ईमेल का आविष्कार किसने किया ? रेमंड टॉमलिंसन या शिव अय्यादुरई ।

कम्प्युटरों के विकास ने दुनिया में जितना क्रांतिकारी बदलाव किया है, उतना ही एक दूसरे को कम्प्युटर के माध्यम से संदेश भेजने की सुविधा ने भी किया है। आज रोजाना करोड़ो ईमेल भेजे जाते हैं। इंटरनेट पर ईमेल के माध्यम से हम किसी भी व्यक्ति को, चाहे वो कितना भी दूर क्यों न हो, तुरंत Message भेज सकते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पहली बार जब ईमेल भेजा गया था, उस वक़्त इंटरनेट (Web) का आविष्कार नहीं हुआ था। ईमेल की खोज किसने की और सबसे पहली बार ईमेल कब और किसने भेजा था? ईमेल से संबन्धित सभी जानकारियों और ईमेल से संबन्धित विवाद के बारे में यह लेख आपके सारे सवालों के जवाब देगा।

email ka aviskar kab aur kisne kiya tha

रेमंड सैमुअल टॉमलिंसन और ईमेल का आविष्कार

रेमंड सैमुअल टॉमलिंसन (Raymond Samuel Tomlinson) या रे टॉमलिंसन (23 अप्रैल, 1941 – 5 मार्च, 2016) को ईमेल का आविष्कार करने का श्रेय दिया जाता है। लेकिन उन्होने जिस चीज का आविष्कार किया था क्या वह वास्तव में ईमेल था?

एम्स्टर्डम, न्यूयॉर्क में जन्मे टॉमलिंसन ने 1963 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में विज्ञान स्नातक की डिग्री हासिल की थी, जिसके बाद वे 1967 में प्रसिद्ध अनुसंधान और विकास कंपनी बोल्ट बेरानेक और न्यूमैन (BBN) में शामिल हो गए थे। BBN में उन्होंने TENEX ऑपरेटिंग सिस्टम को विकसित करने में मदद की, जिसमें ARPANET और TELNET प्रोटोकॉल जैसी विकसित की जाने वाली नयी तकनीकें भी शामिल थीं।

1971 में, रे टॉमलिंसन ने SNDMSG में CPYNET प्रोग्राम को जोड़कर, SNDMSG को अपडेट किया और नेटवर्क ईमेल के लिए ARPANET का पहला एप्लिकेशन विकसित किया, जिससे अन्य कंप्यूटरों पर Users को संदेश भेजे जा सकें। CPYNET प्रोग्राम, ARPANET नेटवर्क पर फ़ाइल ट्रान्सफर करने के लिए रे टॉमलिंसन ने ही लिखा था। इसके अलावा उन्होने पहली बार @ चिन्ह का प्रयोग मेलिंग एड्रेस में ग्लोबल ईमेल से लोकल को अलग करने के लिए या दूसरे शब्दों में कम्प्युटर से उसके उपयोगकर्ता के नाम को अलग करने के लिए किया। @ का उपयोग दुनिया भर में अब भी उसी तरह होता है। रे टॉमलिंसन ने सबसे पहली बार अपने आप को ही ईमेल भेजा था।

सुविधा के लिए हम यह कह सकते हैं कि रे टॉमलिंसन ने पहले से मौजूद एक प्रारंभिक इलेक्ट्रॉनिक मेल प्रोग्राम SNDMSG को संशोधित किया और उसका उपयोग ARPANET नेटवर्क के माध्यम से जुड़े कंप्यूटरों पर संदेश भेजने के लिए किया। लेकिन क्या इसे ईमेल का आविष्कार कहा जा सकता है? पूरी तरह से नहीं। क्योंकि इस ईमेल के द्वारा सिर्फ अपने नेटवर्क पर ही मैसेज भेजा जा सकता था। अलग-अलग नेटवर्क पर रे टॉमलिंसन द्वारा बनाए गए ईमेल से Email भेजना संभव नहीं था। उदाहरण के लिए ऑक्सफोर्ड और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालयों के बीच इससे ईमेल भेजना संभव नहीं था।

शिव अय्यादुरई (Shiva Ayyadurai) और ईमेल का आविष्कार संबन्धित विवाद

तमिलनाडु के शिव अय्यादुरई ने 14 वर्ष की उम्र में नवम्बर 1978 में यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड डेंटिस्ट्री ऑफ न्यू जर्सी (UMDNJ) के लिए एक ईमेल सॉफ्टवेयर प्रोग्राम लिखा था जो पेपर आधारित इंटरऑफिस मेल सिस्टम को कम्पुटराइज्ड करने के लिए था। इस सॉफ्टवेर को उन्होने 1982 में “EMAIL” के नाम से कॉपीराइट करवाया था। EMAIL शब्द का पहली बार उपयोग भी उन्होने ही किया है। जिस ईमेल का आविष्कार अय्यादुरई ने किया था उसे उन्होने पहली बार नवंबर 1978 में डॉ माइकलसन को भेजा था। ईमेल में Inbox, Outbox, Address Book, the Memo (From, To, Date, Subject, Body, CC and BCC), Attachments इत्यादि का उपयोग भी शिव अय्यादुरई ने ही किया था।

लेकिन अभी कुछ वर्ष पूर्व अमेरिका की एक कोर्ट में शिव अय्यादुरई द्वारा दायर किए गए मुकदमे में यह फैसला आया है कि उन्हे ईमेल के आविष्कार का श्रेय नहीं दिया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके ईमेल के प्रोग्राम से पहले से ही ईमेल का दूसरे रूपों में प्रयोग हो रहा था। अधिक से अधिक उन्हे ईमेल को एक अलग रूप देने का श्रेय दिया जा सकता है।

निष्कर्ष में हम यह कह सकते हैं कि यदि रे टॉमलिंसन ने पहली बार कम्प्युटर पर ईमेल की तरह कोई मैसेज भेजने की शुरुआत की तो VA Shiva Ayyadurai को उसे एक नया और अधिक प्रभावशाली रूप देने का श्रेय दिया जा सकता है।

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