जम्मू और कश्मीर में कितने जिले है सभी जिलों के नाम क्या है

जम्मू – कश्मीर में कितने जिले हैं (number of districts in jammu & Kashmir) इस article में है इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे क्योंकि यह राज्य भारत का एक महत्वपूर्ण अंग है इसीलिए Jammu kashmir me kitne jile hai इसके बारे में पता होना चाहिए । इस article में हम जम्मू – कश्मीर के सभी जिलों के नाम क्या है तथा उनकी जनसंख्या क्षेत्रफल क्या है इसके बारे में भी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने वाले हैं चलिए शुरू करते हैं।

जम्मू-कश्मीर भारत के सबसे उत्तर में बसा राज्य है। भारत के सभी राज्यों में सिर्फ जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना अलग संविधान है। वर्तमान 2019 में जम्मू-कश्मीर राज्य में 22 जिले हैं जिन्हे प्रशासन की सुविधा के लिए 3 मंडलों में विभाजित किया गया है। इस राज्य के तीन प्रशासनिक मण्डल या संभाग लद्दाख, कश्मीर और जम्मू हैं।

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जम्मू-कश्मीर के जिले और संभाग (मण्डल) Districts and Divisions in Jammu-Kashmir State

इस राज्य में तीन अलग-अलग क्षेत्र हैं कश्मीर घाटी, जम्मू और लद्दाख। 2011 की जनगणना के अनुसार जम्मू-कश्मीर के इन तीन संभागों में कुल मिलाकर 22 जिले हैं। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 2019 तक इन जिलों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

जम्मू और कश्मीर राज्य का कुल क्षेत्रफल 2,22,236 वर्ग किलोमीटर है जिसमें 78,114 वर्ग किमी पाकिस्तान द्वारा भारत की अवैध कब्जा की हुई और 5180 वर्ग किमी भूमि अवैध रूप से पाकिस्तान द्वारा चीन को दी गयी भी शामिल है। इसके अलावा इस क्षेत्रफल में चीन द्वारा अवैध कब्जा किया हुआ जम्मू-कश्मीर के लद्दाख इत्यादि जिलों का 5,180 वर्ग किमी क्षेत्रफल भी शामिल है।

जम्मू-कश्मीर राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और शीतकालीन राजधानी जम्मू-तवी है। सिंधु और झेलम इस राज्य की प्रमुख नदियां हैं।

जम्मू-कश्मीर के जिलों के नाम, जनसंख्या, लिंगानुपात, क्षेत्रफल इत्यादि

जम्मू-कश्मीर राज्य में कितने जिले हैं यह जानने के बाद आइए जम्मू-कश्मीर के सभी 22 जिलों की जनसंख्या, क्षेत्रफल, जनसंख्या घनत्व, लिंगानुपात इत्यादि के बारे में जानकारियों से परिचित होते हैं।

S. no. District जिला मुख्यालय Population 2011 जनसंख्या Area क्षेत्रफल (वर्ग किमी)Density घनत्व Sex Ratio लिंगानुपातलोक सभा सीटें विधान सभा सीटें
1.अनंतनाग जिलाअनंतनाग10,78692 3574 302 927 1 10
2.बांदीपोराबांदीपोरा392232 345 1137 889 0 0
3. बारामुला बारामुला1008039 4243 238 885 1 10
4. बडगाँव बडगाँव 753745 1371 554 894 0 5
5. डोडा डोडा 409936 8912 46 919 0 6
6. गांदरबल गांदरबल 297446 2591148 874 0 2
7. जम्मू जम्मू 1529958 2342 653 880 1 11
8. कारगिल कारगिल 140802 14036 10 810 0 2
9. कठुआ कठुआ 616435 2502 246 890 0 5
10. किश्तवाड़ किश्तवाड़ 230696 1644 140 920 0 0
11. कुलगाम कुलगाम 424483 4101035 951 0 0
12. कुपवाड़ा कुपवाड़ा 870354 2379 366 835 0 5
13. लेह लेह 133487 45110 3 690 1 2
14. पुंछ पुंछ 476835 1674 285 893 0 3
15. पुलवामा पुलवामा 560440 1086 516 912 0 6
16.राजौरी राजौरी 642415 2630 244 860 0 4
17.रामबन रामबन 283713 1329 213 902 0 0
18.रियासी रियासी 314667 1719 183 890 0 3
19. सांबा सांबा 318898 904 353 886 0 2
20.शोपियां शोपियां 266215 312 853 951 0 0
21. श्रीनगर श्रीनगर 1236829 1979 625 900 1 8
22.उधमपुर उधमपुर 554985 2637 210 870 1 3

