दुनिया का सबसे गरीब देश कौन सा है। world’s Poorest country

United Nations के आंकड़ों के अनुसार डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो जिसे सिर्फ कांगो के नाम से भी जानते हैं दुनिया का सबसे गरीब देश है। विभिन्न आर्थिक संस्थाओं के अनुसार  2019 में कांगो में प्रति व्यक्ति आय $475 के आसपास है, इन्हीं संस्थाओं के अनुसार 2023 तक इसकी प्रति व्यक्ति आय केवल $551 होने की आशंका है। यह बात बहुत अद्भुत है कि कांगो दुनिया का सबसे गरीब देश है जबकि इस देश में बहुमूल्य   खनिज उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की गरीबी का सबसे प्रमुख कारण यहां की राजनीतिक अस्थिरता है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो अफ्रीका मे बसा हुआ एक देश है। कांगो की राजधानी किंशासा है। इस देश की आधिकारिक भाषा फ्रेंच है। यह देश भारत  की ही तरह बहुत लंबे समय तक गुलाम रहा है। इस देश को बेल्जियम से आजादी 30 जून 1960 को मिली थी। कांगो का कुल क्षेत्रफल  23,45,409 वर्ग किलोमीटर है। विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार कांगो की जनसंख्या  9,19,31,000  के आसपास है । यहां की मुद्रा Congolese Franc है ।

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दुनिया के सबसे गरीब देश के बारे में जानकारी

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो अफ्रीका का दूसरा सबसे बड़ा देश है। कांगो की सीमाएं अंगोला, बुरुंडी , सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, रिपब्लिक ऑफ कांगो, रवांडा, साउथ सूडान, तंजानिया, युगांडा एवं जांबिया से मिलती है। यहां ध्यान देने योग्य बात है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो एवं रिपब्लिक ऑफ कांगो दोनों अलग-अलग देश हैं। स्वतंत्रता के बाद से ही  डीआरसी विभिन्न गृह युद्धों में घिरा रहा है, आज भी इसके आसपास सक्रिय गृह युद्ध जारी है।  डीआरसी के अंदर संयुक्त राज्य की सबसे बड़ी शांति सेना है जिसकी संख्या लगभग 21000 है, और यह सैनिक लगभग 50 देशों से आए हैं। आपको यह जानकर भी बहुत आश्चर्य होगा कि भारतीय सैनिक भी बड़ी संख्या में यहां तैनात है। विशेषज्ञों के अनुसार कांगो अफ्रीका का सबसे ज्यादा खनिज संपन्न देश है।

उनका मानना है कि अगर इस देश में राजनीतिक स्थायित्व आता है तो इस देश में क्षमता है कि वह दुनिया के सबसे गरीब देश से अफ्रीका के सबसे अमीर देश का रास्ता तेजी से तय कर सकता है, परंतु कांगो का इतिहास गृह  युद्धों से भरा इतिहास है इसीलिए यह उम्मीद केवल उम्मीद ही है। कांगो के अंदर गृह युद्ध की हालत इस तरह से है कि यहां के लगभग 450000 लोग  पड़ोस के देश जैसे कि बुरुंडी, रवांडा, तंजानिया एवं युगांडा में रह रहे हैं। गृह युद्ध का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि United Nations  के आंकड़ों के अनुसार कांगो में 1960 से लेकर अब तक लगभग 54,00,000 लोग गृह युद्ध में मारे जा चुके हैं।

इस देश में गरीबी की भयंकर हालत है। विशेषज्ञों के अनुसार कांगो में लगभग 67,00,000 लोग ऐसे हैं जो भुखमरी के शिकार हैं। इस देश में 5 वर्ष की आयु से छोटे लगभग आधे बच्चे औसत ऊंचाई से कम है। 5 वर्ष से कम आयु के  23% बच्चों का वजन औसत वजन से कम है। इस देश की 14% महिलाएं Underweight है। 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 30,00,000 बच्चे कुपोषण का शिकार है। 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 47% बच्चे और 38% औरतें एनीमिया की शिकार है। इस देश में लगभग 5,00,000  गर्भवती महिलाएं कुपोषण का शिकार है।

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