इसरो क्या है ? इसरो की स्थापना किसने की थी। ISRO in Hindi

ISRO भारत की स्पेस एजेंसी है । इससे पहले कि हम आगे बढ़े और इसरो के विषय में आपको कुछ और बताएं आपको इसरो के कुछ आंकड़ों से अवगत कराते हैं। इसरो ने आज तक 101 स्पेसक्राफ्ट मिशन लॉन्च किए हैं जिनमें तीन नैनो सेटेलाइट और एक माइक्रोसैटलाइट मिशन शामिल है । इसरो ने  72 मिशन लॉन्च किए हैं। इसरो ने 9 स्टूडेंट सेटेलाइट लांच किए हैं । इसरो ने अभी तक दो Re-entry mission को पूरा करने में सफलता पाई है ।

इसरो ने अभी तक 269 विदेशी सेटेलाइट को उनकी कक्षाओं तक पहुंचाने में सफलता पाई है । यह 269 सेटेलाइट 32 अलग-अलग देशों के थे । अब जब आपने इसरो की उपलब्धियों पर नजर डाल ली है तो इसके इतिहास पर एक नजर डालते हैं ।

isro kya hai

ISRO का इतिहास क्या है ? History of ISRO

इसरो भारत की पहली स्पेस एजेंसी नहीं थी इसके पहले भारत के स्पेस रिसर्च में काम करने वाली एजेंसी को Indian National Committee for Space Research (INCOSPAR) के नाम से जाना जाता था । इसकी स्थापना 1962 में डॉ विक्रम साराभाई के नेतृत्व में की गई थी । डॉ विक्रम साराभाई को भारतीय स्पेस प्रोग्राम का भीष्म पितामह कहा जाता है,  उनकी वजह से ही  एपीजे अब्दुल कलाम जैसे लोग भारतीय स्पेस रिसर्च प्रोग्राम में  आए ।

INCOSPAR को 1969 में बंद कर दिया गया और इसकी जगह पर इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन (Indian Space Research Organisation) अर्थात इसरो की स्थापना की गई। इसकी स्थापना का उद्देश्य यह था कि भारत अपने दम पर अंतरिक्ष  टेक्नॉलॉजी का विकास करें ताकि उसे सोवियत संघ या फिर संयुक्त राज्य अमेरिका की टेक्नोलॉजी पर  निर्भर न रहना पड़े ।

1969 में स्थापित की गई यह संस्था आज दुनिया की 6 सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी में से एक है ।  आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि इसरो की सफलता की दर अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा से भी ज्यादा है । चंद्रयान प्रथम, चंद्रयान द्वितीय ,मंगलयान के अलावा विश्व की सबसे  बड़ी उपलब्धियों में से दो हैं। Payload satellite launching vehicle PSLV एवं Geo satellite launching vehicle GSLV, वर्तमान में इसरो के द्वारा execute किए जाने वाले सारे मिशन में इन्हीं दोनों लॉन्चिंग व्हीकल का उपयोग किया जा रहा है । 

यही नहीं यह दोनों आपस में मिलकर 100 से ज्यादा सैटेलाइट अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित कर चुके हैं जिनमें से ज्यादातर सेटेलाइट दूसरे देशों के थे । ऐसी ही अन्य रोचक जानकारियों के लिए हमारे साथ बनी रहे  ।

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