जम्मू और कश्मीर राज्य का सबसे नया प्रशासनिक प्रभाग लद्दाख है जिसके गठन की 2019 में मंजूरी दी गयी है। लद्दाख प्रभाग में लेह और कारगिल जिले शामिल हैं और इसका मुख्यालय लेह में स्थित है। लद्दाख क्षेत्र भौगोलिक रूप से एक विरल आबादी और दुर्गम इलाके वाला प्रभाग है। जम्मू-कश्मीर राज्य के जिलों का औसत जनसंख्या घनत्व 124 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।

जनसंख्या की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर के 5 सबसे बड़े जिले कौन से हैं

भारत सरकार की 2011 जनगणना के अनुसार जम्मू-कश्मीर राज्य की कुल जनसंख्या 12,541,302 व्यक्तियों की है। जनसंख्या के मामले में जम्मू और कश्मीर भारत का 19वां सबसे बड़ा राज्य है। 2001 से 2011 के दशक बीच इस राज्य की जनसंख्या में 23.64% की वृद्धि दर्ज की गयी। जम्मू-कश्मीर के सबसे ज्यादा आबादी वाले जिले (उनकी जनसंख्या के साथ) ये हैं-

1. जम्मू 15,29,958
2. श्रीनगर 12,36,829
3. अनंतनाग 10,78,692
4. बारामुला 10,08,039
5. कुपवाड़ा 8,70,354

क्षेत्रफल की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर के 5 सबसे बड़े जिले

जम्मू-कश्मीर राज्य का कुल क्षेत्रफल 2,22,236.00 वर्ग किमी है। क्षेत्रफल की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा जिला लेह जिला है जिसका क्षेत्रफल 45110 वर्ग किमी है। क्षेत्रफल के मामले में जम्मू-कश्मीर भारत का पाँचवाँ सबसे बड़ा राज्य है। क्षेत्रफल के अनुसार जम्मू-कश्मीर के पाँच सबसे बड़े जिले ये हैं-

  1. लेह 45110 (वर्ग किमी)
  2. कारगिल 14036
  3. डोडा 8912
  4. बारामूला 4243
  5. अनंतनाग 3574

सर्वाधिक लिंगानुपात वाले जम्मू-कश्मीर के जिलों के नाम

जम्मू-कश्मीर राज्य के जिलों का औसत लिंगानुपात 889 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष है। इस मामले में जम्मू-कश्मीर का सबसे अधिक लिंगानुपात वाला जिला शोपियां और कुलगाम जिला हैं। इन दोनों जिलों में 2011 की जनगणना में 951 लिंगानुपात रेकॉर्ड किया गया था। जम्मू-कश्मीर के सर्वाधिक लिंगानुपात वाले 5 जिले ये हैं-

  1. शोपियां 951; कुलगाम 951
  2. अनंतनाग 927
  3. किश्तवाड़ 920
  4. डोडा 919
  5. पुलवामा 912

सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले जम्मू-कश्मीर के जिलों के नाम

जम्मू-कश्मीर राज्य का अधिकतर भूभाग हिमालय के पहाड़ों से घिरा है और दुर्गम है। इस कारण इस राज्य के कई जिलों में जनसंख्या विरल है जिसके चलते इस राज्य का जनसंख्या घनत्व बहुत कम है। हालांकि कुछ जिलों में, जो मैदानी घाटी में हैं और जो रहने योग्य हैं, जनसंख्या घनत्व दूसरे राज्यों की तरह ही हैं। जम्मू कश्मीर राज्य का औसत जनसंख्या घनत्व 124 है। जम्मू कश्मीर का सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला गांदरबल जिला है जिसका जनसंख्या घनत्व 1148 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। इसके बाद दूसरा स्थान बांदीपुरा जिले का है। जम्मू-कश्मीर राज्य के सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले 5 जिले ये हैं-

(नोट-सभी आंकड़े व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर में)

  1. गांदरबल 1148
  2. बांदीपुरा 1137
  3. कुलगाम 1035
  4. शोपियां 853
  5. जम्मू 653

