अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम क्यों गिराया था ?

विश्व इतिहास का सबसे खूनी और सबसे बड़ा युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध रहा था। 1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945 तक द्वितीय विश्व युद्ध लड़ा गया, जिसमें विश्व के अधिकांश देशों ने भाग लिया था। इस युद्ध में भाग ले रहे देश धुरी राष्ट्र तथा मित्र राष्ट्र में बंटे हुए थे। धुरी राष्ट्र में इटली, जर्मनी, और जापान प्रमुख थे, जबकि मित्र राष्ट्र में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम इत्यादि थे। यह युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था और लगभग 6 साल खिंच गया।

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इतने साल तक चले युद्ध का अंत बहुत ही दुःखद रहा और विश्व के एक सबसे खूनी युद्ध के धब्बे के साथ खत्म हुआ। इस युद्ध की अकल्पनीय कीमत धुरी राष्ट्र के देश जापान को चुकानी पड़ी थी। जैसा कि अधिकतर लोग जानते हैं, कि इसी युद्ध के अंत में अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम से हमला कर दिया था। लेकिन बहुत कम ही लोगों को मालूम है, कि अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम क्यों गिराया था। इस लेख में हम बात करेंगे कि आखिर अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम क्यों गिराया था। इस लेख में इससे संबन्धित कुछ अन्य जानकारी भी देंगे।

अमेरिका द्वारा जापान पर परमाणु हमला

दूसरे विश्व युद्ध के अंतिम साल में यह और भी भीषण रूप ले चुका था। इस युद्ध में भाग ले रहे अधिक्तर देश अंत साल तक आते-आते आत्मसमर्पण कर चुके थे, लेकिन जापानी सेना हार मानने को तैयार नही थी। इस कारण यह युद्ध बढ़ता जा रहा था। इसकी कीमत अमेरिका को भी काफी चुकानी पड़ रही थी, जबकि जापान को भी खासा नुकसान हो रहा था। फिर भी दोनो में से कोई झुकने को तैयार नही था। इस तरह अंत में अमेरिका ने बहुत ही खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया।

जापान के आत्मसमर्पण न करने के कारण काफी तैयारी के बाद तथा मित्र राष्ट्र के अपने सहयोगी देश यूनाइटेड किंगडम से परमाणु हथियार के उपयोग की मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका ने जापान के बड़े शहर हिरोशिमा पर 6 अगस्त 1945 को परमाणु बम गिरा दिया। यह जापान के लिए बड़े झटके जैसा था, फिर भी जापानी सेना नही झुकी। इसके बाद फिर से इसके कुछ ही दिन बाद यानी 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर एक और परमाणु बम गिरा दिया गया। यहां से जापान की कमर टूट गयी और जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया।

अब बात करते हैं कि आखिर अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम क्यों गिराया था?

  • परमाणु हमले का प्रमुख कारण

अमेरिका द्वारा जापान पर परमाणु हमले का मुख्य कारण यह था, कि धुरी राष्ट्र के बड़े देश इस युद्ध में हार मानकर आत्म समर्पण कर चुके थे। 8 मई 1945 को धुरी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत में से एक जर्मनी ने भी आत्म समर्पण कर दिया। अब बड़ी ताकत के रूप में केवल जापान बचा था। यह हार मानने के लिए तैयार नही हुआ। जापान के साथ युद्ध चौथे वर्ष में आ चुका था। इस युद्ध में दोनो ही ओर से लोग मर रहे थे, लेकिन जापान नही मान रहा था। जापान को बिना किसीशर्त के आत्म समर्पण करने के लिए समय सीमा दी गयी। लेकिन जापान नही माना। यही इस परमाणु हमले का कारण बन गया। जापान के आत्म समर्पण के लिए न मानने की स्तिथि में अमेरिका ने हिरोशिमा पर Little Boy नाम के तथा नागासाकी पर Fat Man नाम के परमाणु बम गिरा दिए।

दोनो हमले के बाद जापान हिल गया और इसने आत्म समर्पण कर दिया। अमेरिका ने अपने बम गिरने के पीछे के फैसले पर तर्क यह दिया की अगर वह बम नही गिराता तो यह युद्ध और भी लंबा खिंच जाता एवं दोनों ही देश के लोग मरते इसलिए उसने यह कदम उठाया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना था, कि परमाणु हमले के बिना भी जापान आत्म समर्पण कर सकता था।

इस लेख के पढ़ने के बाद आपको मालूम चल गया होगा कि अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम क्यों गिराया था। अगर आपके पास इस लेख से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है, तो कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं। इसी तरह के लेख प्राप्त करने रहने के लिए इस वे Website से जुड़े रहें।

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  1. SHIVA January 30, 2019

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