आईडिया (Idea) के मालिक कौन है ? Owner of idea

2016 में जब जिओ (Jio) कंपनी ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में प्रवेश लिया तो, इसका प्रत्यक्ष (Direct) रूप से प्रभाव उस दौरान मौजूद अन्य टेलीकॉम (Telecom) कंपनियों पर पड़ा। जिसके परिणामस्वरूप कई कंपनियो ने अपना अस्तित्व खो दिया, जबकि कुछ घाटे में चली गई। इसका स्पष्ट कारण जियो द्वारा प्रदान किये जाने वाली सस्ती सुविधाएं थी। जो उस समय बाजार में कोई अन्य Telecom ब्रांड नहीं दे पा रहा था। इसी के चलते उस समय की सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली कंपनी, आईडिया (Idea) को वोडाफ़ोन से विलय करना पड़ा। विलय (Merge) करने के बाद उनका अस्तित्व तो बचा रहा, लेकिन उनकी उपयोगिता एवं उनके उपभोक्ताओं में भारी गिरावट देखी गई। इस Article में हम इसी Idea कंपनी की बात विस्तार से करेंगे।

Idea से Vodafone Idea तक का सफर –

Idea की स्थापना 1995 में जब हुई, तब Birla Communications Limited ने गुजरात एवं महाराष्ट्र में GSM Licenses प्राप्त कर लिया था। इसकी स्थापना Idea Cellular Limited के तौर पर हुई थी। इसके बाद में  2002 में इसको Idea ब्रांड का नाम दिया गया। लेकिन जब 2016 में जिओ (Jio) कंपनी आई, तो इस कंपनी ने कुछ बदलाव करके 2017 में घोषणा कर दी कि, वह अपनी कंपनी Idea Cellular को Vodafone India के साथ विलय करेंगी। जुलाई 2018 में इस विलय को दूरसंचार विभाग  (Department Of Telecommunications) से अनुमोदन प्राप्त हो गया। जिसके बाद अगस्त 2018 में National Company Law Tribunal ने इस विलय प्रस्ताव को अंतिम अनुमति प्रदान कर दी। इस प्रकार 31 अगस्त 2018 को यह Merger पूरा हुआ। जिसके बाद इसका नया नाम Vodafone Idea Limited रखा गया।

Vodafone Idea Limited एक भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर है। इसका Corporate मुख्यालय महाराष्ट्र के मुंबई (Mumbai) में है, जबकि इसका दूसरा Registered गुजरात के गांधीनगर (Gandinagar) में है। यह एक सार्वजनिक (Public) निगम के रूप में अपने कार्य को संचालित करती हैं। इंटरनेट सेवाएं, Wireless Broadband, एवं मोबाइल टेलीफोनी के साथ साथ यह Mobile Payments जैसी सुविधाएं भी अपने उपभोक्ताओं को प्रदान करता है। 31 मार्च 2020 के आंकड़ों के अनुसार इसका Subscriber Base करीबन 319.19 Million का था, जो इसको भारत का तीसरा सबसे बड़ा Mobile Telecommunications Network बनाता है। अगर विश्व मे इसकी बात की जाये तो, इस मामले में यह पांचवे स्थान पर काबिज है। 2020 के शुरुआती महीने के आँकड़े इसका कुल राजस्व (Revenue) ₹ 11,723 Million दर्शाते हैं। इसके अलावा इसकी कुल आय (Net Income) ₹ 145,711 Million मापी गई थी। इस संगठन में इस दौरान लगभग 13,520 कमर्चारी कार्यरत थे। संचालन विभाग पर बात की जाये तो, वर्तमान समय मे इसके Chairman कुमार मंगलम बिरला (Kumar Mangalam Birla) है। इनके साथ CEO की भूमिका में Ravinder Takkar है।

Vodafone India के मालिक –

जैसा कि आप सभी जानते है कि, जितनी भी बड़ी कंपनिया होता है, अक्सर उनका मालिकाना हक (Ownership) किसी एक व्यक्ति के अधिकार में नहीं होता है। इसके लिये वह यह हक अंश (Share) के तौर पर साझा कर लेते है। जून 2020 तक इस कंपनी का मालिकाना हक भी इसी तरह मुख्य रूप से 4 हिस्सो में बंटा हुआ है।

1) Vodafone Group [45.1%]

यह इस कंपनी का सबसे बड़ा अंशधारक है। जो कुल 100 फीसदी में से 45.1% शेयर अपने नाम किये हुये है। Vodafone Group एक ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय दूरसंचार कंपनी है। जो करीबन 25 देशों में अपनी टेलीकॉम सेवाओं को प्रदान करता है।

2) Aditya Birla Group [26.0%]

कुल 26% फीसदी Share के साथ यह ग्रुप, इस कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा Shareholder है। Aditya Birla Group एक भारतीय Conglomerate है, जो मुख्य रूप से सीमेंट, कपड़े, केमिकल्स, दूरसंचार एवं धातुओं का व्यवसाय करता है। इसका व्यापार दुनिया के करीबन 34 देशों में होता है।

3) Axiata Group Berhad [8.17%]

इस कंपनी के मालिकाना हक में तीसरे हिस्सेदार के रूप में Axiata Group Berhad आता है। इसकी कुल हिस्सेदारी 8.17 % है। इस ग्रुप को ज्यादातर लोग Axiata के नाम से जानते है। यह मलेशिया (Maleshiya) की एक दूरसंचार Company है, जिसका ज्यादातर कार्य एशिया महाद्वीप में होता है।

 4) Private Equity [20.73%]

Vodafone Idea का तीसरा सबसे बड़ा शेयर Private Equity के तौर पर प्राइवेट कंपनिया खरीद लेती है। यह हिस्सा कुल 20.73 फीसदी है। जो कंपनिया यह शेयर खरीदती है, वह मुख्यतः निजी स्वामित्व वाली होती है, जो Stock Exchange में सूचीबद्ध नही होती है।

Arvind Patel

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