सर्वाधिक साक्षरता वाले जम्मू-कश्मीर राज्य के जिले कौन-से हैं

2011 जनगणना के अनुसार जम्मू-कश्मीर राज्य की साक्षरता 67.16 प्रतिशत है। जम्मू कश्मीर राज्य का सबसे अधिक साक्षर जिला जम्मू जिला है जिसकी साक्षरता दर 83.45% रेकॉर्ड की गयी थी। 2001 के मुक़ाबले 2011 की जनगणना में जम्मू-कश्मीर की साक्षरता दर में सुधार हुआ है। जम्मू और कश्मीर राज्य के सर्वाधिक साक्षर 5 जिले ये हैं-

  1. जम्मू 83.45%
  2. सांबा 81.41%
  3. लेह 77.20%
  4. कठुआ 73.09%
  5. कारगिल 71.34%

जम्मू-कश्मीर राज्य ; संक्षिप्त इतिहास

मौर्य सम्राट अशोक महान से लेकर मुग़ल शहंशाह अकबर तक सभी ने जम्मू-कश्मीर में अपनी छाप छोड़ी है। तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व ( 3rd Century BCE) में सम्राट अशोक ने जम्मू-कश्मीर में बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार करवाया था। बाद में महाराज कनिष्क ने भी इस क्षेत्र में बौद्ध धर्म को बढ़ावा दिया था। हूणों ने इस घाटी पर 6वीं शताब्दी की शुरुआत में कब्जा किया था। किन्तु जल्द ही जम्मू के क्षेत्रों पर उज्जैन के शासकों का नियंत्रण हो गया था। 7वीं शताब्दी आते-आते यहाँ फिर से स्वतंत्र हिन्दू शासकों का नियंत्रण हो गया था। जम्मू-कश्मीर में इस दौर में हिन्दू-बौद्ध मिली-जुली संस्कृति मौजूद थी। ललितादित्य (697-738 इसवीं) जम्मू-कश्मीर का एक प्रमुख राजा था जिसके शासन में पूर्व में बंगाल, दक्षिण में कोंकण, उत्तर-पश्चिम में तुर्किस्तान और उत्तर में तिब्बत तक का भूभाग उसके अधीन में आ गया था।

इस राज्य में पवित्र अमरनाथ गुफा और माता वैष्णो देवी जैसे कई महत्वपूर्ण हिन्दुओं के धार्मिक स्थल स्थित हैं। 12वीं शताब्दी उत्तरार्ध में जब मुहम्मद गोरी ने भारत पर आक्रमण किए तब कई राजपूत राजाओं ने उससे बचने के लिए जम्मू में शरण ली थी।

इन राजपूत राजाओं ने जम्मू और कश्मीर में कई स्वतंत्र राजवंशों की स्थापना की और वहाँ के शासक बन गए। हालांकि वे लंबे समय तक स्वतंत्र शासक के रूप अपनी स्थिति कायम नहीं रख सके। मुगल शासकों ने जम्मू और कश्मीर के इन राजाओं को अपने आधिपत्य में कर के उन्हे मुग़ल शासन के अधीन कर दिया।

18वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य के विघटन के बाद ये राजपूत शासक फिर से स्वतंत्र हो गए और अपने आप को मुग़ल दरबार से अलग कर लिया। किन्तु जम्मू-कश्मीर के इन राजपूत राजाओं का स्वतंत्र शासन एक बार फिर उस वक़्त समाप्त हो गया जब पंजाब के महाराज रणजीत सिंह ने जम्मू और आस पास के क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण कर लिया। महाराजा रणजीत सिंह की सेना के एक प्रमुख अधिकारी गुलाब सिंह, जो जम्मू के एक शासक के वंशज थे, को 1846 में जम्मू का राजा बना दिया गया। बाद में गुलाब सिंह ने जम्मू के अलावा कश्मीर पर भी अपना राज्य स्थापित कर लिया।

महाराजा हरि सिंह के 1948 में शासन छोड़ने के समय तक महाराजा गुलाब सिंह के वंशजों ने 1948 तक जम्मू और कश्मीर की रियासत पर शासन किया। 1948 में ही राजा हरी सिंह के बेटे युवराज करण सिंह को जम्मू रियासत का रीजेंट नियुक्त किया गया था। हालांकि 17 नवंबर, 1956 को जम्मू-कश्मीर राज्य के लिए एक नया और अलग संविधान लागू होने के बाद से यहाँ राजवंश का अंत हो गया है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न राज्य है।

