भारत में कितने धर्म है। भारत के विभिन्न धर्मो की सूची।

भारत एक विविधताओं से भरा हुआ देश है, यह विविधता धर्म के मामले में भी दिखाई देती है। वैसे तो भारतीय गणराज्य का कोई धर्म नहीं है क्योंकि यह एक धर्मनिरपेक्ष गणतंत्र है। भारत दुनिया के कई बड़े धर्मों का जन्म स्थल रहा है जैसे कि हिंदू धर्म, बुद्धिज्म, जैन धर्म एवं सिख धर्म।

  • हिंदू धर्म

2011 की जनगणना के अनुसार 79.80 % लोग हिंदू धर्म को मानते हैं। हिंदू धर्म को मानने वाले भारतीय उपमहाद्वीप एवं दक्षिणी एशिया में पाए जाते हैं। हिंदू धर्म को सनातन धर्म के नाम से भी जाना जाता है सनातन धर्म का मतलब होता है अविनाशी परंपरा अर्थात एक ऐसी परंपरा जो आपके जन्म के पश्चात भी बनी रहती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदू धर्म दुनिया का सबसे पुराना धर्म है।विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदू धर्म इस दुनिया में लगभग 5000 वर्षों से भारतीय उपमहाद्वीप में है। परंतु हिंदू धर्म को मानने वालों का विश्वास है कि यह धर्म हमेशा से इस धरती पर रहा है।

हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथ कुछ इस तरह से हैं:

  • ऋग्वेद।
  • सामवेद।
  • यजुर्वेद।
  • अथर्ववेद।
  • रामायण।
  • महाभारत।
  • गीता।

हिंदू धर्म में देवी देवताओं को पूजे जाने के सबूत सिंधु घाटी की सभ्यता के बचे हुए अवशेषों से मिलते हैं यह सभ्यता ईसा पूर्व 2300 से ईसा पूर्व 1500 के बीच की है। सिंधु घाटी की सभ्यता का इतिहास भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में भी काफी स्वर्णिम रहा है।

  • इस्लाम

2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आबादी का 14.2% हिस्सा इस्लाम को मानने वाले  लोग का है। अर्थात इस्लाम ना सिर्फ दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा आबादी वाला धर्म  है बल्कि भारत में भी यह  दूसरी सबसे ज्यादा आबादी वाला  धर्म है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस्लाम का भारत में आगमन सातवीं शताब्दी में मुस्लिम व्यापारियों के भारत में आने के साथ हुआ परंतु मुस्लिम आबादी या फिर  अन्य धर्मों को मानने वालों  की  इस्लाम को अपनाने की प्रक्रिया पर तब बढ़ी जब भारत में मुस्लिम शासकों का शासन प्रारंभ हुआ। उदाहरण के लिए दिल्ली सल्तनत या फिर मुगल साम्राज्य।इस्लाम को मानने वाले लोग लगभग पूरे भारत में बराबर तरीके से बटे हुए हैं परंतु कश्मीर एक ऐसा राज्य है जहां पर इस्लाम को मानने वाले लोग बहुसंख्यक हैं।

  •  ईसाई धर्म

2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या में से 2.30% लोग ईसाई धर्म को मानने वाले हैं। ईसाई धर्म का भारत में आगमन कब हुआ इस बात को लेकर विशेषज्ञों के बीच में मतभेद है परंतु ऐसा  मन जाता है की छठवीं शताब्दी में कई इसाई समुदायों का भारत में रहने के स्पष्ट सबूत है।

केरल एवं गोवा में ईसाई धर्म को मानने वाले लोग बड़ी संख्या में रहते हैं इसी तरह उत्तर पूर्व के राज्यों में भी ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या बहुत है।

  • सिख धर्म

2011 की जनगणना के अनुसार भारत में सिख धर्म को मानने वाले लोगों की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 1.72% है। सिख धर्म भारत में जन्म लेने वाले धर्मों में से एक है। इस धर्म की शुरुआत गुरु नानक देव के साथ होती हैं जिनका जन्म 1469 में हुआ एवं मृत्यु 1539 में।  सिख धर्म का प्रमुख ग्रंथ ,गुरु ग्रंथ साहिब है जिसको सिक्खों के पांचवे गुरु गुरु अर्जन देव ने लिखा जो कि सिख धर्म के पहले 5 गुरुओं के  लेखों पर आधारित था। सिखों के अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह की मृत्यु  के पश्चात गुरु ग्रंथ साहिब को हमेशा के लिए सिखों का गुरु मान लिया गया।

  • बुद्धिज्म

2011 की जनगणना के अनुसार बुद्धिज्म को मानने वाले लोगों की जनसंख्या भारत की कुल जनसंख्या का 0.7% है। बुद्धिज्म विभिन्न धर्मों में से एक है जिन का उत्पत्ति भारत की भूमि से हुई है। बुद्धिज्म की उत्पत्ति गौतम बुद्ध या सिद्धार्थ के साथ हुई। सिद्धार्थ के जन्म के विषय में कुछ मतभेद हैं कुछ लोगों का मानना है कि उनका जन्म ईसा पूर्व 563 में लुंबिनी में हुआ एवं मृत्यु ईसा पूर्व 483 में हुयी। बुद्ध धर्म भारत में जन्म लेकर पूरे एशिया में फैल गया।आज बौद्ध धर्म को मानने वालों की बहुत बड़ी संख्या दलाई लामा को अपना गुरु मानती है।दलाई लामा 1962 के भारत-चीन युद्ध के मुख्य कारणों में से एक  थे|

  • जैन धर्म

2011 की जनगणना के अनुसार जैन धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या पूरी जनसंख्या का 0.37% है। जैन धर्म को मानने वाले लोग भारत के हर राज्य में आपको मिल जाएंगे  केवल लक्ष्यदीप ही  ऐसी जगह है जहां पर इस धर्म को मानने वाले लोग नहीं हैं। इस धर्म का जन्म भी भारत में ही हुआ। धर्म के जन्म के विषय में विशेषज्ञों के बीच में थोड़े बहुत मतभेद है पर ऐसा माना जाता है कि जैन धर्म के अवशेष वैदिक काल के पहले सिंधु घाटी की सभ्यता में भी मिलते हैं अर्थात या धर्म भारत के सबसे पुराने धर्म में से एक है।

  • जोरास्ट्रीयन

जोरास्ट्रीयन धर्म को मानने वाले लोगों की एक बहुत ही छोटी जनसंख्या भारत में रहती है परंतु इस धर्म को मानने वाले लोगों का प्रभाव इस की जनसंख्या के मुकाबले कहीं ज्यादा है। इस धर्म को मानने वाले लोगों को हम सरल शब्दों में पारसी  समुदाय के नाम से जानते हैं। यह  धर्म दुनिया के सबसे पुराने धर्म में से एक है।ऐसा माना जाता है कि इस धर्म को मानने वाले लोग सातवीं शताब्दी में सबसे पहले भारत के गुजरात में आकर बसे इस बात का प्रभाव आज भी देखने को मिलता है क्योंकि पारसी समुदाय की पहली भाषा आज की गुजराती है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र है, आबादी के हिसाब से भी यह दुनिया के सबसे बड़े देश में मिलते हैं इसीलिए यहां ऊपर बताए धर्मों के अलावा भी कई धर्म माने जाते हैं। परंतु प्रमुख धर्मों के बारे में हमने आपको ऊपर बताने का प्रयास किया है।

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