गुजरात की वेशभूषा और पोशाक क्या है ? Gujarat Fashion

भारत की खूबसूरती यहां की रंग बिरंगी संस्कृति भी है। यहां के प्रत्येक राज्यों में अपनी – अपनी विशेष वेशभूषा और पोशाक है। भारत में वेशभूषा तथा पोशाक के आधार पर ही कुछ लोगों के राज्यों के बारे में पता लगाया जा सकता है। अन्य राज्यों की तरह गुजरात की भी अपनी विशेष वेशभूषा और पोशाक हैं। गुजरात में सामान्य रूप से लोग वहां की पारंपरिक पोशाकों में ही नज़र आते हैं।

गुजरात के पुरुषों तथा महिलाओं की अलग – अलग पारंपरिक वेशभूषा है।

गुजरात की वेशभूषा और पोशाक

पुरुषों की पारंपरिक वेशभूषा में सामान्यतः कुर्ता, धोती पगड़ी इत्यादि शामिल होते हैं। पुरुष शरीर के निचले हिस्से  में मूल रूप से Chorno पहनते हैं। यह धोती की ही तरह होता है। हालांकि, यह सिलाई किया हुआ होता है। लेकिन यह धोती की ही तरह ढीला रहता है। Chorno पहनने के बाद ऊपरी हिस्से में Kediyu नाम की पोशाक पहनी जाती है। यह कुछ हद तक कुर्ते की तरह होता है। लेकिन वास्तव में यह कुर्ते से अलग रहता है। इसके साथ सिर पर विशेष रूप से बनाई गई पगड़ी भी पहनी जाती है। इस पोशाक का उपयोग गुजरात में पुरुषों द्वारा अधिक्तर विशेष मौकों पर किया जाता है।

इसके अलावा पुरुष पारंपरिक गुजराती धोती तथा गुजराती कुर्ता भी पहनते हैं। गुजरात में इस पोशाक का चलन आज भी है। इसके साथ भी विशेष रूप से तैयार की गई पगड़ी पहनी जाती है। वहीं, अधिक उम्र के लोग आभूषणों का भी उपयोग करते हैं। इसमें विशेष रूप से सोने से बनी चीज़ों का उपयोग आम है।

गुजरात के महिलाओं की वेशभूषा की बात करें, तो विशेष मौकों पर महिलाएं घाघरा – चोली पहनती हैं। Ghagra Choli को Chaniya Choli के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा महिलाएं इसी से मिलता जुलता एक पोशाक पहनती हैं। इसे जहाबो (Zhabo) तथा लहंगा के नाम से जाना जाता है।

इन पारंपरिक वस्त्रों के अलावा भारत की पहचान मानी जाने वाली साड़ी का उपयोग भी बड़े स्तर पर किया जाता है। इसके साथ ही गहनों की भी परंपरा भारत के ही अधिक्तर राज्यों की तरह ही है।

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