दुनिया का सबसे ऊंचा पठार कौन-सा है ।

क्या आप जानते है दुनिया का सबसे ऊँचा पठार कौनसा है क्योंकि जो students किसी competitive exam की करते है उनसे exam में अक्सर यह प्रश्न पूछ लिया जाता है कि दुनिया का सबसे ऊँचा पठार कौन सा है। साथ ही general knowledge के लिए भी इस प्रश्न का उत्तर मालूम होना जरुरी है इसलिए चलिए जानते है कि दुनिया का सबसे ऊँचा पठार कौन-सा और कहाँ है।

duniya ka sabse uncha pathar kounsa hai

दुनिया का सबसे ऊंचा पठार तिब्बत का पठार है। यह पठार सबसे ऊंचा होने के साथ-साथ दुनिया का सबसे बड़ा पठार भी है। तिब्बत के पठार को उसकी विशालता के कारण “संसार की छत” ( Roof of the World) के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा चीन में इसे Qinghai–Tibet Plateau (किहाई-तिब्बत पठार) या हिमालय पठार के रूप में भी जाना जाता है। भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो तिब्बती पठार के उत्तर में  Kunlun Mountain (कुनलुन पर्वत )और दक्षिण में विशाल Himalaya Mountains(हिमालय पर्वत) स्थित हैं। तिब्बत के पठार में ही दुनिया के दो सबसे ऊंचे पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट और K2 स्थित हैं।

उत्तर से लेकर दक्षिण तक तिब्बत का पठार लगभग 1000 किलोमीटर लंबा और पूरब से लेकर पश्चिम तक इसकी लंबाई 2500 किलोमीटर है। तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में पूरी तरह से फैला यह पठार समुद्र तल से 3 मील की ऊँचाई पर स्थित है। इसकी सीमा पश्चिमी चीन के किन्हाई क्षेत्र (Qinghai region) की सीमा से लगी है। तिब्बत का पठार चीन ( China) के साथ-साथ भारत ( India), नेपाल (Nepal)  और पाकिस्तान (Pakistan) की सीमा में भी आता है। विश्व प्रसिद्ध सिंधु नदी का उद्गम भी तिब्बत के पठार में मानसरोवर झील के पास से ही होता है।

दुनिया का सबसे ऊंचा पठार “तिब्बत का पठार”  के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

  • लंबाई-2,500 किमी (1,600 मील)
  • चौड़ाई-1,000 किमी (620 मील)
  • क्षेत्रफल-2,500,000 वर्ग किमी (9,65,000 वर्ग मील)
  • ऊंचाई- लगभग 13,000 से 15,000 फीट (4,000 से 5,000 मीटर)
  • अन्य नाम- “एशियाई जल मीनार “, “the Roof of the World,” तीसरा ध्रुव (“the Third Pole”)

तिब्बत के पठार का निर्माण

तिब्बती पठार और Himalaya (हिमालय) पर्वत श्रृंखला का निर्माण 50 Million साल पहले शुरू हुआ था जो आज भी जारी है। इसका निर्माण Indian Plate (भारतीय प्लेट) और Eurasian Plate (यूरेशियन प्लेट) के बीच टकराव के कारण हुआ है। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच होने वाली टक्कर के कारण मेटामॉर्फिक और तलछटी चट्टानों (sedimentary rocks ) के उत्थान ने पहाड़ों के निर्माण की एक प्रक्रिया की शुरुआत की जो आज तिब्बत के पठार और हिमालय पर्वत के रूप में नज़र आता है। कुनलुन पर्वत श्रृंखला भी इसी टक्कर के परिणामस्वरूप बनी है। 240-250 Million (मिलियन) साल पहले, इंडियन प्लेट की एशिया प्लेट के साथ टकराव शुरू हुई थी। इस लिहाज से तिब्बत का पठार दुनिया का सबसे युवा पठार भी है।

भूवैज्ञानिकों के अनुसार Tibet Plateau (तिब्बत के पठार) और हिमालय पर्वत में Continental Plates (महाद्वीपीय प्लेटों) की टक्कर के कारण होने वाली प्रक्रियाएँ अब भी जारी हैं और Tibetan Plateau (तिब्बत का पठार) हर साल 5 mm की दर से बढ़ रहा है।

क्या आप जानते हैं कि Tibet Plateau (तिब्बत के पठार) से ही आधे से अधिक Asia (एशिया) के लिए पानी मिलता है। तिब्बत के पठार पर मौजूद Snow glaciers (बर्फ के ग्लेशियरों) से निकलने वाली नदियों के पानी से ही यह संभव है। एशिया की सबसे बड़ी नदियों जैसे कि गंगा, मेकांग और यांग्त्ज़ी इत्यादि को पानी तिब्बत के पठार के ग्लेशियरों से ही मिलता है। किन्तु Global Warming और Climate change (जलवायु परिवर्तन) के कारण पठार पर मौजूद ग्लेशियरों का भविष्य खतरे मैं है। तिब्बती पठार पृथ्वी पर सबसे ऊँचा पठार है।

इस क्षेत्र में औषधीय महत्व के 1,000 से अधिक जंगली पौधों और दुर्लभ जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। उदाहरण के लिए दुनिया का सबसे महंगा fungus (कवक) Cordyceps sinensis और केसर इत्यादि यहीं पाये जाते हैं। Tibetan antelopes और याक इस क्षेत्र के प्रसिद्ध पशु है।

दुनिया का सबसे ऊंचा पठार कौन सा है हम इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर चुके है अगर आप इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के प्रश्न पूछना चाहते है तो आप हमसे comment के माध्यम से पूछ सकते है। हम आपके सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तत्पर है।

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