जम्मू कश्मीर की एक लोककथा के अनुसार, जिसका उल्लेख राजतरंगिनी और नीलमत पुराण में भी मिलता है, कश्मीर एक समय में बहुत बड़ी झील थी। ऋषि कश्यप ने अपने तपोबल से इस झील से पानी को निकाल कर इसे रहने योग्य एक मनोरम स्थान बनाया था।

जम्मू का नाम जम्मू कैसे पड़ा

जम्मू-कश्मीर के जिलों में जम्मू का सर्वाधिक महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जम्मू का नाम जम्मू कैसे पड़ा? इतिहासकारों का कहना है कि जम्मू शहर की स्थापना जंबूलोचन नाम के डोगरा राजा ने की थी। ऐसा माना जाता है कि जंबूलोचन नाम के राजा एक बार शिकार करने गए थे जहां उन्होने एक शेर और एक बकरी को एक ही तालाब से पानी पीते हुए देखा। इस घटना से वे अत्यंत प्रभावित हुए और इस स्थान पर एक ऐसे शहर की स्थापना करने का निश्चय किया जहां कमजोर और ताकतवर एक साथ शांति और भाईचारे के साथ रह सकें। बाद में उन्होने इस स्थान पर जिस शहर को बसाया उसे उनके नाम पर जम्बू कहा जाने लगा। कालांतर में जम्बू जम्मू बन गया। इस प्रकार राजा जम्बूलोचन के नाम पर वर्तमान जम्मू जिले का नाम पड़ा है। जम्मू का नाम महाभारत में भी वर्णित है।

जम्मू-कश्मीर राज्य की प्रमुख भाषाएँ कौन सी हैं

जम्मू कश्मीर राज्य में वर्तमान में उर्दू, डोगरी, कश्मीरी, पहाड़ी, पंजाबी, लदाखी, बाल्टी, गोजरी, और दादरी भाषाएँ बोली जाती है।

जम्मू-कश्मीर राज्य अन्य राज्यों से किस राजमार्ग से जुड़ा है

जम्मू और कश्मीर राज्य देश के अन्य राज्यों से सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग 1A से जुड़ा है। NH 1A लगभग 400 किमी लंबा राजमार्ग है। जम्मू, श्रीनगर और लेह इस राज्य के तीन प्रमुख हवाईअड्डे हैं। श्रीनगर हवाई अड्डा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा है।

जम्मू-कश्मीर राज्य में इस्लाम धर्म कब आया था

जम्मू और कश्मीर राज्य में इस्लाम धर्म 13वीं-14वीं शताब्दी में आया था। ज़ैन-उल-आबेदिन (1420-70) इस राज्य का सबसे अधिक लोकप्रिय मुस्लिम राजा था। 1586 में अकबर ने कश्मीर को जीत कर मुग़ल साम्राज्य में मिला लिया था। 1752 में कश्मीर मुग़लों के शासन से निकल कर अफगानिस्तान के अहमद शाह अब्दाली के नियंत्रण में चला गया।

जम्मू-कश्मीर राज्य के सभी 22 जिले अपनी सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। यह राज्य पर्यटन का केंद्र है। कश्मीर की घाटी अपने नैसर्गिक खूबसूरती के कारण दुनिया भर के पर्यटकों में बहुत लोकप्रिय है। जम्मू-कश्मीर को इसकी प्रकृतिक सुंदरता के लिए “धरती पर स्वर्ग” कहा जाता है।

 भारत के सभी 29 राज्यों में कितने जिले है पढ़िए। 
अरुणाचल प्रदेश में जिलेआंध्रप्रदेश में जिलेमध्यप्रदेश में जिले
उत्तराखंड में जिलेतेलंगाना में जिलेमणिपुर में जिले
कर्नाटक में जिले राजस्थान में जिलेहरियाणा में जिले
मिजोरम में जिले पंजाब में जिलेबिहार में जिले
सिक्किम में जिलेअसम में जिले महाराष्ट्र में जिले
झारखंड में जिले गोवा में जिलेछत्तीसगढ़ में जिले
मेघालय में जिलेतमिलनाडु में जिलेभारत में जिले 
नागालैंड में जिले वेस्ट बंगाल के जिलेउड़ीसा में जिले
हिमाचल प्रदेश में उत्तर प्रदेश में जिलेत्रिपुरा में जिले

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2 Comments

  1. deepak gour May 24, 2019
    • Arvind Patel May 24, 2019

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