भारत की सबसे लंबी सहायक नदी कौन सी है।

भारत नदी, झरनों, समुद्रों, पहाड़ों इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है। भारत के ये संसाधन खास कर यहां की नदियां भारत में रह रहे लोगों के जीवन के महत्वपूर्ण आधारों में से एक है। भारत में गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र इत्यादि जैसे कई महत्वपूर्ण नदी हैं, जो कि भारत में खेती-बाडी से ले कर उद्योगों में भी अपनी अहम भूमिका निभाती है।

bhart ki sabse lambi shayak nadi naam

भारत में नदियों के साथ धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं , तथा नदियों को भी सम्मान प्राप्त हैं। भारत मे धार्मिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण नदी गंगा नदी को माना जाता है। गंगा नदी उत्तराखंड में मौजूद गंगोत्री ग्लेशियर, सतोपंथ ग्लेशियर इत्यादि से निकल कर भारत तथा बांग्लादेश जाती है। गंगा नदी की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है तथा यह महत्वपूर्ण नदियों में गिनी जाती है। गंगा नदी मुख्य रूप से उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल से हो कर बहती है। आगे यह नदी बांग्लादेश में पद्मा नदी के रूप में निकल जाती है

भारत में बहने वाली कई नदियां उप नदियों यानी सहायक नदी से मिल कर बहती है। गंगा नदी के भी कई सहायक नदियां है। इनमें सबसे बड़ी सहायक नदी यमुना नदी है। गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी होने के साथ-साथ यमुना नदी भारत में मौजूद सभी सहायक नदियों में से  सबसे बड़ी सहायक नदी है।

भारत की सबसे बड़ी सहायक नदी, यमुना नदी के बारे में जानने से पहले आपको बताते हैं कि सहायक नदी ( Tributary River )  या उप नदी किसे कहते हैं।

  • सहायक नदी किसे कहते हैं?

वे नदियाँ जो कि किसी ग्लेशियर से निकलने के बाद नदियों के रूप में तो आगे निकलती हैं तथा दूरी तय करती हुई अलग-अलग हिस्सों में बहती है, लेकिन यह खत्म किसी अन्य नदियों में ही मिल कर होती है। उदाहरण के तौर पर गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी यमुना नदी है। यह कई राज्यों से होते हुए अन्तः उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी में मिल कर खत्म हो जाती है।

यमुना नदी – भारत की सबसे बड़ी सहायक नदी

  • संक्षिप्त परिचय

उत्तराखंड के उत्तर काशी ज़िले में मौजूद हिमालय की बन्दरपूच चोटी की यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलने वाली यह नदी 1376 किलोमीटर लंबी है। यमुनोत्री ग्लेशियर से यह नदी 3293 मीटर की ऊंचाई से निकलती है। यहां से निकलने के बाद उत्तराखंड, हरियाणा तथा दिल्ली तक जाती है। इन राज्यों से होते हुए यह उत्तर प्रदेश तक भी जाती है, जहां यह अंततः गंगा नदी में मिल जाती है। यहां से गंगा नदी आगे निकल जाती है जबकि यमुना नदी का सफर यहीं पर खत्म हो जाता है।

गंगा नदी में यमुना नदी का विलय उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद ( अब प्रयागराज ) में मौजूद त्रिवेणी संगम के पास होता है। यह स्थान धार्मिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। विभिन्न धार्मिक मान्यताओं तथा इन नदियों के संगम का ज़िक्र धार्मिक ग्रन्थों में होने के कारण इसी स्थान पर 12 साल में एक बार आने वाले विशाल कुंभ मेला का भी आयोजन किया जाता है।

गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी यमुना नदी तो है ही, इसके अलावा भी 6 अन्य नदियां गोमती, घाघरा, कोसी, सोन, गंडक तथा रामगंगा नदी भी इनकी सहायक नदियां हैं। इस तरह कुल 7 नदी गंगा नदी की सहायक नदी है।  भारत में सबसे अधिक सहायक नदियां गंगा नदी की है।  इसके अलावा अगर यमुना नदी की सहायक नदियों की बात करें तो इसकी 6 सहायक नदियां क्रमशः चंबल, सिंध, बेतवा, केन, टोंस तथा हिंडन नदी है।

Leave a Reply