विश्व की सबसे ऊंची चोटी कौन सी है।

दुनिया की सबसे बड़ी पर्वत चोटी मांऊट एवरेस्ट है। यह पर्वत चोटी तिब्बत की सीमा पर नेपाल में स्थित है, विशालकाय होने के कारण इस चोटी को “विश्व का मुकुट” कहा जाता है। दुनिया के सात अजूबों में से एक कहे जाने वाले, इस शिखर की समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 8,848 मीटर (29,029 फीट) है। वैज्ञानिकों सर्वेक्षणों के आधार पर यह भी कहा जाता है कि प्रतिवर्ष एवरेस्ट की ऊंचाई में 2 c.m. की बढ़ोतरी होती है।

duniya ki sabse unchi parvat choit koun si hai

1802 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी की खोज ब्रिटिश वैज्ञानिको ने आरम्भ की। इस पर्वत शिखर की खोज (1830 -1843 तक) इंग्लैंड के वैज्ञानिक “जार्ज एवरेस्ट” ने प्रारम्भ की थी। बाद में एंड्रयू वा ने इस खोज कार्य को पूरा किया और उन्होंने ही 1865 में जार्ज एवरेस्ट के नाम पर इस शिखर का नाम मांऊट एवरेस्ट रखा। मांऊट एवरेस्ट को अनेक नामों से भी जाना जाता हैं, जैसे- इसका संस्कृत नाम देवगिरी है, तो वहीं तिब्बत में चोमोलंगमा तथा नेपाल में इसे सागरमाथा नाम से जाना जाता है। नेपाल के इतिहासकार रामबाबू आचार्य ने 1930 के दशक में इसे सागरमाथा नाम दिया था।

दुनिया की सबसे बड़ी पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के बारे में जानकारी

यह पर्वत लगभग 60 मिलियन बर्षो पुराना है। शैल,चूना पत्थरों तथा संगमरमर की चट्टानों से बने इस पर्वत की उत्पत्ति लोरेशिया के महाद्वीप के टूटने के कारण हुई थी। इस पर्वत के समानांतर भी बहुत ऊंचे – ऊंचे शिखर है, जिनके कारण वैज्ञानिको को दुनिया की सबसे बड़ी चोटी को नापने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। हिमालय की सबसे ऊंची चोटी चिम्बोरोजी चोटी एवरेस्ट पर्वत से भी ऊंची है, अंतरिक्ष से देखने पर यह पता चलता है कि चिम्बोरोजी चोटी एवरेस्ट से लगभग 15 फीट अधिक है। लेकिन चोटियों की ऊंचाई समुद्र तल से मापी जाती है, इस आधार पर एवरेस्ट पर्वत को सर्वोच्च शिखर का दर्जा प्राप्त है।

एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए मार्च से मई के बीच का समय उपर्युक्त रहता है। एवरेस्ट पर लगभग 5000 से अधिक लोग चढ़ने की कोशिश कर चुके हैं। इनमें से एडमंड हिलेरी और तेन्जिग नारगे सबसे पहले 29 मई 1953 में मांऊट एवरेस्ट के शिखर तक पहुंचने में कामयाब हुए थे, इनके पश्चात लगभग 3448 व्यक्ति मांऊट एवरेस्ट पर चढ़ चुके हैं।

मांऊट एवरेस्ट की जलवायु वनस्पतियों के अनुकूल नहीं है, अतः वहां कोई वनस्पति नहीं पाई जाती है। लेकिन वहां कुछ जानवर पाए जाते हैं, जिन्हें सागरमाथा नेशनल पार्क में देखा जा सकता है।

माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने के लिए 18 रास्ते है। बर्फ से ढके होने के कारण एवरेस्ट के शिखर का तापमान – 80 डिग्री फारेन्हाइट तक गिर सकता है तथा हवा का बहाव 321 kmph तक हो जाता है। अधिक ऊंचाई होने के कारण वहां आक्सीजन का अभाव पाया जाता है।

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  1. kundan jha June 21, 2019

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