फ़ैज़ाबाद जिले का नया या दूसरा नाम क्या है।

फ़ैज़ाबाद जिले का नया नाम अयोध्या जिला  

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश के फ़ैज़ाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया है। वैसे तो फ़ैज़ाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या करने की मांग काफी समय से उठ रही थी, लेकिन इस पर निर्णय नहीं हो पा रहा था। नवंबर 2018 में दिवाली के अवसर पर अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने फ़ैज़ाबाद का नाम बदलकर अयोध्या करने की घोषणा की।

faizabad ka naya naam kya hai

अयोध्या जिला बनने से क्या-क्या बदलाव हुए?

फ़ैज़ाबाद जिले के साथ-साथ फ़ैज़ाबाद मण्डल का नाम भी बदलकर अयोध्या मण्डल कर दिया गया है। फ़ैज़ाबाद मण्डल में अंबेडकरनगर, बाराबंकी, अमेठी, फैजाबाद (अब अयोध्या) और सुल्तानपुर जिले शामिल थे जो अब अयोध्या मण्डल के हिस्से बन गए हैं। लेकिन इस मण्डल या इसमें आने वाले जिलों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया गया है। अयोध्या मण्डल के सभी जिलों की सीमाएं वैसे ही रहेंगी जैसे कि ये फ़ैज़ाबाद मण्डल में हुआ करती थीं।

नए अयोध्या जिले और अयोध्या मण्डल का मुख्यालय अयोध्या शहर बना दिया गया है। पहले यह फ़ैज़ाबाद में स्थित था। अयोध्या समुद्र तल से 93 मीटर (305 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। फ़ैज़ाबाद जिले का नया नाम अयोध्या कर दिये जाने से साधू संतों की एक लंबे समय से चली आ रही माग पूरी हो गयी है।

क्या आप जानते हैं कि अयोध्या का एक दूसरा नाम साकेत है। इसे अवधपुरी के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन समय में अयोध्या कोसल साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी। इसका उल्लेख महाजनपदों के समय से भी पुराना है। प्राचीन बौद्ध और जैन ग्रन्थों में भी साकेत और अयोध्या का उल्लेख हुआ है।

प्राचीन काल से ही न केवल भारतवर्ष में बल्कि पूरे विश्व में इस भूमि को अयोध्या के नाम से ही जाना जाता है। जिले का नाम अयोध्या बदलने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या में एक नया मेडिकल कॉलेज और हवाईअड्डा भी बना रही है जिनका नाम क्रमशः राजर्षि दशरथ और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के नाम पर रखा जाएगा।

अयोध्या प्राचीन काल से ही भगवान श्री राम की जन्मभूमि मानी जाती है। अयोध्या सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है। नवनिर्मित अयोध्या जिले में फिलहाल एक नगर निगम, 4 नगर निकाय, 18 पुलिस स्टेशन और 1272 गाँव शामिल हैं। अयोध्या जिले में लोक सभा की एक और विधान सभा की 5 सीटें हैं।

हिन्दू धार्मिक विश्वासों  के अनुसार अयोध्या हिंदुओं के सात सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों (मोक्षदायिनी सप्त पुरियों) में से एक है।

कैसे बदलता है किसी राज्य, जिले या शहर का नाम?

किसी भी राज्य, जिले, शहर या गाँव का नाम बदलने का प्रस्ताव स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों या राज्य सरकार द्वारा उठाया जाता है जिस पर संबन्धित राज्य सरकार का मंत्रिमंडल विचार करता है। इसके बाद यह राज्यपाल के पास भेज दिया जाता है जहां से उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रेषित किया जाता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय इस तरह के प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लेता है। इसके लिए पहले गृह मंत्रालय  रेल मंत्रालय, डाक विभाग और सर्वेक्षण विभाग से अनापत्ति लेकर यह निश्चित करता है कि इन संगठनों के रिकॉर्ड में ऐसा कोई शहर या गाँव तो नहीं है जिसका नाम प्रस्तावित नए नाम के समान है।

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा किसी भी शहर या गाँव का नाम बदलने के लिए किसी भी संविधान संसोधन की आवश्यकता नहीं होती है। केवल एक सरकारी आदेश (executive order ) के द्वारा यह हो जाता है। किन्तु किसी राज्य का नाम बदलना हो तो संसद में साधारण बहुमत के साथ संविधान में संशोधन की आवश्यकता होती है। इन प्रक्रियाओं के बाद गृह मंत्रालय राज्य सरकार को अपना निर्णय भेज देती है।

किन शहरों का नाम बदला जा चुका है    

इससे पहले 15 अक्तूबर 2018 को इलाहाबाद का नाम भी बदलकर प्रयागराज कर दिया गया था। पिछली बार किसी राज्य का नाम  2011 में बदला गया था, जब उड़ीसा का नाम बदलकर ओडिशा कर दिया गया था। इसके अलावा बंबई का नाम भी 1995 में बदलकर मुंबई कर दिया गया था। 1996 में मद्रास को बदलकर चेन्नई और 2001 में कलकत्ता का नाम बदलकर कोलकाता किया गया था। 2014 में कर्नाटक के बैंग्लोर का नाम भी बदलकर बंगलुरु कर दिया गया था।

अभी हाल ही में मुगलसराय शहर और रेल्वे स्टेशन का नाम भी बदला गया जो अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर (DDU) के नाम से जाना जाता है। फिलहाल पश्चिम बंगाल का नाम भी बदलकर बांग्ला करने का विचार हो रहा है।

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