबसे कम शहरीकृत जिला भी है। इस जिले में केवल 17.67% जनसंख्या शहरी है। यह मिज़ोरम के सभी आठ जिलों में न्यूनतम शहरीकृत प्रतिशत है।
  • लॉन्गतलाई जिले की साक्षरता 65.9 प्रतिशत थी जो कि मिज़ोरम राज्य की औसत साक्षरता दर 91.3 % से बहुत कम है। इस हिसाब से लॉन्गतलाई जिला मिज़ोरम राज्य में सबसे कम साक्षर जिला है।
  • मिज़ोरम राज्य के 976 के लिंगानुपात के मुक़ाबले इस जिले का लिंगानुपात केवल 945 रेकॉर्ड किया गया है।
  • लॉन्गतलाई जिले का जनसंख्या घनत्व 46 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है जोकि मिज़ोरम राज्य के 52 के आंकड़े से कम है।
  • सइहा जिला -Saiha District of Mizoram

मिज़ोरम राज्य की सबसे बड़ी झील पलक (Palak Lake-स्थानीय भाषा में इसे पाला टीपो-Pala Tipo-के नाम से जाना जाता है) इसी सइहाजिले में मौजूद है। इस जिले का निर्माण 1998 में किया गया था। इस जिले के इतिहास के बारे में भी ब्रिटिश के आने से पहले कोई ऐतिहासिक वर्णन नहीं मिलता है। सइहा जिला मिज़ोरम के सबसे दक्षिण में स्थित है।

  • सइहा जिला मिज़ोरम राज्य में सभी जिलों में 44.38 प्रतिशत शहरी आबादी के साथ चौथा सबसे अधिक शहरीकृत जिला है।
  • सइहा जिले की साक्षरता 90.0% रेकॉर्ड की गयी थी जो कि मिज़ोरम राज्य की औसत साक्षरता दर से थोड़ा कम है।
  • सइहा जिले का जनसंख्या घनत्व 40 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है जबकि मिज़ोरम राज्य का यह आंकड़ा 52 है।
  • सेरछिप जिला –Serchhip District of Mizoram

सेरछिप जिले की जनसंख्या मुख्य रूप से मिज़ो (Ethnic Mizo) लोगों से बनी है। भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसंख्या 21157 थी, जिसमें 10770 पुरुष और 10387 महिलाएं शामिल थीं। मिजोरम में सबसे अधिक ऊंचाई वाला निर्बाध झरना (Uninterrupted Waterfall) वनतॉंग जलप्रपात ( VANTAWNG WATERFALLS) इसी सेरछिप जिले की लाउ नदी (Lau River) पर स्थित है।

  • 49.31 प्रतिशत शहरी जनसंख्या वाला सेरछिप जिला मिज़ोरम के सभी आठ जिलों में इस वर्ग में तीसरा स्थान रखता है।
  • इस जिले का लिंगानुपात 977 रेकॉर्ड किया गया है जोकि मिज़ोरम राज्य के 976 के लिंगानुपात के मुक़ाबले केवल एक अंक अधिक है।
  • सेरछिप जिले की साक्षरता 97.9 प्रतिशत थी जो कि मिज़ोरम राज्य की औसत साक्षरता दर 91.3 % से ज्यादा है। साक्षरता के मामले में सेरछिप जिला मिज़ोरम राज्य में दूसरा सबसे अधिक साक्षर जिला है।
  • 2011 में इस जिले का जनसंख्या घनत्व 46 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी था। मिज़ोरम राज्य के औसत जनसंख्या घनत्व 52 के स्तर से यह कम था।

भारत के किस राज्य में कितने जिले है पढ़िए !

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