विश्व का सबसे बड़ा किला कौनसा है।

विश्व में ऐसी अनेक ऐतिहासिक महल और किलें हैं जिन्हें देख को आज भी लोग अचरच में पड़ जाते हैं। ऐसे अनेक महल और किले हैं जिनका निर्माण सालों साल पहले किया गया था लेकिन वह आज भी शान से खड़ा है। भारत समेत विश्व के दूसरे हिस्सों में भी अनेक ऐसे किले मौजूद हैं जिसके निर्माण कला को देख कर लोग आज भी आश्चर्य में पड़ जाते हैं। सैकड़ो साल पहले बने इन्ही क़िलों में से ही एक किला, रानिकोट का किला है। रानिकोट के किले को विश्व का सबसे बड़ा किला माना जाता है।

duniya ka sabse bada kila koun sa hai

  • रानिकोट का किला ( Ranikot Fort )

विश्व का सबसे बड़ा किला माने जाना वाला रानिकोट का किला पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में स्थित है। यह ऐतिहासिक किला सिंध, पाकिस्तान के जामशोरो ज़िले के अन्तर्गत आता है। इस किले को The Great Wall Of Sindh भी कहा जाता है। इस किले के प्राचीर ( Ramparts ) की तुलना Great Wall Of China से भी की जाती रही है। इस महल के कुल परिधि ( Circumference ) की बात करें तो इसकी कुल परिधि 32 किलोमीटर है।

पाकिस्तान के स्थानीय भाषा में रानिकोट के क़िले को ‘ सिंध की अज़ीम दीवार’ यानी The Great Wall Of Pakistan भी कहा जाता है। कुछ जगहों पर इसे इसी नाम से प्रस्तुत भी किया जाता रहा है।

  • रोनिकोट के किले का इतिहास

इस विशाल किले के कुछ हिस्सो का निर्माण 1812 फिर किया गया था। तब इसके Builder Mir Karam Ali Khan Talpur और Mir Murad Ali थे। इसके निर्माण में मुख्य रूप से पत्थर और चुना के मिश्रण का इस्तमाल किया गया था। इसमें कुछ वैसी ही निर्माण सामग्री उपयोग की गयी थी जिसका उपयोग आज के समय में ऐतिहासिक स्मारकों, स्थलों इत्यादि के संरक्षण के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है की इस किले का निर्माण Sassanians साम्रज्य के दौरान ही किया गया था। हालांकि इसको ले कर कोई एक राय नही है।

रानिकोट किले के निर्माण का उद्देश्य

आज तक आधिकारिक रूप से ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नही है जिससे की इस किले के निर्माण के उद्देश्य के बारे में पता चलता हो। साथ ही इस किले के Architects के बारे में भी कोई जानकारी उपलब्ध नही है। इस विशालकाय किले के निर्माण के उद्देश्य को ले कर एक नज़रिया यह पेश किया जाता है की इसका निर्माण यहां के तब के शाशक ने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करवाया था।

रानिकोट की वर्तमान स्तिथि

पाकिस्तान सरकार ने कई साल पहले ही रानिकोट को एक ऐतिहासिक स्थल घोषित कर दिया था और इसे रक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोशिश की गयी। वर्तमान मे यह पर्यटन स्थल बन चुका है। लोग यहां इस ऐतिहासिक भवन को देखने आते हैं। इस किले के कई हिस्से काफी जर्जर हो चुके थे। इसे देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने इसके मरम्मत कराने का फैसला किया। समय समय पर इसके मरम्मत में की जाने वाले भ्र्ष्टाचार के कारण इसका मरम्मत का काम काफी प्रभावित होता रहा है। अंतिम बार 2006 में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के कारण इसके मरम्मत के काम को रोक दिया गया था। इस कारण इस क़िले का बड़ा हिस्सा बिल्कुल जर्जर हो चुका है।

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